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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Shahjahanpur News ›   Several houses in Ganganagar and Northern Pailani submerged by floods; walls begin to crack.

Shahjahanpur News: गंगानगर व पैलानी उत्तरी के कई घर बाढ़ से जलमग्न, दरकने लगीं दीवारें

Sun, 13 Sep 2026 01:07 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sun, 13 Sep 2026 01:07 AM IST
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Several houses in Ganganagar and Northern Pailani submerged by floods; walls begin to crack.
जलालाबाद, विश्राम को राहत किट देते कानूनगो। संवाद
मिर्जापुर (शाहजहांपुर)। गंगा के साथ रामगंगा में बेकाबू हो रही बाढ़ से दोनों नदियों के बीच और उनके आसपास बसे करीब दो दर्जन से ज्यादा गांवों का जनजीवन संकट में पड़ गया है। गंगा के किनारे बसे पैलानी उत्तरी, इस्लामनगर, आजादनगर और मस्जिदनगला तथा रामगंगा के तटवर्ती गांव गंगानगर के तमाम घरों में पानी पहुंच जाने से ग्रामीणों के आगे भोजन का संकट हो गया है। इसी तरह गंगानगर में तमाम घरों के आसपास भरे पानी के दबाव से कई घरों की दीवारें दरकने लगी हैं। तटीय गांवों के कई स्कूल परिसरों में भी पानी भर जाने से शिक्षण कार्य ठप होने की नौबत आ गई है।
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रामगंगा का पानी कस्बे के दक्षिणी भाग में कई दिन से दस्तक दे रहा था। शुक्रवार को देर रात पानी घरों के अंदर घुसने से ग्रामीणों की नींद काफूर हो गई और वह गृहस्थी का सामान बचाने की कवायद में पूरी रात सो नहीं सके। गनीमत है कि शनिवार को सुबह से पानी बढ़ा नहीं, लेकिन पहले से भरा पानी निकल भी नहीं रहा है।
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रामगंगा ने मौजमपुर, देवनगर, पहरुआ, बीघापुर, कुनिया, सादिकपुर, जैतपुर, गुलड़िया, आलमगंज, पाठकपुरा, टेढ़ा, पहाड़पुर, भरतापुर, चिकटिया, हरिहरपुर, कुंडरी आश्रम, सिठौली, कम्मरपुर, जरीनपुर, तारापुर आदि कई गांवों को निशाने पर ले रखा हैं। इनमें से ज्यादातर गांवों के संपर्क मार्ग कट चुके हैं और जो मार्ग बचे हैं, उन पर तेज धारा बह रही है।
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इन सभी गांवों की एक माह से डूबी फसलें अब सड़ने की कगार पर पहुंच गई हैं। बाढ़ प्रभावित गंगानगर की महिलाओं ने बताया कि उनके घरों के पीछे कमर तक पानी भरा होने से कई दीवारों में दरारें आ गई हैं। गंगा के किनारे बसे पैलानी उत्तर और उसके मजरों में बाढ़ से हालात खराब हो रहे हैं। गंगा की बाढ़ से जलालाबाद-शमसाबाद स्टेट हाईवे पर दो जगह अब भी करीब 200 मीटर दायरे में एक से दो फुट पानी बह रहा है।
स्टेट हाईवे से जुड़े कई संपर्क मार्ग भी डूबे हुए हैं। तहसीलदार अजहर अंसारी ने बताया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में संबंधित लेखपालों को भेजकर राहत किटों का वितरण कराने के साथ नुकसान का आकलन कराया जा रहा है।
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तटीय गांवों में सुरक्षा के लिहाज से बंद की गई बिजली आपूर्ति
मिर्जापुर। गंगा और रामगंगा में आई बाढ़ के कारण विद्युत निगम ने तटीय गांवों में सुरक्षा के लिहाज से बिजली आपूर्ति शुक्रवार रात से बंद करा दी है। इससे हजारों ग्रामीणों को अंधेरे में पूरी रात गुजारनी पड़ी।
इस्माइलपुर, पहाड़पुर, गुलड़िया, लुखड़पुरा, गुटेटी, मोहकमपुर, बीघापुर सहित आधा दर्जन से अधिक गांवों की बिजली आपूर्ति फिलहाल बंद कर दी गई है। मोबाइल चार्ज न होने और सबमर्सिबल पंप बंद होने से तमाम घरों में पानी की किल्लत हो गई है। विद्युत निगम के उपखंड अभियंता प्रकाश सिंह के अनुसार बाढ़ प्रभावित गांवों के लोगों को करंट से बचाने के लिए बिजली आपूर्ति बंद की गई है। स्थिति सामान्य होते ही बिजली आपूर्ति सुचारु करा दी जाएगी। संवाद
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कसारी खुर्द के तमाम घरों में घुसा पानी, रामगंगा से कट गए कई गांवों के संपर्क मार्ग
जलालाबाद। रामगंगा के जलस्तर में शनिवार को पांचवें दिन भी वृद्धि जारी रहने से तटीय गांवों में बाढ़ अब खतरनाक रूप लेने लगी है। रामगंगा के किनारे बसे कसारी खुर्द गांव के तमाम घरों में पानी घुस गया ओर कई गांवों के संपर्क मार्ग पानी के लगातार तेज बहाव से कटकर नदी में समा गए।
हालात की गंभीरता को देखते प्रशासन ने उन सभी गांवों में राहत किटों का वितरण शुरू करा दिया है, जहां चारों तरफ पानी भरा होने से ग्रामीणों के निकलने का कोई रास्ता नहीं बचा है। शनिवार को निकली तेज धूप से खेतों में जलमग्न फसलों के सड़ने का खतरा पैदा हो गया है।
रामगंगा की बाढ़ से सर्वाधिक प्रभावित कसारी खुर्द, बलदेवपुर, मंझारा, कटरिया, शाहपुर, चितरऊ आदि गांवों के लोगों ने बताया कि शुक्रवार शाम तक पानी में बढ़ोतरी जारी रहने से तमाम घरों के अंदर पानी पहुंच गया है। हालांकि, शनिवार सुबह से इन सभी गांवों में पानी बढ़ना बंद हो गया है।
कसारी खुर्द में 350 राहत किट बांटी जानी हैं और उनमें से 30 बांटी जा चुकी हैं। इसी तरह 242 किट खंडहर क्षेत्र में भेजी गई हैं। किट में खाद्य सामग्री के साथ आलू, लैया, चना, तिरपाल, बाल्टी, जग आदि दिया जा रहा है। एसडीएम मधुसूदन गुप्ता ने बताया कि बाढ़ प्रभावित गांवों के लिए एक हजार राहत किट और अन्य सामान मंगाया गया है। उन्होंने बताया कि गोरा गांव के विश्राम का छप्परदार घर गिरने पर उन्हें किट और अन्य राहत सामग्री सहित गृह अनुदान के रूप में नकद धनराशि दी गई है। संवाद
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बाढ़ से नालों का बहाव रुकने से कई मार्गों पर हुआ जलभराव



जलालाबाद। बरेली-फर्रुखाबाद हाईवे पर याकूबपुर तिराहा से एलमनगर कटरिया समेत अन्य गांवों को जाने वाले मार्ग पर रामगंगा और बहगुल नदियों का पानी तेजी से बहने से आसपास के नाले नालियों से पानी का निकास थम गया है। नतीजे में पास में संचालित एक निजी इंटर काॅलेज तक जाने वाले रास्ते सहित कई मार्गों पर जलभराव से कीचड़ हो गया है। एसडीएम मधुसूदन गुप्ता का कहना है कि बाढ़ उतरने के बाद खराब हुए मार्गों का सर्वे कराकर उनकी मरम्मत कराई जा सकेगी। संवाद
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जलालाबाद और मिर्जापुर (कलान तहसील) में बाढ़ की समस्या बनी हुई है। प्रभावित इलाकों में जलस्तर पर नजर रखने के साथ ही एहतियातन कदम उठाए जा रहे हैं। प्रभावित लोगों को राशन किट का वितरण किया जा रहा है।




-अरविंद कुमार, एडीएम वित्त एवं राजस्व

जलालाबाद, विश्राम को राहत किट देते कानूनगो। संवाद

जलालाबाद, विश्राम को राहत किट देते कानूनगो। संवाद

जलालाबाद, विश्राम को राहत किट देते कानूनगो। संवाद

जलालाबाद, विश्राम को राहत किट देते कानूनगो। संवाद

जलालाबाद, विश्राम को राहत किट देते कानूनगो। संवाद

जलालाबाद, विश्राम को राहत किट देते कानूनगो। संवाद

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