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चौपट फसलें देखने पहुंचे जितिन प्रसाद
शाहजहांपुर
Updated Sun, 29 Mar 2015 10:46 PM IST
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पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री जितिन प्रसाद फसली नुकसान से परेशान किसान रामस्वरूप की मौत को लेकर केंद्र और प्रदेश सरकार पर जमकर बरसे। उन्होंने सोमवार को रामस्वरूप के मुकरमपुर स्थित घर जाकर परिवार के सदस्यों को सांत्वना दी और बाद में मृतक के खेत पर जाकर बेमौसम की बरसात से चौपट हुई फसलों का जायजा लिया।
मृतक किसान के घरवालों से मुलाकात के दौरान कांग्रेस नेता ने कहा कि प्रदेश सरकार सर्वे के नाम पर खाली घोषणा कर रही है। फसली नुकसान का सर्वे करके राहत देने का काम शुरू कर दिया होता तो मुकरमपुर जैसी घटना देखने को नहीं मिलती। पहले से कर्ज में डूबे प्रदेश के किसान प्राकृतिक प्रकोप में नुकसान उठाने के कारण आत्महत्याएं करने को मजबूर हो रहे और इसका उत्तरदायित्व प्रदेश सरकार का है।
कांग्रेस नेता प्रसाद ने कहा कि एक ओर केंद्र सरकार किसानों की जमीन छीनकर पूंजीपतियों को देने पर आमादा है, वहीं सूबे की अखिलेश सरकार का किसान विरोधी चेहरा भी ऐसी घटनाओं से उजागर हो रहा है। आपदा की घड़ी में किसानों को तत्काल उचित मुआवजा देने की प्रक्रिया जल्द शुरू नहीं होने पर कांग्रेस को जनहित में सड़कों पर उतरने को बाध्य होना पड़ेगा।
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बाद में पूर्व केंद्रीय मंत्री ने सिंधौली क्षेत्र के गांव नवादा जाकर मृतक किसान के खेत पर गेहूं, सरसों, मसूर आदि फसलों को बारिश से हुए नुकसान का जायजा लिया। साथ ही प्रशासन को चेतावनी दी कि सर्वे में निष्पक्षता नहीं बरतने पर कांग्रेसी चुप नहीं बैठेंगे। इस दौरान कांग्रेेस जिलाध्यक्ष कौशल मिश्र, अनूप वर्मा, रजनीश गुप्ता, रामसेवक सांख्यधर, अजय दत्त त्रिपाठी, शशि मोहन अग्निहोत्री, अनिल तिवारी, देवेंद्र अग्निहोत्री आदि उनके साथ रहे।
मृतक के घरवालों से प्रशासन असहमत
मृतक रामस्वरूप के घरवाले भले ही कह रहे हों कि पहले से कर्ज में डूबे होने पर वह फसली नुकसान सहन नहीं कर पाने से खुदकुशी को मजबूर हो गया, प्रशासन उनसे सहमत नहीं है। एसडीएम सदर जयनाथ यादव के अनुसार मृतक रामस्वरूप को सिर्फ दस फीसदी फसली नुकसान की रिपोर्ट मिली है। मुकरमपुर स्थित रामस्वरूप के घर चार कमरे नीचे और इतने ही पहली मंजिल पर बने हैं। एसडीएम के अनुसार इसी मकान के विवाद में रामस्वरूप के एक भाई की करीब एक माह पहले संदिग्ध मौत हो चुकी है। यह पुलिस की जांच का विषय है कि रामस्वरूप की हत्या हुई अथवा उसने आत्महत्या की।
आत्महत्या के कारणों की पुलिस जांच शुरू
रोजा थाना के प्रभारी निरीक्षक आरएन चौधरी के अनुसार पोस्टमार्टम रिपोर्ट से यही स्पष्ट हुआ है कि रामस्वरूप ने गोली मारकर खुदकुशी की है। अब पुलिस इस बिंदु पर जांच कर रही है कि उसने आत्महत्या मकान को लेकर घरेलू विवाद में की अथवा इसकी अन्य कोई वजह है।
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मृतक किसान के घरवालों से मुलाकात के दौरान कांग्रेस नेता ने कहा कि प्रदेश सरकार सर्वे के नाम पर खाली घोषणा कर रही है। फसली नुकसान का सर्वे करके राहत देने का काम शुरू कर दिया होता तो मुकरमपुर जैसी घटना देखने को नहीं मिलती। पहले से कर्ज में डूबे प्रदेश के किसान प्राकृतिक प्रकोप में नुकसान उठाने के कारण आत्महत्याएं करने को मजबूर हो रहे और इसका उत्तरदायित्व प्रदेश सरकार का है।
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कांग्रेस नेता प्रसाद ने कहा कि एक ओर केंद्र सरकार किसानों की जमीन छीनकर पूंजीपतियों को देने पर आमादा है, वहीं सूबे की अखिलेश सरकार का किसान विरोधी चेहरा भी ऐसी घटनाओं से उजागर हो रहा है। आपदा की घड़ी में किसानों को तत्काल उचित मुआवजा देने की प्रक्रिया जल्द शुरू नहीं होने पर कांग्रेस को जनहित में सड़कों पर उतरने को बाध्य होना पड़ेगा।
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बाद में पूर्व केंद्रीय मंत्री ने सिंधौली क्षेत्र के गांव नवादा जाकर मृतक किसान के खेत पर गेहूं, सरसों, मसूर आदि फसलों को बारिश से हुए नुकसान का जायजा लिया। साथ ही प्रशासन को चेतावनी दी कि सर्वे में निष्पक्षता नहीं बरतने पर कांग्रेसी चुप नहीं बैठेंगे। इस दौरान कांग्रेेस जिलाध्यक्ष कौशल मिश्र, अनूप वर्मा, रजनीश गुप्ता, रामसेवक सांख्यधर, अजय दत्त त्रिपाठी, शशि मोहन अग्निहोत्री, अनिल तिवारी, देवेंद्र अग्निहोत्री आदि उनके साथ रहे।
मृतक के घरवालों से प्रशासन असहमत
मृतक रामस्वरूप के घरवाले भले ही कह रहे हों कि पहले से कर्ज में डूबे होने पर वह फसली नुकसान सहन नहीं कर पाने से खुदकुशी को मजबूर हो गया, प्रशासन उनसे सहमत नहीं है। एसडीएम सदर जयनाथ यादव के अनुसार मृतक रामस्वरूप को सिर्फ दस फीसदी फसली नुकसान की रिपोर्ट मिली है। मुकरमपुर स्थित रामस्वरूप के घर चार कमरे नीचे और इतने ही पहली मंजिल पर बने हैं। एसडीएम के अनुसार इसी मकान के विवाद में रामस्वरूप के एक भाई की करीब एक माह पहले संदिग्ध मौत हो चुकी है। यह पुलिस की जांच का विषय है कि रामस्वरूप की हत्या हुई अथवा उसने आत्महत्या की।
आत्महत्या के कारणों की पुलिस जांच शुरू
रोजा थाना के प्रभारी निरीक्षक आरएन चौधरी के अनुसार पोस्टमार्टम रिपोर्ट से यही स्पष्ट हुआ है कि रामस्वरूप ने गोली मारकर खुदकुशी की है। अब पुलिस इस बिंदु पर जांच कर रही है कि उसने आत्महत्या मकान को लेकर घरेलू विवाद में की अथवा इसकी अन्य कोई वजह है।