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माध्यमिक के स्कूल खुले, पहले दिन कम रही छात्र-छात्राओं की संख्या
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स्कूल पहुंचने पर प्रथम दिन प्रार्थना करती आर्य महिला इंटर कॉलेज की छात्राएं । संवाद
- फोटो : SHAHJAHANPUR
शाहजहांपुर। माध्यमिक शिक्षा परिषद के स्कूल शुक्रवार को खुल गए। स्कूलों में पहले दिन छात्र-छात्राओं की संख्या काफी कम रही। हालांकि छुट्टियों के बाद स्कूल पहुंचे बच्चे अपने मित्रों से मिलकर खुश हुए। शिक्षकों ने भी उनका स्वागत किया तथा कक्षाएं लगाई। इसके साथ ही स्कूलों में प्रवेश की प्रक्रिया भी शुरू हो गई। पहले दिन बहुत से अभिभावक अपने बच्चों का नाम स्कूल में लिखवाने पहुंच रहे हैं।
शनिवार को सुबह माध्यमिक के स्कूलों में रौनक लौट आई। हालांकि परिषदीय विद्यालयों के बाद माध्यमिक विद्यालयअव्यवस्थाओं के बीच खोले गए। पहले दिन विद्यालयों में छात्रों की संख्या कम रही। ग्रामीण क्षेत्रों में भी छात्र विद्यालय तक पहुंचे। गर्मियों के अवकाश के बाद माध्यमिक विद्यालयों को खोला गया। पहले दिन विद्यालयों में अव्यवस्था देखने को मिली। राजकीय इंटर कॉलेज में पंजीकृत छात्रों में पहले दिन मात्र 30-40 ही विद्यालय पहुंचे। एसपी कॉलेज में भी छात्र संख्या 20 के करीब ही रही।
आर्य महिला इंटर कॉलेज व आर्य कन्या इंटर कॉलेज में छात्राओं की उपस्थिति भी बहुत अच्छी नहीं रही। विद्यालयों के प्रधानाचार्यों का कहना है कि पहले दिन छात्र-छात्राओं की संख्या कम रहीं। धीरे-धीरे छात्राओं की संख्या बढ़ेगी। हालांकि विद्यालय खुलते ही प्रवेश को लेकर अभिभावक विद्यालय पहुंचने शुरू हो गए। स्कूलों में प्रवेश के लिए आवेदन प्राप्त करने के बाद उनको भरकर जमा किया गया। निर्धारित फीस जमा कर अभिभावकों ने अपने बच्चों का नामांकन कराया।
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वहीं, स्कूलों में छात्रों ने पॉलीथिन के प्रयोग न करने की शपथ भी ली। जीआईसी के प्रधानाचार्य अनिल कुमार ने कहा कि देश में सिंगल यूज प्लास्टिक के उत्पादन और ब्रिकी पर प्रतिबंध लगाया गया है। पॉलिथीन का प्रयोग पर्यावरण के लिए खतरनाक है। पॉलिथीन का प्रयोग कई प्रकार की बीमारियों का कारण बन सकता है। इसलिए छात्र लोगों को पॉलिथीन के दुष्प्रभाव के बारे में लोगों को जानकारी दें।
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शनिवार को सुबह माध्यमिक के स्कूलों में रौनक लौट आई। हालांकि परिषदीय विद्यालयों के बाद माध्यमिक विद्यालयअव्यवस्थाओं के बीच खोले गए। पहले दिन विद्यालयों में छात्रों की संख्या कम रही। ग्रामीण क्षेत्रों में भी छात्र विद्यालय तक पहुंचे। गर्मियों के अवकाश के बाद माध्यमिक विद्यालयों को खोला गया। पहले दिन विद्यालयों में अव्यवस्था देखने को मिली। राजकीय इंटर कॉलेज में पंजीकृत छात्रों में पहले दिन मात्र 30-40 ही विद्यालय पहुंचे। एसपी कॉलेज में भी छात्र संख्या 20 के करीब ही रही।
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आर्य महिला इंटर कॉलेज व आर्य कन्या इंटर कॉलेज में छात्राओं की उपस्थिति भी बहुत अच्छी नहीं रही। विद्यालयों के प्रधानाचार्यों का कहना है कि पहले दिन छात्र-छात्राओं की संख्या कम रहीं। धीरे-धीरे छात्राओं की संख्या बढ़ेगी। हालांकि विद्यालय खुलते ही प्रवेश को लेकर अभिभावक विद्यालय पहुंचने शुरू हो गए। स्कूलों में प्रवेश के लिए आवेदन प्राप्त करने के बाद उनको भरकर जमा किया गया। निर्धारित फीस जमा कर अभिभावकों ने अपने बच्चों का नामांकन कराया।
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वहीं, स्कूलों में छात्रों ने पॉलीथिन के प्रयोग न करने की शपथ भी ली। जीआईसी के प्रधानाचार्य अनिल कुमार ने कहा कि देश में सिंगल यूज प्लास्टिक के उत्पादन और ब्रिकी पर प्रतिबंध लगाया गया है। पॉलिथीन का प्रयोग पर्यावरण के लिए खतरनाक है। पॉलिथीन का प्रयोग कई प्रकार की बीमारियों का कारण बन सकता है। इसलिए छात्र लोगों को पॉलिथीन के दुष्प्रभाव के बारे में लोगों को जानकारी दें।