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बदल सकती है बेसिक शिक्षा की दशा-दिशा
शाहजहांपुर।
Updated Mon, 09 Mar 2015 11:45 PM IST
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शैक्षणिक सत्र 2015-16 के लिए जिले से करीब सात अरब रुपये का बजट भेजा गया है। प्रस्तावित इस बजट को मंजूरी मिल गई तो बेसिक शिक्षा की दशा और दिशा बदल जाएगी। कस्तूरबा विद्यालयों में जहां फर्नीचर से लेकर बिस्तर बदलने का काम, टीचर्स लर्निंग मैटेरियल (टीएलएम), लाइब्रेरी और अन्य इक्विपमेंट भी लाने की तैयारी है। वहीं परिषदीय स्कूलों में बाउंड्रीवाल, गेट, हैंडपंप, शौचालय, अतिरिक्त कक्षा कक्षों का निर्माण आदि काम प्रमुखता से शामिल किए गए हैं।
चालू शैक्षणिक सत्र में परिषदीय स्कूलों में बाउंड्रीवाल और गेट न होने की वजह से शिक्षण कार्य प्रभावित होता था। शौचालय न बने होने की वजह से तमाम घरों की छात्राएं स्कूल आने में संकोच करती थीं। इससे विद्यालयों में छात्र उपस्थिति संख्या भी प्रभावित होती थी। विद्यालयों में हैंडपंप न होने की वजह से मिड डे मील बनवाने और पेयजल की काफी परेशानी होती थी। इससे आगामी बजट में इन सभी समस्याओं को दूर करने का प्रयास किया गया। वहीं कस्तूरबा स्कूलों की व्यवस्थाएं और भी बेहतर कराने के लिए बजट में कई प्रस्ताव भेजे गए हैं।
गुरुजनों की सैलरी पर
होगा 6.27 अरब खर्च
जिले में संचालित हो रहे 2292 प्राथमिक विद्यालयों और 897 उच्च प्राथमिक विद्यालयों में 12 हजार 258 शिक्षक, शिक्षामित्र और अनुदेशक कार्यरत हैं। इन सभी की सैलरी पर आगामी शैक्षिक सत्र में छह अरब, 27 करोड़ 72 लाख 99 हजार 900 रुपये खर्च किए जाएंगे।
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अधिकांश स्थानों पर मानक
के अनुरूप विद्यालय
बेसिक शिक्षा के निर्माण विभाग के जिला समन्वयक आलोक मिश्रा के अनुसार जिले में अधिकांश ब्लाक स्कूलों की उपलब्धता से लगभग संतृप्त हैं। बताया कि भारत सरकार से स्वीकृत नक्शे के अनुसार नवीन भवन में दो कक्षा कक्ष, बरामदा, हेड मास्टर का एक कक्ष बनता है। मिश्रा का कहना है कि नवीन स्कूल निर्माण के लिए नियम है कि तीन सौ की आबादी और एक किलोमीटर तक कोई दूसरा स्कूल न हो।
फैक्ट फाइल
जिले में कुल परिषदीय विद्यालय 3189
शिक्षक, शिक्षामित्र अनुदेशक 12258
कुल छात्र-छात्राओं की संख्या 321722
नोट: इसमें एपीएल वर्ग के छात्र शामिल नहीं है।
इन मदों पर खर्च किए जाएंगे रुपये
----------------------------------
शिक्षकों, शिक्षामित्र अनुदेशक की सैलरी 627 करोड़
कस्तूरबा स्कूल में बिस्तरों के लिए 12 लाख
कस्तूरबा स्कूलों में फर्नीचर के लिए 30 लाख
टीएलएम, लाइब्रेरी, इक्विपमेंट के लिए 35 लाख
बाउंड्रीवाल के निर्माण पर 25.5 करोड़
3.21 लाख बच्चों की यूनिफार्म पर 12.86 करोड़
26 कक्षा कक्षों के निर्माण पर 96.72 लाख
342 गेट के निर्माण पर 26.67 लाख
70 शौचालयों के निर्माण पर 10.5 लाख
20 हैंडपंपों पर 8.2 लाख
‘सात अरब एक करोड़ रुपये के बजट का प्रस्ताव परियोजना को भेजा गया है। अभी मंजूरी नहीं मिली है। बजट में कितनी धनराशि स्वीकृति होगी। इसके बाद ही कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर तय किया जाएगा।’
- राजेश वर्मा, बीएसए
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चालू शैक्षणिक सत्र में परिषदीय स्कूलों में बाउंड्रीवाल और गेट न होने की वजह से शिक्षण कार्य प्रभावित होता था। शौचालय न बने होने की वजह से तमाम घरों की छात्राएं स्कूल आने में संकोच करती थीं। इससे विद्यालयों में छात्र उपस्थिति संख्या भी प्रभावित होती थी। विद्यालयों में हैंडपंप न होने की वजह से मिड डे मील बनवाने और पेयजल की काफी परेशानी होती थी। इससे आगामी बजट में इन सभी समस्याओं को दूर करने का प्रयास किया गया। वहीं कस्तूरबा स्कूलों की व्यवस्थाएं और भी बेहतर कराने के लिए बजट में कई प्रस्ताव भेजे गए हैं।
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गुरुजनों की सैलरी पर
होगा 6.27 अरब खर्च
जिले में संचालित हो रहे 2292 प्राथमिक विद्यालयों और 897 उच्च प्राथमिक विद्यालयों में 12 हजार 258 शिक्षक, शिक्षामित्र और अनुदेशक कार्यरत हैं। इन सभी की सैलरी पर आगामी शैक्षिक सत्र में छह अरब, 27 करोड़ 72 लाख 99 हजार 900 रुपये खर्च किए जाएंगे।
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अधिकांश स्थानों पर मानक
के अनुरूप विद्यालय
बेसिक शिक्षा के निर्माण विभाग के जिला समन्वयक आलोक मिश्रा के अनुसार जिले में अधिकांश ब्लाक स्कूलों की उपलब्धता से लगभग संतृप्त हैं। बताया कि भारत सरकार से स्वीकृत नक्शे के अनुसार नवीन भवन में दो कक्षा कक्ष, बरामदा, हेड मास्टर का एक कक्ष बनता है। मिश्रा का कहना है कि नवीन स्कूल निर्माण के लिए नियम है कि तीन सौ की आबादी और एक किलोमीटर तक कोई दूसरा स्कूल न हो।
फैक्ट फाइल
जिले में कुल परिषदीय विद्यालय 3189
शिक्षक, शिक्षामित्र अनुदेशक 12258
कुल छात्र-छात्राओं की संख्या 321722
नोट: इसमें एपीएल वर्ग के छात्र शामिल नहीं है।
इन मदों पर खर्च किए जाएंगे रुपये
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शिक्षकों, शिक्षामित्र अनुदेशक की सैलरी 627 करोड़
कस्तूरबा स्कूल में बिस्तरों के लिए 12 लाख
कस्तूरबा स्कूलों में फर्नीचर के लिए 30 लाख
टीएलएम, लाइब्रेरी, इक्विपमेंट के लिए 35 लाख
बाउंड्रीवाल के निर्माण पर 25.5 करोड़
3.21 लाख बच्चों की यूनिफार्म पर 12.86 करोड़
26 कक्षा कक्षों के निर्माण पर 96.72 लाख
342 गेट के निर्माण पर 26.67 लाख
70 शौचालयों के निर्माण पर 10.5 लाख
20 हैंडपंपों पर 8.2 लाख
‘सात अरब एक करोड़ रुपये के बजट का प्रस्ताव परियोजना को भेजा गया है। अभी मंजूरी नहीं मिली है। बजट में कितनी धनराशि स्वीकृति होगी। इसके बाद ही कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर तय किया जाएगा।’
- राजेश वर्मा, बीएसए