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दूध बांटने में रुचि नहीं ले रहे स्कूल
शाहजहांपुर।
Updated Thu, 27 Aug 2015 11:35 PM IST
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परिषदीय स्कूलों के बच्चों को मिड-डे मील में बुधवार को दूध वितरण करने वाले स्कूलों की संख्या लगातार घट रही है। इससे दूध पीने से वंचित होने वाले बच्चों की संख्या लगातार बढ़ती जा रहा है। इसके बावजूद इस दिशा में कोई खास प्रयास नहीं किया जा रहा है।
परिषदीय स्कूलों के छात्र-छात्राओं को प्रत्येक बुधवार को दूध पिलाने की प्रदेश शासन की महत्वाकांक्षी योजना के तहत स्कूलों में दूध वितरण किया जा रहा है। शासनादेश के अनुसार पहले बुधवार को जिले के आधे से ज्यादा स्कूलों में दूध वितरण नहीं किया गया। जिला प्रशासन के सख्त रवैया अपनाने पर और बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों के लगातार फॉलोअप के बाद दूध वितरण करने वाले स्कूलों का प्रतिशत अच्छा रहा था। इसके बाद प्रत्येक बुधवार को दूध वितरण करने का क्रम घटता रहा है। गत बुधवार को प्रतिशत घटकर 90.5 प्रतिशत पर पहुंच गया। दूध पिलाने वाले स्कूलों का घटना चिंताजनक है। शिक्षा अधिकारी और शिक्षक नेता इसके पीछे दूध की उपलब्धता न होना, कन्वर्जन कास्ट की बढ़ोत्तरी न होना और अन्य कई कारण बता रहे हैं, लेकिन इन सभी में उन बच्चों का क्या दोष, जिन्हें दूध नहीं मिल पा रहा है।
दूध वितरण तिथि स्कूलों का प्रतिशत
15 जुलाई 45.03 प्रतिशत
22 जुलाई 96.72 प्रतिशत
29 जुलाई 95.32 प्रतिशत
05 अगस्त 95.84 प्रतिशत
12 अगस्त 94.90 प्रतिशत
20 अगस्त 91.07 प्रतिशत
26 अगस्त 90.50 प्रतिशत
एमडीएम के जिला समन्वयक निश्चय सिंह का कहना है कि 90 से 95 प्रतिशत तक स्कूलों में दूध वितरण किया जा रहा है। शेष स्कूलों में भी दूध पिलाने के प्रयास किए जा रहे हैं। कहा कि दूध की उपलब्धता भी बड़ी समस्या बन रही है।
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परिषदीय स्कूलों के छात्र-छात्राओं को प्रत्येक बुधवार को दूध पिलाने की प्रदेश शासन की महत्वाकांक्षी योजना के तहत स्कूलों में दूध वितरण किया जा रहा है। शासनादेश के अनुसार पहले बुधवार को जिले के आधे से ज्यादा स्कूलों में दूध वितरण नहीं किया गया। जिला प्रशासन के सख्त रवैया अपनाने पर और बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों के लगातार फॉलोअप के बाद दूध वितरण करने वाले स्कूलों का प्रतिशत अच्छा रहा था। इसके बाद प्रत्येक बुधवार को दूध वितरण करने का क्रम घटता रहा है। गत बुधवार को प्रतिशत घटकर 90.5 प्रतिशत पर पहुंच गया। दूध पिलाने वाले स्कूलों का घटना चिंताजनक है। शिक्षा अधिकारी और शिक्षक नेता इसके पीछे दूध की उपलब्धता न होना, कन्वर्जन कास्ट की बढ़ोत्तरी न होना और अन्य कई कारण बता रहे हैं, लेकिन इन सभी में उन बच्चों का क्या दोष, जिन्हें दूध नहीं मिल पा रहा है।
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दूध वितरण तिथि स्कूलों का प्रतिशत
15 जुलाई 45.03 प्रतिशत
22 जुलाई 96.72 प्रतिशत
29 जुलाई 95.32 प्रतिशत
05 अगस्त 95.84 प्रतिशत
12 अगस्त 94.90 प्रतिशत
20 अगस्त 91.07 प्रतिशत
26 अगस्त 90.50 प्रतिशत
एमडीएम के जिला समन्वयक निश्चय सिंह का कहना है कि 90 से 95 प्रतिशत तक स्कूलों में दूध वितरण किया जा रहा है। शेष स्कूलों में भी दूध पिलाने के प्रयास किए जा रहे हैं। कहा कि दूध की उपलब्धता भी बड़ी समस्या बन रही है।
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