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उफान पर नदियां : 24 घंटे में रामगंगा का जलस्तर 1.50 व गर्रा का 1.55 मीटर बढ़ा
Mon, 08 Jul 2024 04:04 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
Updated Mon, 08 Jul 2024 04:04 AM IST
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कोलाघाट पुल के समीप रामगंगा नदी के जलस्तर देखने पहुंचे तहसीलदार। संवाद
शाहजहांपुर। तीन दिन से लगातार हो रही भारी बारिश और उत्तराखंंड के बांधों-बैराजों से पानी की निकासी बढ़ने से जिले की नदियों में बाढ़ के हालात पैदा होने लगे हैं। बीते 24 घंटे में रामगंगा 1.50 मीटर उफना गई है। शहर के समीप गर्रा का जलस्तर 1.55 मीटर बढ़कर 145.95 मीटर हो गया है।
कलान के भैंसार बांध पर गंगा का जलस्तर रविवार को दूसरे दिन भी दो सेमी बढ़ा। सुबह नरौरा बैराज से निकले पानी की मात्रा आठ हजार क्यूसेक से ज्यादा रही। इसलिए गंगा में पानी तेजी से बढ़ रहा है। इस वजह से कलान, मिर्जापुर और जलालाबाद क्षेत्र में गंगा, रामगंगा का पानी अब तटीय गांवों की ओर रुख कर रहा है।
सिंचाई विभाग शारदा नहर खंड के बाढ़ नियंत्रण कक्ष प्रभारी ने बताया कि बरेली के चौबारी घाट पर रामगंगा का जलस्तर 159.50 मीटर हो गया है, जो कि एक दिन पहले की तुलना में 56 सेमी अधिक है। सुबह रामनगर, कालागढ़, किच्छा, खो, हरेली आदि बैराजों से रामगंगा में 46135 क्यूसेक पानी निकाला गया है। पानी की यह मात्रा एक दिन पहले की तुलना में 40825 क्यूसेक ज्यादा है। इसलिए चौबारी से बैराजों का पानी सिमटकर यहां आने से परौर क्षेत्र के करीब डेढ़ दर्जन से अधिक गांवों पर बाढ़ का खतरा दिख रहा है।
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कछला से पानी देर रात तक यहां पहुंचने से मिर्जापुर और कलान तहसील में गंगा के तटीय गांव बाढ़ से घिरने की आशंका बढ़ गई है। बताया कि ड्यूनी डैम से पानी की निकासी बढ़ने से गर्रा के जलस्तर में अगले दो दिन तक वृद्धि जारी रहने का अनुमान है। रविवार सुबह ड्यूनी से गर्रा में 3642 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है, जो बीते दिन से अधिक है।
बारिश का पानी समेटकर आगे बढ़ रही खन्नौत भी सिंधौली से लेकर शहर तक तटीय क्षेत्रों में हिलोरे मार रही है। खन्नौत 55 सेमी बढ़कर 144.85 मीटर पर बह रही है, लेकिन बारिश जारी रहने से इसमें भी पानी बढ़ना तय माना जा रहा है।
गर्रा और खन्नौत में उफान बढ़ने से शहर के कई तटीय मोहल्लों और काॅलोनियों समेत सदर तहसील के कई गांव प्रभावित हो सकते हैं।
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बाढ़ प्रभावित गांवों का तहसीलदार ने किया निरीक्षण
जलालाबाद। तहसीलदार पैगाम हैदर ने रविवार को राजस्व कर्मियों के साथ रामगंगा के किनारे बाढ़ से संभावित क्षेत्र के कई गांवों पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने गांव अल्लादादपुर बैहारी के पंचायत भवन में बाढ़ राहत चौपाल लगाई और आपदा मित्र बनाकर उनसे बाढ़ की स्थिति में पीड़ितों और प्रशासन के बीच सेतु का काम की अपील की। कोलाघाट पुल के पास रामगंगा और बहगुल नदी के पास बसे अल्लादादपुर बैहारी, कसारी, अतरी, बीघापुर, सिठौली समेत करीब एक दर्जन गांव ऐसे हैं, जहां आपदा के शुरुआती दौर में ही बड़ी आबादी प्रभावित होती है। इन गांवों के लिए प्रधान, कोटेदार, रोजगार सेवक, पंचायत मित्र और आंगनबाड़ी कर्मचारियोंं को आपदा मित्र के रूप में नियुक्त किया गया है। इन सभी को सजगता के साथ कार्य करने के दिश-निर्देश दिए गए। संवाद
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पहरुआ में बारिश से ठोकर निर्माण में पड़ी बाधा
मिर्जापुर। पहरुआ में गत वर्षों में आई बाढ़ को देखते हुए सिंचाई विभाग ने गांव के बाहर बालू की बोरियों से वायर क्रेट की ठोकरें बनवाई थीं। तारों के जाल में फंसी बोरियों की बालू निकल जाने से गंगा का पानी ठोकरों से आगे गांव की ओर बढ़ने लगा है। इसके बाद सिंचाई विभाग ने ठोकरों में बालू से भरी बोरियां लगवाने का काम शुरू कराया, लेकिन रविवार को सुबह से बारिश होने से इस काम में दिन भर बाधा पड़ती रही। उधर, क्षेत्र की किसी भी बाढ़ चौकी पर अभी तक प्रभावित परिवारों को वितरण के लिए राहत सामग्री नहीं भेजी गई है। गंगा में पानी बढ़ने के साथ ही क्षेत्र के गांंव पहरुआ, इस्लामनगर समेत अन्य कई तटवर्ती क्षेत्रों के ग्रामीण बाढ़ को लेकर चिंतित हो गए हैं।
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कलान के भैंसार बांध पर गंगा का जलस्तर रविवार को दूसरे दिन भी दो सेमी बढ़ा। सुबह नरौरा बैराज से निकले पानी की मात्रा आठ हजार क्यूसेक से ज्यादा रही। इसलिए गंगा में पानी तेजी से बढ़ रहा है। इस वजह से कलान, मिर्जापुर और जलालाबाद क्षेत्र में गंगा, रामगंगा का पानी अब तटीय गांवों की ओर रुख कर रहा है।
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सिंचाई विभाग शारदा नहर खंड के बाढ़ नियंत्रण कक्ष प्रभारी ने बताया कि बरेली के चौबारी घाट पर रामगंगा का जलस्तर 159.50 मीटर हो गया है, जो कि एक दिन पहले की तुलना में 56 सेमी अधिक है। सुबह रामनगर, कालागढ़, किच्छा, खो, हरेली आदि बैराजों से रामगंगा में 46135 क्यूसेक पानी निकाला गया है। पानी की यह मात्रा एक दिन पहले की तुलना में 40825 क्यूसेक ज्यादा है। इसलिए चौबारी से बैराजों का पानी सिमटकर यहां आने से परौर क्षेत्र के करीब डेढ़ दर्जन से अधिक गांवों पर बाढ़ का खतरा दिख रहा है।
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कछला से पानी देर रात तक यहां पहुंचने से मिर्जापुर और कलान तहसील में गंगा के तटीय गांव बाढ़ से घिरने की आशंका बढ़ गई है। बताया कि ड्यूनी डैम से पानी की निकासी बढ़ने से गर्रा के जलस्तर में अगले दो दिन तक वृद्धि जारी रहने का अनुमान है। रविवार सुबह ड्यूनी से गर्रा में 3642 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है, जो बीते दिन से अधिक है।
बारिश का पानी समेटकर आगे बढ़ रही खन्नौत भी सिंधौली से लेकर शहर तक तटीय क्षेत्रों में हिलोरे मार रही है। खन्नौत 55 सेमी बढ़कर 144.85 मीटर पर बह रही है, लेकिन बारिश जारी रहने से इसमें भी पानी बढ़ना तय माना जा रहा है।
गर्रा और खन्नौत में उफान बढ़ने से शहर के कई तटीय मोहल्लों और काॅलोनियों समेत सदर तहसील के कई गांव प्रभावित हो सकते हैं।
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बाढ़ प्रभावित गांवों का तहसीलदार ने किया निरीक्षण
जलालाबाद। तहसीलदार पैगाम हैदर ने रविवार को राजस्व कर्मियों के साथ रामगंगा के किनारे बाढ़ से संभावित क्षेत्र के कई गांवों पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने गांव अल्लादादपुर बैहारी के पंचायत भवन में बाढ़ राहत चौपाल लगाई और आपदा मित्र बनाकर उनसे बाढ़ की स्थिति में पीड़ितों और प्रशासन के बीच सेतु का काम की अपील की। कोलाघाट पुल के पास रामगंगा और बहगुल नदी के पास बसे अल्लादादपुर बैहारी, कसारी, अतरी, बीघापुर, सिठौली समेत करीब एक दर्जन गांव ऐसे हैं, जहां आपदा के शुरुआती दौर में ही बड़ी आबादी प्रभावित होती है। इन गांवों के लिए प्रधान, कोटेदार, रोजगार सेवक, पंचायत मित्र और आंगनबाड़ी कर्मचारियोंं को आपदा मित्र के रूप में नियुक्त किया गया है। इन सभी को सजगता के साथ कार्य करने के दिश-निर्देश दिए गए। संवाद
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पहरुआ में बारिश से ठोकर निर्माण में पड़ी बाधा
मिर्जापुर। पहरुआ में गत वर्षों में आई बाढ़ को देखते हुए सिंचाई विभाग ने गांव के बाहर बालू की बोरियों से वायर क्रेट की ठोकरें बनवाई थीं। तारों के जाल में फंसी बोरियों की बालू निकल जाने से गंगा का पानी ठोकरों से आगे गांव की ओर बढ़ने लगा है। इसके बाद सिंचाई विभाग ने ठोकरों में बालू से भरी बोरियां लगवाने का काम शुरू कराया, लेकिन रविवार को सुबह से बारिश होने से इस काम में दिन भर बाधा पड़ती रही। उधर, क्षेत्र की किसी भी बाढ़ चौकी पर अभी तक प्रभावित परिवारों को वितरण के लिए राहत सामग्री नहीं भेजी गई है। गंगा में पानी बढ़ने के साथ ही क्षेत्र के गांंव पहरुआ, इस्लामनगर समेत अन्य कई तटवर्ती क्षेत्रों के ग्रामीण बाढ़ को लेकर चिंतित हो गए हैं।

कोलाघाट पुल के समीप रामगंगा नदी के जलस्तर देखने पहुंचे तहसीलदार। संवाद

कोलाघाट पुल के समीप रामगंगा नदी के जलस्तर देखने पहुंचे तहसीलदार। संवाद