{"_id":"625dc2a4b3de802b4f60f357","slug":"responsible-officer-absent-complainant-wandering-for-months-for-work-shahjahanpur-news-bly4819378107","type":"story","status":"publish","title_hn":"अमर उजाला लाइव : जिम्मेदार अधिकारी नदारद, काम के लिए महीनों से भटक रहे फरियादी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अमर उजाला लाइव : जिम्मेदार अधिकारी नदारद, काम के लिए महीनों से भटक रहे फरियादी
विज्ञापन
जैतीपुर। संपूर्ण समाधान दिवस हो या कलक्ट्रेट, फरियादियों की भीड़ यूं ही नहीं उमड़ती। जो काम आसानी से ब्लॉक मुख्यालय में हो जाना चाहिए, वहां नहीं हो पाता है। कारण है। अधिकारियों का न बैठना। अगर कोई अधिकारी आता भी है तो काम हो जाएगा इस बात की गारंटी नहीं है। सोमवार को जैतीपुर ब्लॉक मुख्यालय में ऐसा ही नजारा दिखा। यहां दूरदराज से आए फरियादी भटकते नजर आए लेकिन 11 बजे तक जिम्मेदार अधिकारी कार्यालय नहीं पहुंच पाए थे।
उत्तर प्रदेश की नई सरकार के गठन के बाद आदेश जारी किए गए थे कि सभी सरकारी कार्यालयों में सुबह दस बजे अधिकारी पहुंचकर जनता की समस्याओं का समाधान करेंगे। हकीकत के धरातल पर आदेश लागू नहीं हो पा रहा है। ग्रामीण इलाकों में सरकारी मशीनरी लेटलतीफी से बाज नहीं आ रही। सोमवार को जैतीपुर ब्लॉक मुख्यालय का नजारा सारी हकीकत बयान करने के लिए पर्याप्त दिखा। जैतीपुर ब्लॉक कार्यालय में दूरदराज से फरियादी सुबह दस बजे से ही पहुंच जाते हैं लेकिन अधिकारी-कर्मचारी दोपहर तक नदारद रहते हैं। अधिकारियों की लापरवाही के कारण उन्हें रोजाना चक्कर काटने पड़ रहे हैं। पीड़ितों की मानें तो सचिव कभी मुख्यालय पर मिलते ही नहीं। हमेशा फील्ड में रहते हैं।
सोमवार सुबह 10 बजे जैतीपुर ब्लॉक कार्यालय में केवल चपरासी और पंचायत सहायक मौजूद थे। 10:42 पर सहायक लेखाकार पहुंचे। 11 बजे तक मनरेगा कार्यालय में केवल बाबू पहुंचे। आजीविका मिशन स्टाफ से कोई कर्मचारी नहीं आया। 11:15 बजे तक न्याय खंड विकास अधिकारी और न ही सहायक खंड विकास अधिकारी कार्यालय पहुंचे। फरियादी जरूर परेशान होते नजर आए।
विज्ञापन
एसडीएम ने मांगी उपस्थिति पंजिका
ब्लॉक मुख्यालय में स्टाफ के न पहुंचने पर जब एसडीएम तिलहर हिमांशु उपाध्याय को सूचना दी गई तो वह भी हैरान हो गए। उन्होंने तत्काल बाबू से सभी विभागों का उपस्थिति रजिस्टर तलब कर लिया। माना जा रहा है कि एसडीएम के सख्त रुख के बाद संबंधित के खिलाफ कार्रवाई होना तय है।
बदहाली की कहानी फरियादियों की जुबानी
रोज लगा रहे चक्कर
दो महीने से रोज ब्लॉक मुख्यालय के चक्कर काट रहे हैं। पेंशन के कागज फीड कराने हैं लेकिन मुख्यालय में कोई मिलता ही नहीं। इस भीषण गर्मी में परेशान होना पड़ता है। - नौबत, मरुआझाला, जैतीपुर
एक महीने में नहीं बना प्रमाण पत्र
एक महीने पहले मृत्यु प्रमाण पत्र बनने के लिए दिया था। अब तक नहीं बन सका है। रोज ब्लॉक कार्यालय आते हैं लेकिन यहां पर न कोई संतोषजनक जवाब मिल रहा है न ही काम हो रहा है। - आकाश, गौहावर, जैतीपुर
सचिव नहीं मिल रहे
एक काम के सिलसिले में सचिव से मिलना है। सचिव साहब कभी मिलते ही नहीं। ऐसे में आम जनता क्या करे। अधिकारियों को काम करना है लेकिन वे ही समय पर कार्यालय नहीं आते। - राहुल, गौहापुर, जैतीपुर।
शादी अनुदान के लिए लगा रहे चक्कर
शादी अनुदान के संबंध में जानकारी लेने के लिए ब्लॉक मुख्यालय के कई दिन से चक्कर लगा रहे हैं। यहां कोई मिलता ही नहीं। आम जनता का सरकारी कार्यालयों में काम होना चाहिए। -मूलचंद, पलीहुरा, जैतीपुर
महीनों से परेशान हो रहे
आवास योजना के लाभ के लिए सचिव से जानकारी लेनी थी। काफी समय से यहां पर आ रहे हैं लेकिन सचिव से मुलाकात नहीं हो पा रही है। आने-जाने में बहुत दिक्कत होती है। - सुरेश कुमार, शिवनगर जैतीपुर
दो साल से नहीं मिल रही पेंशन
दो साल पहले पेंशन कट गई थी। पेंशन के लिए लगातार ब्लॉक के चक्कर लगा रहे हैं लेकिन यहां कोई अधिकारी-कर्मचारी नहीं मिलता। बहुत परेशानी का सामना करना पड़ता है। - मुरली, मरेना, जैतीपुर
ब्लॉक-तहसील के कर्मचारियों को समय से मौजूद होकर जनता से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता से करना चाहिए। लेटलतीफी करने वाले या समस्या के निस्तारण में लापरवाही करने वाले संबंधित अधिकारी-कर्मचारी पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
हिमांशु उपाध्याय, एसडीएम तिलहर।
एडीओ पंचायत चिकित्सा अवकाश पर हैं। सुरेंद्र कुमार कार्यवाहक हैं, वही देख रहे हैं। मेरी सोमवार को शाहजहांपुर में बैठक है। उसी मीटिंग में हूं।
सीमारानी अग्रवाल, खंड विकास अधिकारी, जैतीपुर।
विज्ञापन
उत्तर प्रदेश की नई सरकार के गठन के बाद आदेश जारी किए गए थे कि सभी सरकारी कार्यालयों में सुबह दस बजे अधिकारी पहुंचकर जनता की समस्याओं का समाधान करेंगे। हकीकत के धरातल पर आदेश लागू नहीं हो पा रहा है। ग्रामीण इलाकों में सरकारी मशीनरी लेटलतीफी से बाज नहीं आ रही। सोमवार को जैतीपुर ब्लॉक मुख्यालय का नजारा सारी हकीकत बयान करने के लिए पर्याप्त दिखा। जैतीपुर ब्लॉक कार्यालय में दूरदराज से फरियादी सुबह दस बजे से ही पहुंच जाते हैं लेकिन अधिकारी-कर्मचारी दोपहर तक नदारद रहते हैं। अधिकारियों की लापरवाही के कारण उन्हें रोजाना चक्कर काटने पड़ रहे हैं। पीड़ितों की मानें तो सचिव कभी मुख्यालय पर मिलते ही नहीं। हमेशा फील्ड में रहते हैं।
विज्ञापन
सोमवार सुबह 10 बजे जैतीपुर ब्लॉक कार्यालय में केवल चपरासी और पंचायत सहायक मौजूद थे। 10:42 पर सहायक लेखाकार पहुंचे। 11 बजे तक मनरेगा कार्यालय में केवल बाबू पहुंचे। आजीविका मिशन स्टाफ से कोई कर्मचारी नहीं आया। 11:15 बजे तक न्याय खंड विकास अधिकारी और न ही सहायक खंड विकास अधिकारी कार्यालय पहुंचे। फरियादी जरूर परेशान होते नजर आए।
विज्ञापन
एसडीएम ने मांगी उपस्थिति पंजिका
ब्लॉक मुख्यालय में स्टाफ के न पहुंचने पर जब एसडीएम तिलहर हिमांशु उपाध्याय को सूचना दी गई तो वह भी हैरान हो गए। उन्होंने तत्काल बाबू से सभी विभागों का उपस्थिति रजिस्टर तलब कर लिया। माना जा रहा है कि एसडीएम के सख्त रुख के बाद संबंधित के खिलाफ कार्रवाई होना तय है।
बदहाली की कहानी फरियादियों की जुबानी
रोज लगा रहे चक्कर
दो महीने से रोज ब्लॉक मुख्यालय के चक्कर काट रहे हैं। पेंशन के कागज फीड कराने हैं लेकिन मुख्यालय में कोई मिलता ही नहीं। इस भीषण गर्मी में परेशान होना पड़ता है। - नौबत, मरुआझाला, जैतीपुर
एक महीने में नहीं बना प्रमाण पत्र
एक महीने पहले मृत्यु प्रमाण पत्र बनने के लिए दिया था। अब तक नहीं बन सका है। रोज ब्लॉक कार्यालय आते हैं लेकिन यहां पर न कोई संतोषजनक जवाब मिल रहा है न ही काम हो रहा है। - आकाश, गौहावर, जैतीपुर
सचिव नहीं मिल रहे
एक काम के सिलसिले में सचिव से मिलना है। सचिव साहब कभी मिलते ही नहीं। ऐसे में आम जनता क्या करे। अधिकारियों को काम करना है लेकिन वे ही समय पर कार्यालय नहीं आते। - राहुल, गौहापुर, जैतीपुर।
शादी अनुदान के लिए लगा रहे चक्कर
शादी अनुदान के संबंध में जानकारी लेने के लिए ब्लॉक मुख्यालय के कई दिन से चक्कर लगा रहे हैं। यहां कोई मिलता ही नहीं। आम जनता का सरकारी कार्यालयों में काम होना चाहिए। -मूलचंद, पलीहुरा, जैतीपुर
महीनों से परेशान हो रहे
आवास योजना के लाभ के लिए सचिव से जानकारी लेनी थी। काफी समय से यहां पर आ रहे हैं लेकिन सचिव से मुलाकात नहीं हो पा रही है। आने-जाने में बहुत दिक्कत होती है। - सुरेश कुमार, शिवनगर जैतीपुर
दो साल से नहीं मिल रही पेंशन
दो साल पहले पेंशन कट गई थी। पेंशन के लिए लगातार ब्लॉक के चक्कर लगा रहे हैं लेकिन यहां कोई अधिकारी-कर्मचारी नहीं मिलता। बहुत परेशानी का सामना करना पड़ता है। - मुरली, मरेना, जैतीपुर
ब्लॉक-तहसील के कर्मचारियों को समय से मौजूद होकर जनता से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता से करना चाहिए। लेटलतीफी करने वाले या समस्या के निस्तारण में लापरवाही करने वाले संबंधित अधिकारी-कर्मचारी पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
हिमांशु उपाध्याय, एसडीएम तिलहर।
एडीओ पंचायत चिकित्सा अवकाश पर हैं। सुरेंद्र कुमार कार्यवाहक हैं, वही देख रहे हैं। मेरी सोमवार को शाहजहांपुर में बैठक है। उसी मीटिंग में हूं।
सीमारानी अग्रवाल, खंड विकास अधिकारी, जैतीपुर।

जैतीपुर में एडीओ पंचायत की खाली पड़ी कुर्सी । संवाद- फोटो : SHAHJAHANPUR