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आदरणीय गुरुजन...अब शिक्षा में सुधार कर लीजिए!

Sat, 02 May 2015 11:52 PM IST
शाहजहांपुर
शाहजहांपुर Updated Sat, 02 May 2015 11:52 PM IST
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परिषदीय विद्यालयों की बदहाली की चर्चाएं गाहे-वगाहे होती ही रहती हैं। अब आला अधिकारी और मंत्री भी मानने लगे हैं कि परिषदीय स्कूलों में शिक्षा का स्तर काफी गिर चुका है। इसमें सुधार के लिए बेसिक शिक्षा मंत्री रामगोविंद चौधरी ने प्रदेश भर के शिक्षकों से शिक्षा में सुधार करने की मार्मिक अपील की है।
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बेसिक शिक्षामंत्री चौधरी ने पत्र की शुरुआत करते हुए लिखा है कि आदरणीय गुरुजन, आशा है कि आप कुशलमंगल होंगे। विगत वर्षों में स्कूलों में स्टाफ की कमी की वजह से उन पर बहुत दबाव रहा है। इस वजह से शिक्षण कार्य प्रभावित होता रहा। चालू शिक्षण सत्र में प्रत्येक जिले में शिक्षकों की कमी पूरी हो चुकी है। इसलिए शिक्षण कार्य में सुधार किया जाना जरूरी है।
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मंत्री ने कहा कि विद्यालय में नि:शुल्क पुस्तकें, यूनिफार्म, मिड डे मील और तमाम सुविधाएं मिलने के बावजूद अभिभावक अपने बच्चों को विद्यालय में नहीं भेजते हैं। सिर्फ इसलिए कि अध्यापक विद्यालयों में शिक्षा देने के लिए नहीं जाते हैं। इससे विद्यालयों में नामांकन घट रहा है। नामांकन बढ़ाने के लिए स्कूल चलो अभियान पर जोर देने की अपील क॥
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चौधरी ने शिक्षकों को मिलने वाली विभिन्न सुविधाओं एवं देयकों को समय से देने के निर्देश दिए हैं। इसके बावजूद यदि गुरुजनों को कोई समस्या है तो निस्तारण के लिए उनसे मिल सकते हैं। उन्होंने ‘जब जागिए, तभी सवेरा’ वाली कहावत के तहत अपील करते हुए कहा कि गुरुजन पूरे मनोयोग से शिक्षण कार्य करें। कहा कि वे विद्यालय में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं को इतना सक्षम बना दें कि वह जब विद्यालय छोड़े तो आगे की कक्षाओं में पढ़ने के लिए पूरी तरह से सक्षम हो। इससे वह और विभाग गौरवान्वित महसूस करेंगे।
बेसिक शिक्षा की असफलता पर जताया दुख
शिक्षामंत्री ने कहा कि गुरुजनों पर छात्रों को शिक्षा और संस्कार देने की जिम्मेदारी है, लेकिन परिषदीय विद्यालय इसमें सफल नहीं हो पा रहे हैं। कहा कि निरीक्षणों के दौरान कक्षा पांच से आठ तक के छात्र-छात्राएं दो-तीन का पहाड़ा भी नहीं सुना सके। हिंदी के सरल वाक्य नहीं पढ़ पाए। मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री तक का नाम सही नहीं बता पाते हैं। कहाकि मीडिया के माध्यम से बेसिक शिक्षा की विफलता की चर्चा होती है। इन्हें जोर-शोर से प्रसारित किया जाता है। इससे उन्हें कष्ट है।

बेसिक शिक्षामंत्री रामगोविंद चौधरी के इस पत्र को संज्ञान में लेते हुए बीएसए राजेश वर्मा ने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों, जिला समन्वयकों, एबीआरसी और एनपीआरसी को यह पत्र भेज दिया है। साथ ही निर्देश दिया है कि वे लोग जब विद्यालय में जाएं तो गुरुजनों को शिक्षामंत्री के इस पत्र को पढ़कर सुनाएं। साथ ही इससे अवगत कराएं।

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