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घर-घर जाकर जलालाबाद को पर्यटन नगरी बनाने की मुहिम को बढ़ाने का संकल्प
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जलालाबाद में आयोजित बैठक में बोलते अशित पाठक । संवाद
- फोटो : SHAHJAHANPUR
जलालाबाद। 18 दिसंबर को शाहजहांपुर की जनसभा में भगवान परशुराम के चरणों में प्रणाम से संबोधन की शुरुआत कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जलालाबाद को पर्यटक स्थल घोषित करने की पुरानी मांग को नई ऊर्जा दे दी है। रविवार को राष्ट्र स्वाभिमान ट्रस्ट के बैनर तले विभिन्न संगठनों के युवाओं की चिंतन बैठक हुई। इसमें जलालाबाद को पर्यटन नगरी बनाने की मुहिम को बढ़ाने का संकल्प लिया गया।
एक मैरिज लॉन में हुई बैठक का शुभारंभ भगवान परशुराम के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन व जनपद के शहीदों पर माल्यार्पण से हुआ। राष्ट्र स्वाभिमान ट्रस्ट, भगवान परशुराम मंदिर जीर्णोद्धार एवं जनजागरण समिति समेत कई सामाजिक संगठनों के लोग शामिल हुए। ट्रस्ट के आलोक शुक्ला ने कहा कि इस मुहिम को अंजाम तक पहुंचाने के लिए सभी को राजनीति से अलग, एकजुट होकर काम करना होगा। हमारा लक्ष्य भगवान परशुराम की इस नगरी को पर्यटक स्थल घोषित कराने के साथ इसे रामायण सर्किट में शामिल कराना है।
ट्रस्ट के राष्ट्रीय अध्यक्ष अशित पाठक ने कहा कि हमारे धार्मिक ग्रंथों के अलावा कई शोध में यह बात सिद्ध हो चुकी है कि भगवान परशुराम का जन्म यहीं हुआ था। सरकार काशी और अयोध्या का कायाकल्प कर भगवान श्रीराम से जुड़े विभिन्न 15 स्थानों को रामायण सर्किट में शामिल कर उनके विकास का खाका तैयार कर रही है। ऐसे में भगवान परशुराम की इस नगरी को जन्मस्थली के रूप में विकसित कर सरकार उसे रामायण सर्किट में शामिल करे।
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बैठक में तय हुआ कि इस मांग को लेकर ब्लॉक, तहसील व जिला स्तर पर धरना-प्रदर्शन, नगर में जनजागरण तथा आगामी पांच जनवरी की सुबह उबरिया मंदिर से पैदल निशान यात्रा निकाली जाएगी। आंदोलन की शुरुआत से पहले पूरे जनपद में घर-घर जाकर लोगों को इस मांग के प्रति जागरूक किया जाएगा। रविवार को इस कार्य की शुरुआत करते हुए कार्यकर्ताओं ने बाजार जाकर दुकानदारों से संपर्क किया और सहयोग की अपील की। बैठक में संजू मिश्रा, आनंद पांडेय, सुमित अवस्थी, अमित दीक्षित, सोम शेखर अग्निहोत्री, टीटू भारद्वाज, शिवम तिवारी, ओमप्रकाश सिंह, अनुराग दीक्षित, गोपाल वर्मा, वीटू गुप्ता, अंशुल अग्निहोत्री आदि शामिल रहे।
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एक मैरिज लॉन में हुई बैठक का शुभारंभ भगवान परशुराम के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन व जनपद के शहीदों पर माल्यार्पण से हुआ। राष्ट्र स्वाभिमान ट्रस्ट, भगवान परशुराम मंदिर जीर्णोद्धार एवं जनजागरण समिति समेत कई सामाजिक संगठनों के लोग शामिल हुए। ट्रस्ट के आलोक शुक्ला ने कहा कि इस मुहिम को अंजाम तक पहुंचाने के लिए सभी को राजनीति से अलग, एकजुट होकर काम करना होगा। हमारा लक्ष्य भगवान परशुराम की इस नगरी को पर्यटक स्थल घोषित कराने के साथ इसे रामायण सर्किट में शामिल कराना है।
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ट्रस्ट के राष्ट्रीय अध्यक्ष अशित पाठक ने कहा कि हमारे धार्मिक ग्रंथों के अलावा कई शोध में यह बात सिद्ध हो चुकी है कि भगवान परशुराम का जन्म यहीं हुआ था। सरकार काशी और अयोध्या का कायाकल्प कर भगवान श्रीराम से जुड़े विभिन्न 15 स्थानों को रामायण सर्किट में शामिल कर उनके विकास का खाका तैयार कर रही है। ऐसे में भगवान परशुराम की इस नगरी को जन्मस्थली के रूप में विकसित कर सरकार उसे रामायण सर्किट में शामिल करे।
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बैठक में तय हुआ कि इस मांग को लेकर ब्लॉक, तहसील व जिला स्तर पर धरना-प्रदर्शन, नगर में जनजागरण तथा आगामी पांच जनवरी की सुबह उबरिया मंदिर से पैदल निशान यात्रा निकाली जाएगी। आंदोलन की शुरुआत से पहले पूरे जनपद में घर-घर जाकर लोगों को इस मांग के प्रति जागरूक किया जाएगा। रविवार को इस कार्य की शुरुआत करते हुए कार्यकर्ताओं ने बाजार जाकर दुकानदारों से संपर्क किया और सहयोग की अपील की। बैठक में संजू मिश्रा, आनंद पांडेय, सुमित अवस्थी, अमित दीक्षित, सोम शेखर अग्निहोत्री, टीटू भारद्वाज, शिवम तिवारी, ओमप्रकाश सिंह, अनुराग दीक्षित, गोपाल वर्मा, वीटू गुप्ता, अंशुल अग्निहोत्री आदि शामिल रहे।