फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Shahjahanpur News ›   Resolve the problems of Scheduled Caste victims soon

अनुसूचित जाति के पीड़ितों की समस्याओं का शीघ्र करें निस्तारण

Fri, 31 Dec 2021 01:21 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Fri, 31 Dec 2021 01:21 AM IST
विज्ञापन
Resolve the problems of Scheduled Caste victims soon
अध्यक्ष डॉ रामबाबू हरित । संवाद - फोटो : SHAHJAHANPUR
शाहजहांपुर। राज्य अनुसूचित जाति जनजाति आयोग के अध्यक्ष डॉ. रामबाबू हरित ने अधिकारियों को अनुसूचित जातियों से जुड़े लोगों के उत्पीड़न संबंधी मामलों में दर्ज एफआईआर के आधार पर उनका निस्तारण शीघ्रता से कराने के निर्देश दिए हैं। लखनऊ से बदायूं जाते समय बृहस्पतिवार को सुबह रोजा मंडी समिति के अतिथि गृह में उन्होंने कुछ देर ठहराव लेकर अधिकारियों के साथ बैठक की।
विज्ञापन

उन्होंने इन मामलों में अभी तक हुई कार्रवाई की समीक्षा करने के साथ अधिकारियों को निर्देश दिया कि जिन मामलों में उत्पीड़न की पुष्टि के साथ आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल हो चुके हैं, उनसे संबंधित पीड़ितों को अनुमन्य सहायता राशि जल्द दिलाएं।
विज्ञापन

एससी-एसटी आयोग के अध्यक्ष ने कहा कि केंद्र व प्रदेश सरकार ने अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के लोगों केे उत्थान के लिए बड़े पैमाने पर पहल की है। आयोग का प्रयास केवल अनुसूचित जातियों एवं जनजातियों को सामाजिक न्याय दिलाने तक सीमित नहीं है, बल्कि इन समुदायों के लोगों का आर्थिक एवं राजनीतिक सशक्तीकरण भी है। आयोग के समक्ष इन जातियों के जो प्रकरण आते हैं, वह ज्यादातर पुलिस एवं राजस्व विभाग से संबंधित होते हैं। आयोग ऐसे मामलों में समाचार पत्रों, इलेक्ट्रानिक मीडिया की खबरों का भी स्वत: संज्ञान लेता है। आगरा, आजमगढ़, औरैया, इटावा, कानपुर नगर, शाहजहांपुर, अमरोहा आदि में ऐसी घटनाओं का आयोग ने स्वत: संज्ञान लेकर स्थलीय जांच कराई और उनका नियमानुसार निस्तारण किया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन

डॉ. हरित ने बताया कि आयोग में इस वर्ष कुल 6371 प्रार्थना-पत्र प्राप्त हुए और उनमें से 4649 मामले संबंधित विभागों को निस्तारण के लिए भेजे गए। साथ ही 1722 मामलों में संबंधित विभागों से आख्या मांगकर उनका निस्तारण किया गया। कुछ जनपदों में ऐसी शिकायतों का निस्तारण किया गया, जिनमें पीड़ितों को सक्षम अधिकारियों द्वारा आर्थिक सहायता समय से नहीं दिलाए जाने की बात कही गई थी। आयोग के अध्यक्ष ने बताया कि ऐसे 85 प्रकरणों में पीड़ितों को एक करोड़ 28 लाख 91 हजार 250 रुपये की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई गई। इस मौके पर मुख्य विकास अधिकारी श्याम बहादुर सिंह, जिला समाज कल्याण अधिकारी राजेश कुमार आदि अधिकारी मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed