{"_id":"2b2ea031b5e814cdb72db8384b48fc93","slug":"religion-is-the-school-of-life-upgrade-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"‘जीवन उन्नयन की पाठशाला है धर्म’","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
‘जीवन उन्नयन की पाठशाला है धर्म’
शाहजहांपुर।
Updated Tue, 09 Jun 2015 09:11 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
एसएस कॉलेज में संचालित इग्नू केंद्र पर चल रही बीएड कार्यशाला में छात्राध्यापकों को सहज मार्ग साधना पद्धति के बारे में बताया गया।
इस अवसर पर श्री रामचंद्र मिशन आश्रम के निदेशक प्रभात कुमार ने कहा कि आज मनुष्य की सबसे बड़ी आवश्यकता प्रेम, सहयोग और संवेदना की है। प्राय: मनुष्य स्वयं को पूजा पद्धतियों से जोड़कर जीवन को पूर्ण मान लेता है, लेकिन वास्तव में धर्म मनुष्य जीवन उन्नयन की पाठशाला है, जबकि आध्यात्म उच्च शिक्षण संस्थान। संस्कार हमें मनुष्यता सिखाते हैं और आध्यात्मिकता महामानव बनाती है। मेरठ संवर्ग के प्रभारी अशोक गर्ग, झारखंड संवर्ग के पूर्व प्रभारी ज्ञानेंद्र भटनागर, प्रशिक्षण कार्यक्रम के उप निदेशक सीपी सक्सेना, आश्रम प्रबंधक रवींद्र सिन्हा आदि ने भी सहज मार्ग के महत्व पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर छात्राध्यापकों ने ध्यान क्रिया का अभ्यास भी किया। डॉ. प्रशांत अग्निहोत्री के संचालन में हुए कार्यक्रम में प्राचार्य डॉ. अवनीश मिश्र ने आभार व्यक्त किया। इस मौके पर केंद्र समन्वयक डॉ. प्रभात शुक्ला, डॉ. एके शर्मा, डॉ. सुरेंद्र सिंह, डॉ. अरुण, डॉ. एके उपाध्याय, हिमांशु शुक्ल, सुषमा मेहरोत्रा, बलराम वाजपेयी आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
इस अवसर पर श्री रामचंद्र मिशन आश्रम के निदेशक प्रभात कुमार ने कहा कि आज मनुष्य की सबसे बड़ी आवश्यकता प्रेम, सहयोग और संवेदना की है। प्राय: मनुष्य स्वयं को पूजा पद्धतियों से जोड़कर जीवन को पूर्ण मान लेता है, लेकिन वास्तव में धर्म मनुष्य जीवन उन्नयन की पाठशाला है, जबकि आध्यात्म उच्च शिक्षण संस्थान। संस्कार हमें मनुष्यता सिखाते हैं और आध्यात्मिकता महामानव बनाती है। मेरठ संवर्ग के प्रभारी अशोक गर्ग, झारखंड संवर्ग के पूर्व प्रभारी ज्ञानेंद्र भटनागर, प्रशिक्षण कार्यक्रम के उप निदेशक सीपी सक्सेना, आश्रम प्रबंधक रवींद्र सिन्हा आदि ने भी सहज मार्ग के महत्व पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर छात्राध्यापकों ने ध्यान क्रिया का अभ्यास भी किया। डॉ. प्रशांत अग्निहोत्री के संचालन में हुए कार्यक्रम में प्राचार्य डॉ. अवनीश मिश्र ने आभार व्यक्त किया। इस मौके पर केंद्र समन्वयक डॉ. प्रभात शुक्ला, डॉ. एके शर्मा, डॉ. सुरेंद्र सिंह, डॉ. अरुण, डॉ. एके उपाध्याय, हिमांशु शुक्ल, सुषमा मेहरोत्रा, बलराम वाजपेयी आदि मौजूद रहे।