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Shahjahanpur News: राहत शिविर का मतलब, खाना खुद बनाओ और खाओ

Tue, 09 Sep 2025 12:59 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Tue, 09 Sep 2025 12:59 AM IST
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Relief camp means cook your own food and eat it
एनटीआई ​स्थित बाढ़ राहत ​शिविर में ठहरे पीड़ित। संवाद
शाहजहांपुर। लोधीपुर स्थित एनटीआई में बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए प्रशासन की ओर से राहत शिविर बनाया गया है। यहां के लोगों की शिकायत है कि समय से खाना वितरित नहीं किया जाता है। इससे लोग भूख से परेशान हो जाते हैं। काम-धंधा ठप होने से लोग पहले से ही परेशान है। बाहर से सामान लाकर खाना बनाना महंगा पड़ जाता है।
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एनटीआई राहत शिविर में करीब 40 लोग ठहरे हुए हैं। इसमें 14 परिवार शामिल हैं। यहां पर क्षेत्र के लेखपाल की देखभाल के लिए ड्यूटी लगाई गई है। राहत शिविर में एक मेडिकल कैंप भी लगाया गया है। यहां पर शरण लिए हुए लोगों का कहना है कि सुबह आठ बजे केला और दलिया आदि का नाश्ता दिया गया था।
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शनिवार दिन में दो बजे खाना दिया गया। इससे बच्चे और बुजुर्ग भूख से परेशान हो गए। प्रशासन को सही समय पर लोगों को खाना वितरित करना चाहिए। खाना सही गुणवत्ता का दिया जा रहा है। कुछ लोग ने प्रशासन की ओर से की गई व्यवस्था की तारीफ भी की।
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राहत शिविर में मिलने लगा चाय नाश्ता और समय से मिला खाना
रोजा। अहमदपुर रेती रोड स्थित कल्याण सिंह सामुदायिक भवन में बाढ़ आपदा पीड़ितों के लिए राहत शिविर बनाया गया। इसमें लोकबिहार काॅलोनी के 110 लोगों ने शरण ली थी। शनिवार को छोटे बच्चों के परिजनों को दूध के लिए परेशान होना पड़ा और रविवार सुबह चाय नाश्ता न दिए जाने की खबर अमर उजाला ने प्रमुखता से प्रकाशित की जिसके बाद सोमवार को सुबह चाय और थोड़ी देर के बाद केला और सुबह 11 बजे खाना दिया गया। शरणार्थियों ने बताया अब सब कुछ ठीक चल रहा है। लोक बिहार कॉलोनी में पानी कम होने के बाद कई लोग अपने घरों को लौट गए हैं। अब राहत शिविर में कुल 65 लोग ही रह रहे हैं। इनके घरों के बाहर गलियों में अभी भी पानी भरा हुआ है।
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लोगों का दर्द
रविवार को सुबह नाश्ता नहीं दिया गया। दिन में दो बजे खाना दिया गया। इससे लोग परेशान हो गए। सोमवार को सुबह नाश्ता समय से मिला। खाना दिन में दो बजे बांटा गया।
- चुन्नालाल जोशी, लोधीपुर
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सुबह नाश्ता दिए जाने के बाद खाना काफी देर से दिया जाता है। इसकी वजह से बच्चे और बुजुर्ग भूख से परेशान होना पड़ता है। खाना थोड़ा जल्दी वितरित किया जाना चाहिए।

- बहार, लोधीपुर
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सुबह घरों में काम करने जाना पड़ता है। लौटकर आते हैं तब तक नाश्ता बांट दिया जाता है। गिनती के हिसाब से लोगों का नाश्ता और खाना बचाकर रखना चाहिए।
- पिंकी, लोधीपुर
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राहत शिविर की देखभाल के लिए लोग लगाए गए हैं। जब नाश्ता और खाना आएगा तभी वे वितरित करेंगे। कभी-कभी देर होने पर लोग परेशान हो जाते हैं।
- सल्ली देवी, लोधीपुर

एनटीआई स्थित बाढ़ राहत शिविर में ठहरे पीड़ित। संवाद

एनटीआई स्थित बाढ़ राहत शिविर में ठहरे पीड़ित। संवाद

एनटीआई स्थित बाढ़ राहत शिविर में ठहरे पीड़ित। संवाद

एनटीआई स्थित बाढ़ राहत शिविर में ठहरे पीड़ित। संवाद

एनटीआई स्थित बाढ़ राहत शिविर में ठहरे पीड़ित। संवाद

एनटीआई स्थित बाढ़ राहत शिविर में ठहरे पीड़ित। संवाद

एनटीआई स्थित बाढ़ राहत शिविर में ठहरे पीड़ित। संवाद

एनटीआई स्थित बाढ़ राहत शिविर में ठहरे पीड़ित। संवाद

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