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Shahjahanpur News: आरोपियों की गिरफ्तारी न होने पर धरने पर बैठे परिजन
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अल्हागंज में हाईवे किनारे धरने पर बैठे सुधीर राठौर के परिजन। संवाद
अल्हागंज। ससुराल वालों पर ब्लैकमेलिंग का आरोप लगाकर आत्महत्या करने वाले युवक के परिजन शुक्रवार को धरने पर बैठ गए। परिजन रिपोर्ट दर्ज होने के एक महीने से ज्यादा समय बीतने के बावजूद किसी आरोपी की गिरफ्तारी न होने से नाराज थे।
अल्हागंज थाना क्षेत्र के मोहल्ला बगिया निवासी 28 वर्षीय सुधीर राठौर घर पर अकेला रहता था। दस फरवरी 2023 को पत्नी ने फंदे से लटककर आत्महत्या कर ली थी। 19 मई की रात करीब आठ बजे सुधीर राठौर ने फेसबुक पर एक वीडियो अपलोड किया। इसमें सुधीर कह रहा था कि उसकी पत्नी की मौत के बाद ससुराल वालों ने उसके खिलाफ दहेज हत्या की रिपोर्ट दर्ज करा दी थी।
सुधीर के मुताबिक केस वापस लेने और राजीनामे के नाम पर उसकी सास, साले, साढ़ू आदि उससे 25 लाख रुपये ले चुके। अब भी 15 लाख रुपये मांग रहे हैं। केस के गवाह भी रुपये मांग रहे हैं। इस वजह से वह बहुत अवसाद में है, जिसके चलते वह अपनी जान दे रहा है।
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उसकी मौत के जिम्मेदार उसके ससुराल वाले हैं। इसके बाद उसने फंदे से लटककर जान दे दी थी। शुक्रवार को धरने पर सुधीर के पिता रामनरेश, माता रामा देवी, बहनें अंजुम, मोनिका, रोली, साधना, राधा व रितिका, मौसी गीता, मौसेरे भाई अनिल और मामा सुभाष बैठे। घरवालों का आरोप है कि तहरीर देने पर भी पुलिस ने तीन दिन रिपोर्ट दर्ज नहीं की।
22 मई को थाने जाने पर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज की, लेकिन किसी की गिरफ्तारी नहीं की। पुलिस आरोपियों का बचाव कर रही है। परिवार ने उच्चाधिकारी से घटना की जांच कराकर आरोपियाें को जेल भेजे जाने की मांग की। पुलिस ने धरना खत्म कराने के लिए परिवार को समझाने का प्रयास किया, लेकिन घरवाले नहीं माने।
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अल्हागंज थाना क्षेत्र के मोहल्ला बगिया निवासी 28 वर्षीय सुधीर राठौर घर पर अकेला रहता था। दस फरवरी 2023 को पत्नी ने फंदे से लटककर आत्महत्या कर ली थी। 19 मई की रात करीब आठ बजे सुधीर राठौर ने फेसबुक पर एक वीडियो अपलोड किया। इसमें सुधीर कह रहा था कि उसकी पत्नी की मौत के बाद ससुराल वालों ने उसके खिलाफ दहेज हत्या की रिपोर्ट दर्ज करा दी थी।
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सुधीर के मुताबिक केस वापस लेने और राजीनामे के नाम पर उसकी सास, साले, साढ़ू आदि उससे 25 लाख रुपये ले चुके। अब भी 15 लाख रुपये मांग रहे हैं। केस के गवाह भी रुपये मांग रहे हैं। इस वजह से वह बहुत अवसाद में है, जिसके चलते वह अपनी जान दे रहा है।
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उसकी मौत के जिम्मेदार उसके ससुराल वाले हैं। इसके बाद उसने फंदे से लटककर जान दे दी थी। शुक्रवार को धरने पर सुधीर के पिता रामनरेश, माता रामा देवी, बहनें अंजुम, मोनिका, रोली, साधना, राधा व रितिका, मौसी गीता, मौसेरे भाई अनिल और मामा सुभाष बैठे। घरवालों का आरोप है कि तहरीर देने पर भी पुलिस ने तीन दिन रिपोर्ट दर्ज नहीं की।
22 मई को थाने जाने पर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज की, लेकिन किसी की गिरफ्तारी नहीं की। पुलिस आरोपियों का बचाव कर रही है। परिवार ने उच्चाधिकारी से घटना की जांच कराकर आरोपियाें को जेल भेजे जाने की मांग की। पुलिस ने धरना खत्म कराने के लिए परिवार को समझाने का प्रयास किया, लेकिन घरवाले नहीं माने।