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Shahjahanpur News: लक्ष्य के सापेक्ष अब तक दो फीसदी भी नहीं हुई गेहूं खरीद
Mon, 22 May 2023 12:01 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
Updated Mon, 22 May 2023 12:01 AM IST
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शाहजहांपुर। जिले में गेहूं खरीद की स्थिति बेहद खराब है। लक्ष्य के सापेक्ष दो प्रतिशत खरीद भी नहीं हो पाई है, जबकि छह संस्थाओं के जिले में 186 क्रय केंद्र खोले गए हैं। इन पर सन्नाटा पसरा हुआ है। किसानों को समर्थन मूल्य से अधिक दाम बाजार में मिल रहे हैं। लिहाजा वे बाजार में गेहूं की बिक्री कर रहे हैं। दो फीसदी खरीद भी घर-घर जाकर गेहूं खरीदने की योजना से हुई है।
सरकार ने गेहूं खरीद का समर्थन मूल्य 2125 रुपये प्रति क्विंटल रखा था। इसके लिए आरएफसी, पीसीएफ, यूपीएसएस, मंडी समिति, एफसीआई संस्थाओं के पूरे जिले में 186 क्रय केंद्र स्थापित किए गए। क्रय केंद्रों पर कर्मचारियों को लगाया गया। इसके अलावा उनके लिए अन्य सुविधाएं भी मुहैया कराईं गईं। समर्थन मूल्य पिछली वर्ष की अपेक्षा अधिक होने के बाद भी किसान अपनी फसल को लेकर क्रय केंद्रों पर नहीं पहुंच रहा है। किसान को समर्थन मूल्य से अधिक दाम खुले बाजार में मिल रहे हैं। इसलिए किसान अपनी फसल को बाजार में बेच रहे हैं।
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जागरूकता की रही कमी
गेहूं की फसल को सरकारी क्रय केंद्रों पर बेचने के लिए किसानों को जागरूक करने के प्रयास में कमी रही। इसकी वजह से किसान क्रय केंद्रों की तरफ मुंह मोड़ लिया। इसकी एक वजह यह भी है कि जब किसानों को अपनी फसल के खुले बाजार में समर्थन मूल्य से अधिक दाम मिल रहे हैं तो वह क्रय केंद्रों पर गेहूं क्यों बेचने आएगा।
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घर-घर जाकर खरीद से भी नहीं पड़ा असर
सरकार ने योजना चलाई कि किसान को अपनी फसल को क्रय केंद्र तक लाने के लिए काफी दिक्कत होती है। किसान को ढुलाई का पैसा अतिरिक्त देना पड़ता है। इसको देखते हुए प्रदेश सरकार ने घोषणा की थी कि घर-घर जाकर मोबाइल टीमें गेहूं खरीद करेंगी। पूरे जिले में मई 66 मीट्रिक टन गेहूं घर-घर जाकर मोबाइल टीमों ने खरीदा। इसके बाद भी खरीदारी के प्रतिशत में कोई सुधार नहीं हुआ।
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यह है स्थिति
क्रय केंद्र- 186
लक्ष्य- 311000 मीट्रिक टन
खरीद - 5250.707 मीट्रिक टन
लक्ष्य के सापेक्ष खरीद का प्रतिशत- 1.68
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वर्जन- गेहूं खरीद का लक्ष्य जिले में ही नहीं पूरे प्रदेश में निराशाजनक है। पूरे प्रयास किए जा रहे हैं किसान अपनी फसल सरकारी क्रय केंद्रों पर बिक्री करे। इसके लिए घर-घर जाकर गेहूं खरीदने के लिए मोबाइल टीमें लगाई गईं हैं। इसके बाद भी खरीद में कोई खास सुधार नहीं हुआ है।
त्रिभुवन, एडीएम वित्त एवं राजस्व
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सरकार ने गेहूं खरीद का समर्थन मूल्य 2125 रुपये प्रति क्विंटल रखा था। इसके लिए आरएफसी, पीसीएफ, यूपीएसएस, मंडी समिति, एफसीआई संस्थाओं के पूरे जिले में 186 क्रय केंद्र स्थापित किए गए। क्रय केंद्रों पर कर्मचारियों को लगाया गया। इसके अलावा उनके लिए अन्य सुविधाएं भी मुहैया कराईं गईं। समर्थन मूल्य पिछली वर्ष की अपेक्षा अधिक होने के बाद भी किसान अपनी फसल को लेकर क्रय केंद्रों पर नहीं पहुंच रहा है। किसान को समर्थन मूल्य से अधिक दाम खुले बाजार में मिल रहे हैं। इसलिए किसान अपनी फसल को बाजार में बेच रहे हैं।
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जागरूकता की रही कमी
गेहूं की फसल को सरकारी क्रय केंद्रों पर बेचने के लिए किसानों को जागरूक करने के प्रयास में कमी रही। इसकी वजह से किसान क्रय केंद्रों की तरफ मुंह मोड़ लिया। इसकी एक वजह यह भी है कि जब किसानों को अपनी फसल के खुले बाजार में समर्थन मूल्य से अधिक दाम मिल रहे हैं तो वह क्रय केंद्रों पर गेहूं क्यों बेचने आएगा।
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घर-घर जाकर खरीद से भी नहीं पड़ा असर
सरकार ने योजना चलाई कि किसान को अपनी फसल को क्रय केंद्र तक लाने के लिए काफी दिक्कत होती है। किसान को ढुलाई का पैसा अतिरिक्त देना पड़ता है। इसको देखते हुए प्रदेश सरकार ने घोषणा की थी कि घर-घर जाकर मोबाइल टीमें गेहूं खरीद करेंगी। पूरे जिले में मई 66 मीट्रिक टन गेहूं घर-घर जाकर मोबाइल टीमों ने खरीदा। इसके बाद भी खरीदारी के प्रतिशत में कोई सुधार नहीं हुआ।
यह है स्थिति
क्रय केंद्र- 186
लक्ष्य- 311000 मीट्रिक टन
खरीद - 5250.707 मीट्रिक टन
लक्ष्य के सापेक्ष खरीद का प्रतिशत- 1.68
वर्जन- गेहूं खरीद का लक्ष्य जिले में ही नहीं पूरे प्रदेश में निराशाजनक है। पूरे प्रयास किए जा रहे हैं किसान अपनी फसल सरकारी क्रय केंद्रों पर बिक्री करे। इसके लिए घर-घर जाकर गेहूं खरीदने के लिए मोबाइल टीमें लगाई गईं हैं। इसके बाद भी खरीद में कोई खास सुधार नहीं हुआ है।
त्रिभुवन, एडीएम वित्त एवं राजस्व