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Shahjahanpur News: आंगनबाड़ी कार्यकर्ता की मौत के मामले में डीपीओ पर कार्रवाई की संस्तुति
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शाहजहांपुर। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता की मृत्यु होने के मामले में डीएम ने डीपीओ के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की संस्तुति की है। कार्यकर्ता की मौत के बाद उनकी बेटी ने डीपीओ पर उत्पीड़न किए जाने का आरोप लगाते हुए सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल किया था।
डीएम की ओर से बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग के निदेशक को पत्र भेजा गया है। इसमें बताया गया है कि प्रीति शंखवार आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के पद पर विगत 16 वर्ष से कार्यरत थीं। इनके परिजनों ने संबंधित बैंक में शिकायत की थी कि उनका मानदेय जिस खाते में जाता था, उसमें किसी ऋण के रुपये कट रहे हैं।
30 जनवरी 2026 को खाता बंद कराकर नया खुलवा लिया गया। परिजन नए खाते में मानदेय चाहते थे। प्रीति शंखवार ने अपने नए खाते में मानदेय प्राप्त करने के लिए जिला कार्यक्रम अधिकारी से संपर्क किया लेकिन उन्होंने न तो उनकी बात को ठीक से सुना और न ही खाते को बदलने के संबंध में कार्रवाई की।
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एक अप्रैल को उनकी लखनऊ ले जाते समय तबीयत बिगड़ने से मृत्यु हो गई। इस वजह से डीपीओ पर कार्रवाई की संस्तुति की गई है। वहीं, बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार निदेशालय की निदेशक सरनीत कौर ब्रोका ने जिला कार्यक्रम अधिकारी अरविंद रस्तोगी को विभागीय कार्रवाई के लिए कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
इसमें कहा गया है कि उन्होंने आंगनबाड़ी के प्रार्थना पत्र की उपेक्षा की, अपने कर्तव्यों के निर्वहन में घोर लापरवाही बरती, प्रकरण सोशल मीडिया पर वायरल होने से विभाग की छवि धूमिल हुई। उनसे सात दिन में जवाब मांगा गया है।
डीएम ने बताया कि डीपीओ पर विभागीय कार्रवाई की संस्तुति करते हुए निदेशालय को रिपोर्ट भेज दी गई है। अब निदेशालय स्तर पर कार्रवाई होगी।
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डीएम की ओर से बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग के निदेशक को पत्र भेजा गया है। इसमें बताया गया है कि प्रीति शंखवार आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के पद पर विगत 16 वर्ष से कार्यरत थीं। इनके परिजनों ने संबंधित बैंक में शिकायत की थी कि उनका मानदेय जिस खाते में जाता था, उसमें किसी ऋण के रुपये कट रहे हैं।
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30 जनवरी 2026 को खाता बंद कराकर नया खुलवा लिया गया। परिजन नए खाते में मानदेय चाहते थे। प्रीति शंखवार ने अपने नए खाते में मानदेय प्राप्त करने के लिए जिला कार्यक्रम अधिकारी से संपर्क किया लेकिन उन्होंने न तो उनकी बात को ठीक से सुना और न ही खाते को बदलने के संबंध में कार्रवाई की।
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एक अप्रैल को उनकी लखनऊ ले जाते समय तबीयत बिगड़ने से मृत्यु हो गई। इस वजह से डीपीओ पर कार्रवाई की संस्तुति की गई है। वहीं, बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार निदेशालय की निदेशक सरनीत कौर ब्रोका ने जिला कार्यक्रम अधिकारी अरविंद रस्तोगी को विभागीय कार्रवाई के लिए कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
इसमें कहा गया है कि उन्होंने आंगनबाड़ी के प्रार्थना पत्र की उपेक्षा की, अपने कर्तव्यों के निर्वहन में घोर लापरवाही बरती, प्रकरण सोशल मीडिया पर वायरल होने से विभाग की छवि धूमिल हुई। उनसे सात दिन में जवाब मांगा गया है।
डीएम ने बताया कि डीपीओ पर विभागीय कार्रवाई की संस्तुति करते हुए निदेशालय को रिपोर्ट भेज दी गई है। अब निदेशालय स्तर पर कार्रवाई होगी।