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राम नाम जपने से मिलता है अलौकिक सुख
अमर उजाला ब्यूरो शाहजहांपुर।
Updated Wed, 01 Mar 2017 10:45 PM IST
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श्री राम
- फोटो : अमर उजाला
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खिरनीबाग धर्मशाला में शुरू हुई रामकथा
खिरनीबाग स्थित लाला रामचरन लाल धर्मशाला में श्रीराम कथा शुरू हो गई। पहले दिन कथा व्यास आचार्य मधुर ने मंगलाचरण से कथा का शुभारंभ किया और कथा की महत्ता समझाई।
कथा व्यास ने कहा कि राम का नाम श्रवण करने से ही भौतिक और अलौकिक सुख प्राप्त किया जा सकता है। इसलिए हमें सांसारिक मायामोह छोड़ कर कुछ समय पूरे मनोयोग से प्रभु राम का नाम जरूर जपना चाहिए। हनुमान जी अपने प्रभु श्रीराम का नाम जपने के कारण ही रसिक बन गए और उनके समान संसार में राम को दूसरा कोई भक्त नहीं है। कथा रूपी अमृत सभी सूखों की खान है। यह मानव शरीर तभी श्रेष्ठ है, जब हम प्रभु का स्मरण करें।
इससे पूर्व डॉ. सत्य प्रकाश मिश्र और राकेश कुमार पांडेय ने व्यास पीठ और आचार्य का पूजन कर पुण्य कमाया। आयोजन में चंद्र प्रकाश वाजपेयी, रितेश शुक्ला, अशोक गुप्ता, नीरज वाजपेयी, हरिशरण वाजपेयीे आदि का योगदान रहा।
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खिरनीबाग स्थित लाला रामचरन लाल धर्मशाला में श्रीराम कथा शुरू हो गई। पहले दिन कथा व्यास आचार्य मधुर ने मंगलाचरण से कथा का शुभारंभ किया और कथा की महत्ता समझाई।
कथा व्यास ने कहा कि राम का नाम श्रवण करने से ही भौतिक और अलौकिक सुख प्राप्त किया जा सकता है। इसलिए हमें सांसारिक मायामोह छोड़ कर कुछ समय पूरे मनोयोग से प्रभु राम का नाम जरूर जपना चाहिए। हनुमान जी अपने प्रभु श्रीराम का नाम जपने के कारण ही रसिक बन गए और उनके समान संसार में राम को दूसरा कोई भक्त नहीं है। कथा रूपी अमृत सभी सूखों की खान है। यह मानव शरीर तभी श्रेष्ठ है, जब हम प्रभु का स्मरण करें।
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इससे पूर्व डॉ. सत्य प्रकाश मिश्र और राकेश कुमार पांडेय ने व्यास पीठ और आचार्य का पूजन कर पुण्य कमाया। आयोजन में चंद्र प्रकाश वाजपेयी, रितेश शुक्ला, अशोक गुप्ता, नीरज वाजपेयी, हरिशरण वाजपेयीे आदि का योगदान रहा।
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