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Shahjahanpur News: रामगंगा खतरे के निशान से 80 सेंटीमीटर ऊपर, गांवों में कई फुट भरा पानी
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तिकोलाघाट के पास बाढ़ग्रस्त क्षेत्र का निरीक्षण करते एडीएम व अन्य अधिकारी। संवाद
जलालाबाद (शाहजहांपुर)। रामगंगा और बहगुल नदियों में लगातार बढ़ रहा पानी अब बाढ़ प्रभावित गांवों के लोगों के लिए बड़ी मुसीबत बन गया है। अल्हागंज के डबरी घाट पर रामगंगा का जलस्तर शनिवार को चार सेंटीमीटर और बढ़कर खतरे के निशान से 80 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गया। कसारीकलां, कसारी खुर्द, कुंडरी, मंझरा, उइला, थाथरमई, काजरबोझी, बलदेवपुर, तेरा और शाहपुर समेत कई गांवों की गलियों और रास्तों में कई फुट तक पानी भर गया है। करीब आठ दिन से बिजली आपूर्ति ठप होने और फसलों के बर्बाद होने से ग्रामीणों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं।
घरों के आसपास पानी भरा होने से पशुओं को बांधने तक की जगह नहीं बची है। लगातार तीन दिनों से जलभराव के कारण ग्रामीण परिवार की जरूरतें पूरी करने के लिए भी जूझ रहे हैं। रास्तों पर पानी का बहाव तेज होने से उच्च शिक्षा के लिए नगर आने वाले छात्र-छात्राएं घरों में रहने के लिए मजबूर हैं। इससे उनकी पढ़ाई प्रभावित हो रही है।
बाढ़ से धान, उड़द, तिल और मक्का की फसलों को नुकसान हुआ है। नदियों के किनारे उगाई जाने वाली लौकी, तुरई, कद्दू और भिंडी जैसी सब्जियां भी पानी में पूरी तरह बर्बाद हो गई हैं।
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शनिवार को एडीएम वित्त एवं राजस्व अरविंद कुमार ने बाढ़ प्रभावित तिकोला गांव पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने पीड़ित परिवारों को भोजन के पैकेट वितरित किए। इस दौरान एसडीएम मधुसूदन गुप्ता, तहसीलदार राघवेश मणि त्रिपाठी और राजस्वकर्मी मौजूद रहे। एडीएम ने बताया कि कंट्रोल रूम के माध्यम से पूरे बाढ़ प्रभावित क्षेत्र की लगातार निगरानी की जा रही है। जलमग्न बस्तियों में रहने वाले प्रभावित परिवारों को भोजन के पैकेट वितरित कराए जा रहे हैं।
बहगुल नदी का पानी सीएचसी परिसर में घुसा, रात्रि सेवा बंद
जैतीपुर। बहगुल नदी का जलस्तर बढ़ने से नदी किनारे स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र परिसर में पानी पहुंच गया। परिसर और कर्मचारियों के आवास चारों तरफ से पानी से घिर गए हैं। स्थिति को देखते हुए कुछ कर्मचारियों को आवास खाली कराकर पुराने अस्पताल में शिफ्ट किया गया है। जलभराव के कारण सीएचसी में फिलहाल रात्रि सेवा बंद कर दी गई है। सीएचसी प्रभारी डॉ. मो. सजर ने बताया कि कुछ कर्मचारियों को पुराने अस्पताल में शिफ्ट किया गया है। पानी कम होने पर रात में आने वाले मरीजों का इलाज दोबारा शुरू कर दिया जाएगा। संवाद
फोटो- 26
बाढ़ग्रस्त क्षेत्र में बढ़ा संक्रमण का खतरा
शाहजहांपुर। गर्रा और खन्नौत नदी का जलस्तर घटने के बाद सुभाषनगर और लोधीपुर क्षेत्र के खाली प्लाॅटों और गड्ढों में पानी भरा हुआ है। इससे संक्रामक रोग फैलने का खतरा बढ़ गया है। इसमें मच्छर और अन्य जहरीले कीड़े पनप रहे हैं। नगर निगम की ओर से पानी भरे प्लाटों और गड्ढों में एंटी लार्वा, ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव किया जा रहा है। इसके साथ ही फॉगिंग भी की जा रही है। क्षेत्र के पार्षद रूपेश वर्मा उर्फ अन्नू ने बताया कि लगातार छिड़काव कराया जा रहा है। सुभाषनगर के पार्षद नवनीत विनय सक्सेना एंटी लार्वा, ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव करा रहे हैं। नगर आयुक्त सौम्या गुरुरानी ने बताया कि कर्मचारियों को सभी प्रभावित इलाकों में साफ-सफाई और अन्य सुरक्षात्मक कार्य कराने के लिए निर्देशित किया गया है। संवाद
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घरों के आसपास पानी भरा होने से पशुओं को बांधने तक की जगह नहीं बची है। लगातार तीन दिनों से जलभराव के कारण ग्रामीण परिवार की जरूरतें पूरी करने के लिए भी जूझ रहे हैं। रास्तों पर पानी का बहाव तेज होने से उच्च शिक्षा के लिए नगर आने वाले छात्र-छात्राएं घरों में रहने के लिए मजबूर हैं। इससे उनकी पढ़ाई प्रभावित हो रही है।
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बाढ़ से धान, उड़द, तिल और मक्का की फसलों को नुकसान हुआ है। नदियों के किनारे उगाई जाने वाली लौकी, तुरई, कद्दू और भिंडी जैसी सब्जियां भी पानी में पूरी तरह बर्बाद हो गई हैं।
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शनिवार को एडीएम वित्त एवं राजस्व अरविंद कुमार ने बाढ़ प्रभावित तिकोला गांव पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने पीड़ित परिवारों को भोजन के पैकेट वितरित किए। इस दौरान एसडीएम मधुसूदन गुप्ता, तहसीलदार राघवेश मणि त्रिपाठी और राजस्वकर्मी मौजूद रहे। एडीएम ने बताया कि कंट्रोल रूम के माध्यम से पूरे बाढ़ प्रभावित क्षेत्र की लगातार निगरानी की जा रही है। जलमग्न बस्तियों में रहने वाले प्रभावित परिवारों को भोजन के पैकेट वितरित कराए जा रहे हैं।
बहगुल नदी का पानी सीएचसी परिसर में घुसा, रात्रि सेवा बंद
जैतीपुर। बहगुल नदी का जलस्तर बढ़ने से नदी किनारे स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र परिसर में पानी पहुंच गया। परिसर और कर्मचारियों के आवास चारों तरफ से पानी से घिर गए हैं। स्थिति को देखते हुए कुछ कर्मचारियों को आवास खाली कराकर पुराने अस्पताल में शिफ्ट किया गया है। जलभराव के कारण सीएचसी में फिलहाल रात्रि सेवा बंद कर दी गई है। सीएचसी प्रभारी डॉ. मो. सजर ने बताया कि कुछ कर्मचारियों को पुराने अस्पताल में शिफ्ट किया गया है। पानी कम होने पर रात में आने वाले मरीजों का इलाज दोबारा शुरू कर दिया जाएगा। संवाद
फोटो- 26
बाढ़ग्रस्त क्षेत्र में बढ़ा संक्रमण का खतरा
शाहजहांपुर। गर्रा और खन्नौत नदी का जलस्तर घटने के बाद सुभाषनगर और लोधीपुर क्षेत्र के खाली प्लाॅटों और गड्ढों में पानी भरा हुआ है। इससे संक्रामक रोग फैलने का खतरा बढ़ गया है। इसमें मच्छर और अन्य जहरीले कीड़े पनप रहे हैं। नगर निगम की ओर से पानी भरे प्लाटों और गड्ढों में एंटी लार्वा, ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव किया जा रहा है। इसके साथ ही फॉगिंग भी की जा रही है। क्षेत्र के पार्षद रूपेश वर्मा उर्फ अन्नू ने बताया कि लगातार छिड़काव कराया जा रहा है। सुभाषनगर के पार्षद नवनीत विनय सक्सेना एंटी लार्वा, ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव करा रहे हैं। नगर आयुक्त सौम्या गुरुरानी ने बताया कि कर्मचारियों को सभी प्रभावित इलाकों में साफ-सफाई और अन्य सुरक्षात्मक कार्य कराने के लिए निर्देशित किया गया है। संवाद

तिकोलाघाट के पास बाढ़ग्रस्त क्षेत्र का निरीक्षण करते एडीएम व अन्य अधिकारी। संवाद

तिकोलाघाट के पास बाढ़ग्रस्त क्षेत्र का निरीक्षण करते एडीएम व अन्य अधिकारी। संवाद

तिकोलाघाट के पास बाढ़ग्रस्त क्षेत्र का निरीक्षण करते एडीएम व अन्य अधिकारी। संवाद