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Shahjahanpur News: नवाबपुर में शारदा नहर में डूबे रमाकांत का नहीं लग सका पता
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पुवायां। शारदा नहर में डूबे रमाकांत का दूसरे दिन भी कोई पता नहीं चल सका। परिजन नहर किनारे कई किमी दूर तक रमाकांत की तलाश में जुटे रहे। नहर का पानी कम कराने के बाद भी पता नहीं लगने से परिजन परेशान हैं।
गांव कोंप निवासी 45 वर्षीय रमाकांत 22 जुलाई को गांव नवाबपुर में शारदा नहर के पुल से नहाने के लिए नहर में कूदे थे। मौके पर मौजूद लोगों के अनुसार, एक बार वह बाहर आ गए, लेकिन दूसरी बार कूदने के बाद नहर में डूब गए। लोगों के शोर मचाने पर की लोग मौके पर पहुंचे थे। सूचना पाकर परिजन और पुलिस भी मौके पर पहुंची थी। देर शाम तक तलाश जारी रहने के बाद भी रमाकांत का पता नहीं चल सका था।
रविवार को भी रमाकांत की तलाश जारी रही। गोताखोरों ने नहर में मगरमच्छ होने के कारण नहर में दूर तक गोताखोरी करने से इन्कार कर दिया। इसके बाद परिजनों ने नहर के किनारे काफी दूर तक रमाकांत की तलाश की, लेकिन उनका कहीं कोई पता नहीं चल सका। रमाकांत के न मिलने से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
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इंस्पेक्टर प्रदीप कुमार राय ने बताया कि नहर विभाग से बात कर पीछे से पानी कम कराया गया है, लेकिन दूसरे दिन भी रमाकांत का पता नहीं चल सका है। गोताखोर और तैराक नहर में तलाश कर रहे हैं।
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गांव कोंप निवासी 45 वर्षीय रमाकांत 22 जुलाई को गांव नवाबपुर में शारदा नहर के पुल से नहाने के लिए नहर में कूदे थे। मौके पर मौजूद लोगों के अनुसार, एक बार वह बाहर आ गए, लेकिन दूसरी बार कूदने के बाद नहर में डूब गए। लोगों के शोर मचाने पर की लोग मौके पर पहुंचे थे। सूचना पाकर परिजन और पुलिस भी मौके पर पहुंची थी। देर शाम तक तलाश जारी रहने के बाद भी रमाकांत का पता नहीं चल सका था।
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रविवार को भी रमाकांत की तलाश जारी रही। गोताखोरों ने नहर में मगरमच्छ होने के कारण नहर में दूर तक गोताखोरी करने से इन्कार कर दिया। इसके बाद परिजनों ने नहर के किनारे काफी दूर तक रमाकांत की तलाश की, लेकिन उनका कहीं कोई पता नहीं चल सका। रमाकांत के न मिलने से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
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इंस्पेक्टर प्रदीप कुमार राय ने बताया कि नहर विभाग से बात कर पीछे से पानी कम कराया गया है, लेकिन दूसरे दिन भी रमाकांत का पता नहीं चल सका है। गोताखोर और तैराक नहर में तलाश कर रहे हैं।