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Shahjahanpur News: भाई के साथ भाभी के लिए भी बिक रहीं राखियां
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सिद्धार्थ रस्तोगी। सर्राफा व्यापारी
शाहजहांपुर। भइया की कलाई में बांधी जाने वाली राखी के साथ ही भाभी के लिए भी स्पेशल राखी ने बाजार में धूम मचाई हुई है। भैया-भाभी राखी के जोड़े के नाम से खूब बिक रहीं हैं। इसके अलावा इस बार फैंसी राखियां बाजार में अधिक दिखाई दे रहीं हैं। इसमें स्टोन राखी की मांग अधिक है। बारिश की मार की वजह से बाजार में राखी की बिक्री कम हो रही है। राखियों पर महंगाई का भी असर है।
भाई और बहन के रिश्ते का सबसे बड़ा त्योहार रक्षाबंधन नौ अगस्त को मनाया जाएगा। इसमें बहन भाइयों को रक्षा सूत्र बांधेंगी। भाई, बहन की रक्षा का वचन देंगे। त्योहार की तैयारियां शुरू हो गईं हैं। बाजार में दुकानें सज गईं हैं। पांच दिन से लगातार हो रही बारिश की वजह से अभी बिक्री ने जोर नहीं पकड़ा है।
अब बड़ी राखियों की जगह फैंसी धागों ने जगह ले ली है। इनकी कीमत 10 रुपये से लेकर 200 रुपये तक है। भैया-भाभी राखी एक ही जोड़े में डेढ़ सौ रुपये में बिक रहीं हैं। इसमें भाभी राखी की डिजाइन अलग है। इसकी मांग महिलाएं खूब कर रहीं हैं। भाई के साथ भाभी को भी राखी बांधने का चलन बढ़ गया है।
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राखी विक्रेता जाकिर ने बताया कि पिछली बार की अपेक्षा इस बार पांच से 10 प्रतिशत तक राखियों के भाव बढ़े हैं। अभी बाजार में खरीदारी कम हो रही है। बाहर भेजने वाले लोग राखी अधिक खरीद रहे हैं। बारिश ने भी बिक्री पर असर डाल दिया है। महिलाएं राखी खरीदने के लिए बाजार नहीं आ पा रहीं हैं।
महंगाई के बाद भी चांदी की राखी की मांग
वर्तमान में चांदी एक लाख रुपये किलोग्राम रुपये से ऊपर चल रही है। रक्षाबंधन पर चांदी की राखी भी बांधने का रिवाज है। सर्राफा व्यापारी सिद्धार्थ रस्तोगी ने बताया कि चांदी महंगी होने के बाद भी राखी की मांग अधिक है। सोने की राखी वैसे ही बहुत कम बिकती हैं। अधिकतर चांदी की राखी बिकती है। चांदी राखी 1100 रुपये से लेकर सात से आठ हजार रुपये तक की है। सोने की राखी की बिक्री काफी कम है।
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भाई और बहन के रिश्ते का सबसे बड़ा त्योहार रक्षाबंधन नौ अगस्त को मनाया जाएगा। इसमें बहन भाइयों को रक्षा सूत्र बांधेंगी। भाई, बहन की रक्षा का वचन देंगे। त्योहार की तैयारियां शुरू हो गईं हैं। बाजार में दुकानें सज गईं हैं। पांच दिन से लगातार हो रही बारिश की वजह से अभी बिक्री ने जोर नहीं पकड़ा है।
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अब बड़ी राखियों की जगह फैंसी धागों ने जगह ले ली है। इनकी कीमत 10 रुपये से लेकर 200 रुपये तक है। भैया-भाभी राखी एक ही जोड़े में डेढ़ सौ रुपये में बिक रहीं हैं। इसमें भाभी राखी की डिजाइन अलग है। इसकी मांग महिलाएं खूब कर रहीं हैं। भाई के साथ भाभी को भी राखी बांधने का चलन बढ़ गया है।
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राखी विक्रेता जाकिर ने बताया कि पिछली बार की अपेक्षा इस बार पांच से 10 प्रतिशत तक राखियों के भाव बढ़े हैं। अभी बाजार में खरीदारी कम हो रही है। बाहर भेजने वाले लोग राखी अधिक खरीद रहे हैं। बारिश ने भी बिक्री पर असर डाल दिया है। महिलाएं राखी खरीदने के लिए बाजार नहीं आ पा रहीं हैं।
महंगाई के बाद भी चांदी की राखी की मांग
वर्तमान में चांदी एक लाख रुपये किलोग्राम रुपये से ऊपर चल रही है। रक्षाबंधन पर चांदी की राखी भी बांधने का रिवाज है। सर्राफा व्यापारी सिद्धार्थ रस्तोगी ने बताया कि चांदी महंगी होने के बाद भी राखी की मांग अधिक है। सोने की राखी वैसे ही बहुत कम बिकती हैं। अधिकतर चांदी की राखी बिकती है। चांदी राखी 1100 रुपये से लेकर सात से आठ हजार रुपये तक की है। सोने की राखी की बिक्री काफी कम है।

सिद्धार्थ रस्तोगी। सर्राफा व्यापारी

सिद्धार्थ रस्तोगी। सर्राफा व्यापारी