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अवकाश के बावजूद किया राज्यकर्मियों ने प्रदर्शन
शाहजहांपुर।
Updated Wed, 23 Dec 2015 11:39 PM IST
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वेतनमानों में संशोधन, केंद्र के समान भत्तों के भुगतान आदि मांगों को लेकर विभिन्न विभागों के राज्य कर्मचारियों ने बुधवार को अवकाश के बावजूद पेनडाउन हड़ताल जारी रखी। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के घटक संगठनों से जुड़े तमाम कर्मचारियों ने कलक्ट्रेट में धरना देकर विरोध प्रदर्शन किया। परिषद की जिला शाखा की ओर से मुख्यमंत्री के नाम दिए गए ज्ञापन में मांगों पर जल्द उचित निर्णय नहीं होने पर बड़ा आंदोलन शुरू करने की चेतावनी दी गई है।
धरना स्थल पर हड़ताली कर्मचारियों की सभा को संबोधित करते हुए परिषद के जिलाध्यक्ष अनिल दीक्षित ने कहा कि कर्मचारियों की एकजुटता सरकार को सकारात्मक निर्णय लेने को बाध्य कर देगी। उन्होंने शासन स्तर से वार्ता के लिए प्रांतीय नेतृत्व को मिले आमंत्रण को आशाजनक संकेत बताया। जिला मंत्री अमित सिंह ने कहा कि पुरानी पेंशन योजना बहाल कराने के साथ वेतन-भत्तों के भुगतान में केंद्र-राज्य के बीच समानता लाना परिषद के आंदोलन का मुख्य लक्ष्य है।
वरिष्ठ जिला उपाध्यक्ष दिनेश चंद्र सक्सेना ने कैशलेस चिकित्सा सुविधा पर सरकार की सहमति और उच्च न्यायालय के हस्तक्षेप के बावजूद यह सुविधा नहीं मिलने के लिए सरकार की हठधर्मिता को जिम्मेदार ठहराया। परिषद की संघर्ष समिति के चेयरमैन एचएन मिश्रा ने कर्मचारियों का आह्वान किया कि वे मांगों को लेकर विचलित होने के बजाय एकजुटता बनाए रखें। मुख्यमंत्री के नाम सिटी मजिस्ट्रेट को दिए ज्ञापन में सभी मांगें जल्द निस्तारित किए जाने पर जोर दिया गया है।
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धरना-प्रदर्शन में विभिन्न विभागों से जुड़े रमाकांत अग्रिहोत्री, सीमांत मिश्रा, नवीन सागर, अजय सिंह वर्मा, भोला नाथ सक्सेना, रविशंकर वर्मा, डीके सक्सेना, दिनेश शुक्ला, केपी सिंह, शशिमाला राठौर, मायावती, संध्या शुक्ला, हेमंत अग्निहोत्री, खालिद हुसैन, अभिषेक वाजपेयी, वाईके सिंह, जितेंद्र सिंह, आनंद गंगवार, चंद्रपाल सिंह, अप्रित मिश्रा, विवेक यादव, उमेश चंद्र, ओमकार शुक्ला, उमेश चंद्र, अतुल गुप्ता, राजेश पांडेय, विनोद मिश्रा, सोमपाल, इशहाक अली आदि शामिल रहे।
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धरना स्थल पर हड़ताली कर्मचारियों की सभा को संबोधित करते हुए परिषद के जिलाध्यक्ष अनिल दीक्षित ने कहा कि कर्मचारियों की एकजुटता सरकार को सकारात्मक निर्णय लेने को बाध्य कर देगी। उन्होंने शासन स्तर से वार्ता के लिए प्रांतीय नेतृत्व को मिले आमंत्रण को आशाजनक संकेत बताया। जिला मंत्री अमित सिंह ने कहा कि पुरानी पेंशन योजना बहाल कराने के साथ वेतन-भत्तों के भुगतान में केंद्र-राज्य के बीच समानता लाना परिषद के आंदोलन का मुख्य लक्ष्य है।
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वरिष्ठ जिला उपाध्यक्ष दिनेश चंद्र सक्सेना ने कैशलेस चिकित्सा सुविधा पर सरकार की सहमति और उच्च न्यायालय के हस्तक्षेप के बावजूद यह सुविधा नहीं मिलने के लिए सरकार की हठधर्मिता को जिम्मेदार ठहराया। परिषद की संघर्ष समिति के चेयरमैन एचएन मिश्रा ने कर्मचारियों का आह्वान किया कि वे मांगों को लेकर विचलित होने के बजाय एकजुटता बनाए रखें। मुख्यमंत्री के नाम सिटी मजिस्ट्रेट को दिए ज्ञापन में सभी मांगें जल्द निस्तारित किए जाने पर जोर दिया गया है।
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धरना-प्रदर्शन में विभिन्न विभागों से जुड़े रमाकांत अग्रिहोत्री, सीमांत मिश्रा, नवीन सागर, अजय सिंह वर्मा, भोला नाथ सक्सेना, रविशंकर वर्मा, डीके सक्सेना, दिनेश शुक्ला, केपी सिंह, शशिमाला राठौर, मायावती, संध्या शुक्ला, हेमंत अग्निहोत्री, खालिद हुसैन, अभिषेक वाजपेयी, वाईके सिंह, जितेंद्र सिंह, आनंद गंगवार, चंद्रपाल सिंह, अप्रित मिश्रा, विवेक यादव, उमेश चंद्र, ओमकार शुक्ला, उमेश चंद्र, अतुल गुप्ता, राजेश पांडेय, विनोद मिश्रा, सोमपाल, इशहाक अली आदि शामिल रहे।