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तेज हवा, बूंदाबांदी से फसलों को नुकसान की आशंका
शाहजहांपुर।
Updated Fri, 27 Feb 2015 12:47 AM IST
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सर्दी से गरमी की ओर बढ़ रहे मौसम ने बृहस्पतिवार को देर रात अचानक पलटी मार दी। हवा के तेज थपेड़ों के साथ आसमान पर छाए बादलों ने बरसना शुरू कर दिया। करीब आधा घंटे तक फुहारें गिरने से रात के तापमान में गिरावट आ गई। बेमौसम की बरसात के दौरान हवा चलने से रबी फसलों को नुकसान की आशंका जताई गई है।
खास यह रहा कि शहर और आसपास के इलाके को छोड़कर ग्रामीण अंचल बूंदाबांदी से सराबोर हो गए। पुवायां और आसपास के गावों में देर तक फुहारें गिरने का सिलसिला जारी रहा। खुटार, तिलहर, जलालाबाद, कांट में भी बूंदाबांदी की खबर है। गनीमत यह रही कि ओले नहीं गिरे, वरना गेहूं की फसल का चौपट होना तय था। जिला कृषि अधिकारी अखिलानंद पांडेय के अनुसार गेहूं के जिन खेतों में सिंचाई से मिट्टी गीली है, वहां तेज हवा जारी रहने पर पौधों के गिरने का खतरा है।
डीएओ पांडेय के अनुसार दोबारा बूंदाबादी होने पर मसूर समेत कई दलहनी फसलों को नुकसान से इनकार नहीं किया जा सकता। उधर, गन्ना शोध परिषद के मौसम विश्लेषक सुरेंद्र सिंह यादव के अनुसार आसमान पर बादल छाए होने और हवा चलने का दौर जारी रहने से बूंदाबांदी फिर होने के संकेत हैं। उन्होंने बताया कि अभी इतनी बारिश नहीं हुई कि उसे रिकार्ड किया जा सके।
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खास यह रहा कि शहर और आसपास के इलाके को छोड़कर ग्रामीण अंचल बूंदाबांदी से सराबोर हो गए। पुवायां और आसपास के गावों में देर तक फुहारें गिरने का सिलसिला जारी रहा। खुटार, तिलहर, जलालाबाद, कांट में भी बूंदाबांदी की खबर है। गनीमत यह रही कि ओले नहीं गिरे, वरना गेहूं की फसल का चौपट होना तय था। जिला कृषि अधिकारी अखिलानंद पांडेय के अनुसार गेहूं के जिन खेतों में सिंचाई से मिट्टी गीली है, वहां तेज हवा जारी रहने पर पौधों के गिरने का खतरा है।
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डीएओ पांडेय के अनुसार दोबारा बूंदाबादी होने पर मसूर समेत कई दलहनी फसलों को नुकसान से इनकार नहीं किया जा सकता। उधर, गन्ना शोध परिषद के मौसम विश्लेषक सुरेंद्र सिंह यादव के अनुसार आसमान पर बादल छाए होने और हवा चलने का दौर जारी रहने से बूंदाबांदी फिर होने के संकेत हैं। उन्होंने बताया कि अभी इतनी बारिश नहीं हुई कि उसे रिकार्ड किया जा सके।
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