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Shahjahanpur News: पीडब्ल्यूडी को मिले 21 करोड़... जल्द ही पलिया हाईवे और कचहरी ओवरब्रिज की बदलेगी सूरत
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कचहरी ओवरब्रिज पर पड़ी दरार। संवाद
शाहजहांपुर। शहर से होकर निकलने वाले पलिया हाईवे के अंतर्गत 15 किलोमीटर लंबी जर्जर सड़क की 21 करोड़ से मरम्मत होगी। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने मरम्मत के लिए धनराशि लोक निर्माण विभाग को स्थानांतरित कर दी है। दो-तीन दिन में निविदा प्रक्रिया पूरी होने के बाद उम्मीद है 15 दिन में मरम्मत का काम शुरू कर दिया जाएगा। इसी प्रकार शहर के सबसे व्यस्त कचहरी ओवरब्रिज की गड्ढायुक्त सड़क को भी दुरुस्त किया जाएगा।
पलिया हाईवे के अंतर्गत महिला थाने से नियामतपुर मोड़ तक सबसे खराब सड़क मानी जाती है। यहां पर कदम-कदम पर बड़े गड्ढे हैं। सबसे व्यस्त मार्गों में होने के बावजूद वर्षों से इसकी मरम्मत नहीं की गई है। भारी वाहनों के दिन-रात गुजरने के कारण यह हाईवे काफी खतरनाक हो चुका है। खासकर दोपहिया वाहन चालकों के लिए सफर काफी खतरे से भरा हुआ है।
डीएम धर्मेंद्र प्रताप सिंह ने हरदोई बाइपास से कचहरी ओवरब्रिज होते हुए महिला थाने से नियामतपुर मोड़ तक की करीब 15 किलोमीटर लंबी सड़क को एनएचएआई से पीडब्ल्यूडी को स्थानांतरित करने के लिए कवायद शुरू की थी। इसके बाद एनएचएआई की ओर से सहमति दे दी गई। डीएम ने सड़क के स्थानांतरण से पूर्व इसकी मरम्मत कराने के लिए एनएचएआई के अधिकारियों को बजट ट्रांसफर करने के निर्देश दिए थे।
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उनकी पहल पर एनएचएआई ने शहर के अंदर की सड़कों और कचहरी ओवरब्रिज की सड़क की मरम्मत करने के लिए 21 करोड़ रुपये का भुगतान करीब 25 दिन पहले कर दिया है। इस धनराशि से सड़क की मरम्मत की जाएगी। हस्तांतरण में नगर निगम के अधीन क्षेत्र शामिल नहीं होगा।
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शहर के सबसे व्यस्त पुल पर 220 मीटर में हैं 41 गड्ढे
कचहरी ओवरब्रिज का निर्माण तीन करोड़ 14 लाख 74 हजार रुपये की लागत से वर्ष 1994 में हुआ था। यह 7.50 मीटर चौड़ा पुल है। शहर का सबसे व्यस्त और वीआईपी माने जाने वाला कचहरी ओवरब्रिज बदहाली का शिकार है। 220 मीटर लंबे पुल पर 41 जगह सड़क उधड़ी है या गड्ढे हो गए हैं।
ओवरब्रिज पर सड़क ऊबड़-खाबड़ होने से खासतौर पर दोपहिया वाहन चालकों को काफी दिक्कत होती है। इस पुल से दिनभर प्रशासनिक अधिकारी गुजरते हैं। मंत्रियों के आवास और कार्यालय भी नजदीक हैं। इसके बावजूद इसकी मरम्मत की अनदेखी की जाती है। ओवरब्रिज से दिनभर में रोडवेज बसें, ट्रक के साथ ही दस हजार से ज्यादा छोटे-बड़े वाहन गुजरते हैं। पुल के पास ही वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना का कार्यालय तो थोड़ी दूरी पर केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद और सहकारिता मंत्री जेपीएस राठौर का आवास है। कलक्ट्रेट और कचहरी आने वाले अधिकारियों-कर्मचारियों के साथ ही अधिवक्ता व आम जनता का दिनभर पुल से आना-जाना लगा रहता है। पीडब्ल्यूडी के अधीन सड़क आने के बाद अब माना जा रहा है कि इसकी मरम्मत की जाएगी।
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बारिश में होती है सबसे ज्यादा दिक्कत
बरसात शुरू हो गई है। गड्ढों में पानी भर जाने के कारण वाहन अनियंत्रित हो जाते हैं। ऐसे में हादसा होने की आशंका बनी रहती है। दोपहिया वाहन का पहिया गड्ढे में जाने पर वह अनियंत्रित हो जाता है। कई बार गड्ढे से बचने को कोशिश में वाहन आमने-सामने भी आ जाते हैं। पिछले दिनों एक बाइक सवार की ओवरब्रिज पर हादसे में मौत भी हो गई थी। दो पहिया वाहन चालक अक्सर गिरकर चोटिल हो जाते हैं।
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पलिया हाईवे के अंतर्गत जर्जर सड़क की मरम्मत के लिए पीडब्ल्यूडी को एनएचएआई से धनराशि मिल गई है। इसकी निविदा प्रक्रिया जल्द से जल्द पूरी कराकर सड़क की मरम्मत का कार्य शुरू करा दिया जाएगा।
-धर्मेंद्र प्रताप सिंह, डीएम
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एनएचएआई की ओर से पीडब्ल्यूडी को मरम्मत कराने के लिए भुगतान कर दिया गया है। अब ओवरब्रिज की मरम्मत कराने की जिम्मेदारी पीडब्ल्यूडी की है। ओवरब्रिज की भी कार्यदायी संस्था पीडब्ल्यूडी ही है।
- नवरत्न, पीडी, एनएचएआई
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पीडब्ल्यूडी को बजट मिल गया है। जीएसटी समेत 21 करोड़ रुपये का बजट है जिससे हाईवे की मरम्मत का कार्य कराया जाएगा। निविदा प्रक्रिया चल रही है।
-महेंद्र पाल, एक्सईएन, प्रांतीय खंड, लोक निर्माण विभाग
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पलिया हाईवे के अंतर्गत महिला थाने से नियामतपुर मोड़ तक सबसे खराब सड़क मानी जाती है। यहां पर कदम-कदम पर बड़े गड्ढे हैं। सबसे व्यस्त मार्गों में होने के बावजूद वर्षों से इसकी मरम्मत नहीं की गई है। भारी वाहनों के दिन-रात गुजरने के कारण यह हाईवे काफी खतरनाक हो चुका है। खासकर दोपहिया वाहन चालकों के लिए सफर काफी खतरे से भरा हुआ है।
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डीएम धर्मेंद्र प्रताप सिंह ने हरदोई बाइपास से कचहरी ओवरब्रिज होते हुए महिला थाने से नियामतपुर मोड़ तक की करीब 15 किलोमीटर लंबी सड़क को एनएचएआई से पीडब्ल्यूडी को स्थानांतरित करने के लिए कवायद शुरू की थी। इसके बाद एनएचएआई की ओर से सहमति दे दी गई। डीएम ने सड़क के स्थानांतरण से पूर्व इसकी मरम्मत कराने के लिए एनएचएआई के अधिकारियों को बजट ट्रांसफर करने के निर्देश दिए थे।
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उनकी पहल पर एनएचएआई ने शहर के अंदर की सड़कों और कचहरी ओवरब्रिज की सड़क की मरम्मत करने के लिए 21 करोड़ रुपये का भुगतान करीब 25 दिन पहले कर दिया है। इस धनराशि से सड़क की मरम्मत की जाएगी। हस्तांतरण में नगर निगम के अधीन क्षेत्र शामिल नहीं होगा।
शहर के सबसे व्यस्त पुल पर 220 मीटर में हैं 41 गड्ढे
कचहरी ओवरब्रिज का निर्माण तीन करोड़ 14 लाख 74 हजार रुपये की लागत से वर्ष 1994 में हुआ था। यह 7.50 मीटर चौड़ा पुल है। शहर का सबसे व्यस्त और वीआईपी माने जाने वाला कचहरी ओवरब्रिज बदहाली का शिकार है। 220 मीटर लंबे पुल पर 41 जगह सड़क उधड़ी है या गड्ढे हो गए हैं।
ओवरब्रिज पर सड़क ऊबड़-खाबड़ होने से खासतौर पर दोपहिया वाहन चालकों को काफी दिक्कत होती है। इस पुल से दिनभर प्रशासनिक अधिकारी गुजरते हैं। मंत्रियों के आवास और कार्यालय भी नजदीक हैं। इसके बावजूद इसकी मरम्मत की अनदेखी की जाती है। ओवरब्रिज से दिनभर में रोडवेज बसें, ट्रक के साथ ही दस हजार से ज्यादा छोटे-बड़े वाहन गुजरते हैं। पुल के पास ही वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना का कार्यालय तो थोड़ी दूरी पर केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद और सहकारिता मंत्री जेपीएस राठौर का आवास है। कलक्ट्रेट और कचहरी आने वाले अधिकारियों-कर्मचारियों के साथ ही अधिवक्ता व आम जनता का दिनभर पुल से आना-जाना लगा रहता है। पीडब्ल्यूडी के अधीन सड़क आने के बाद अब माना जा रहा है कि इसकी मरम्मत की जाएगी।
बारिश में होती है सबसे ज्यादा दिक्कत
बरसात शुरू हो गई है। गड्ढों में पानी भर जाने के कारण वाहन अनियंत्रित हो जाते हैं। ऐसे में हादसा होने की आशंका बनी रहती है। दोपहिया वाहन का पहिया गड्ढे में जाने पर वह अनियंत्रित हो जाता है। कई बार गड्ढे से बचने को कोशिश में वाहन आमने-सामने भी आ जाते हैं। पिछले दिनों एक बाइक सवार की ओवरब्रिज पर हादसे में मौत भी हो गई थी। दो पहिया वाहन चालक अक्सर गिरकर चोटिल हो जाते हैं।
पलिया हाईवे के अंतर्गत जर्जर सड़क की मरम्मत के लिए पीडब्ल्यूडी को एनएचएआई से धनराशि मिल गई है। इसकी निविदा प्रक्रिया जल्द से जल्द पूरी कराकर सड़क की मरम्मत का कार्य शुरू करा दिया जाएगा।
-धर्मेंद्र प्रताप सिंह, डीएम
एनएचएआई की ओर से पीडब्ल्यूडी को मरम्मत कराने के लिए भुगतान कर दिया गया है। अब ओवरब्रिज की मरम्मत कराने की जिम्मेदारी पीडब्ल्यूडी की है। ओवरब्रिज की भी कार्यदायी संस्था पीडब्ल्यूडी ही है।
- नवरत्न, पीडी, एनएचएआई
पीडब्ल्यूडी को बजट मिल गया है। जीएसटी समेत 21 करोड़ रुपये का बजट है जिससे हाईवे की मरम्मत का कार्य कराया जाएगा। निविदा प्रक्रिया चल रही है।
-महेंद्र पाल, एक्सईएन, प्रांतीय खंड, लोक निर्माण विभाग

कचहरी ओवरब्रिज पर पड़ी दरार। संवाद