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बीमारी और कर्ज न चुका पाने से अवसाद में आए पीडब्ल्यूडी के चौकीदार की जान दी
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मिर्जापुर (शाहजहांपुर)। बीमारी और बैंक का कर्ज न चुका पाने से अवसाद में आए पीडब्ल्यूडी के चौकीदार ने फंदा लगाकर खुदकुशी कर ली। उसका शव ग्राम जरीनपुर स्थित अस्थाई गोदाम परिसर में खड़े पीपल के पेड़ से लटका मिला। जेब में मिले सुसाइड नोट में उसने आत्महत्या का कारण बीमारी और बैंक का 2. 62 लाख रुपये कर्ज अदा नहीं कर पाना लिखा है। पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम को भेज दिया।
मिर्जापुर कस्बे में रहने वाले रमेश ने बताया कि उसके पिता रामसरन जरीनपुर गांव स्थित पीडब्ल्यूडी के अस्थाई गोदाम में चौकीदारी करते थे। मंगलवार रात किसी समय वह गले में फंदा लगाकर गोदाम के अहाते में खड़े पीपल के पेड़ से लटक गए। वह बीमारी के कारण अवसाद में रहते थे। सूचना मिलने पर प्रभारी निरीक्षक इंद्र कुमार मौके पर पहुंचे और शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। रामसरन की जेब से मिले सुसाइड नोट में लिखा मिला कि उस पर 2.62 लाख रुपये बैंक का कर्ज है। बीमारी के चलते पिछले चार महीने से परेशानी के चलते बैंक लोन अदा नहीं कर पाया। इस वजह से उसे जेल जाना पड़ सकता है। इससे उसकी बहुत बदनामी होगी, इसलिए वह आत्महत्या कर रहा है।
वहीं, रामसरन के बेटे ने बताया कि उसके पिता ने बड़ौदा उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक की शाखा जरीनपुर से 2.62 लाख रुपये ऋण लिया था, जिसकी समय से अदायगी भी हो रही थी। कोई बैंक कर्मचारी ऋण वसूली के लिए उसके घर नहीं आया।
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मृतक के पुत्र की लिखित सूचना पर शव का पोस्टमार्टम करवाया गया है। सुसाइड नोट की सत्यता की जांच की जा रही है।
- इंद्र कुमार, प्रभारी निरीक्षक, मिर्जापुर
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मिर्जापुर कस्बे में रहने वाले रमेश ने बताया कि उसके पिता रामसरन जरीनपुर गांव स्थित पीडब्ल्यूडी के अस्थाई गोदाम में चौकीदारी करते थे। मंगलवार रात किसी समय वह गले में फंदा लगाकर गोदाम के अहाते में खड़े पीपल के पेड़ से लटक गए। वह बीमारी के कारण अवसाद में रहते थे। सूचना मिलने पर प्रभारी निरीक्षक इंद्र कुमार मौके पर पहुंचे और शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। रामसरन की जेब से मिले सुसाइड नोट में लिखा मिला कि उस पर 2.62 लाख रुपये बैंक का कर्ज है। बीमारी के चलते पिछले चार महीने से परेशानी के चलते बैंक लोन अदा नहीं कर पाया। इस वजह से उसे जेल जाना पड़ सकता है। इससे उसकी बहुत बदनामी होगी, इसलिए वह आत्महत्या कर रहा है।
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वहीं, रामसरन के बेटे ने बताया कि उसके पिता ने बड़ौदा उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक की शाखा जरीनपुर से 2.62 लाख रुपये ऋण लिया था, जिसकी समय से अदायगी भी हो रही थी। कोई बैंक कर्मचारी ऋण वसूली के लिए उसके घर नहीं आया।
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मृतक के पुत्र की लिखित सूचना पर शव का पोस्टमार्टम करवाया गया है। सुसाइड नोट की सत्यता की जांच की जा रही है।
- इंद्र कुमार, प्रभारी निरीक्षक, मिर्जापुर