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Shahjahanpur News: आढ़तों पर 41 हजार क्विंटल गेहूं खरीद, सेंटरों पर सन्नाटा
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पुवायां मंडी में टिन शेड में लगा आढ़त स्वामियों का गेहूं
- आरएफसी के छह क्रय केंद्रों पर दो दिन में केवल 500 क्विंटल हुई खरीद
- आरएमओ के निरीक्षण के बावजूद सुधार में नहीं आ पा रही गेहूं की खरीद
संवाद न्यूज एजेंसी
पुवायां। पुवायां मंडी समिति क्षेत्र में दो दिन में आढ़तों और राइस मिलों पर लगभग 63 हजार क्विंटल गेहूं खरीदा गया है, जबकि सेंटरों का सन्नाटा अभी नहीं टूट रहा है। किसानों का गेहूं भी आढ़तों पर बिकता जा रहा है, इससे इस बार भी गेहूं खरीद का लक्ष्य किसी भी हाल में पूरा होता नजर नहीं आ रहा है।
पुवायां मंडी क्षेत्र में 11 अप्रैल की शाम तक प्राइवेट गेहूं खरीद का आंकड़ा 1.74 लाख क्विंटल था। बुधवार शाम तक यह आंकड़ा 2.37 लाख क्विंटल हो गया। इससे साफ है कि आढ़ती और राइस मिलर गेहूं तेजी से खरीद रहे हैं। उधर, सेंटरों पर बृहस्पतिवार को भी सन्नाटा पसरा रहा। समितियों के सेंटरों के हाल बेहद खराब हैं। आरएमओ के निरीक्षण और खरीद बढ़ाने के कड़े निर्देशों के बाद भी सरकारी गेहूं खरीद का हाल नहीं सुधर सका है।
इस बार आरएफसी केंद्र भी फ्लाप
सरकारी खरीद में आरएफसी केंद्रों का जलवा रहता है। आरएफसी के सेंटर हर वर्ष सबसे ज्यादा खरीद करते हैं, लेकिन इस बार आरएफसी के सेंटरों पर भी खरीद तेजी नहीं पकड़ पा रही है। सोमवार शाम तक पुवायां मंडी में आरएफसी के छह क्रय केंद्रों पर 45 सौ क्विंटल गेहूं खरीदा गया था। दो दिन में केवल 500 क्विंटल ही खरीद हो सकी है। छह सेंटरों पर पांच हजार क्विंटल का आंकड़ा आरएफसी के सेंटरों की साख के विपरीत है। उधर, पुवायां मंडी में लगे विभिन्न समितियों के सेंटर तो सूने ही पड़े हैं।
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भारी खरीद कर चुके हैं मंडी के कई आढ़ती
अधिकारी कह रहे हैं कि महंगाई के कारण मंडी में गेहूं कम आ रहा है, लेकिन मंडी समिति के आंकड़े बताते हैं कि मंडी परिसर में कई आढ़ती हजारों क्विंटल गेहूं खरीद कर चुके हैं। मंडी के चबूतरों पर उनका गेहूं भी लगा हुआ है। अधिकारी मुआयना करने आते हैं। आढ़तों पर भारी मात्रा में गेहूं लगा होने के बाद उनका मंडी में गेहूं कम आने की बात कहना केवल अपने को बचाना भर है।
लेखपालों को ड्यूटी पर लगाया गया है। एक-एक लेखपाल को 25-25 किसानों को गेहूं सेंटर पर लाने के लिए जागरूक करने को कहा गया है। गेहूं की सरकारी खरीद बढ़ाने का पूरा प्रयास किया जा रहा है।
- हिमांशु उपाध्याय, एसडीएम पुवायां
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- आरएमओ के निरीक्षण के बावजूद सुधार में नहीं आ पा रही गेहूं की खरीद
संवाद न्यूज एजेंसी
पुवायां। पुवायां मंडी समिति क्षेत्र में दो दिन में आढ़तों और राइस मिलों पर लगभग 63 हजार क्विंटल गेहूं खरीदा गया है, जबकि सेंटरों का सन्नाटा अभी नहीं टूट रहा है। किसानों का गेहूं भी आढ़तों पर बिकता जा रहा है, इससे इस बार भी गेहूं खरीद का लक्ष्य किसी भी हाल में पूरा होता नजर नहीं आ रहा है।
पुवायां मंडी क्षेत्र में 11 अप्रैल की शाम तक प्राइवेट गेहूं खरीद का आंकड़ा 1.74 लाख क्विंटल था। बुधवार शाम तक यह आंकड़ा 2.37 लाख क्विंटल हो गया। इससे साफ है कि आढ़ती और राइस मिलर गेहूं तेजी से खरीद रहे हैं। उधर, सेंटरों पर बृहस्पतिवार को भी सन्नाटा पसरा रहा। समितियों के सेंटरों के हाल बेहद खराब हैं। आरएमओ के निरीक्षण और खरीद बढ़ाने के कड़े निर्देशों के बाद भी सरकारी गेहूं खरीद का हाल नहीं सुधर सका है।
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इस बार आरएफसी केंद्र भी फ्लाप
सरकारी खरीद में आरएफसी केंद्रों का जलवा रहता है। आरएफसी के सेंटर हर वर्ष सबसे ज्यादा खरीद करते हैं, लेकिन इस बार आरएफसी के सेंटरों पर भी खरीद तेजी नहीं पकड़ पा रही है। सोमवार शाम तक पुवायां मंडी में आरएफसी के छह क्रय केंद्रों पर 45 सौ क्विंटल गेहूं खरीदा गया था। दो दिन में केवल 500 क्विंटल ही खरीद हो सकी है। छह सेंटरों पर पांच हजार क्विंटल का आंकड़ा आरएफसी के सेंटरों की साख के विपरीत है। उधर, पुवायां मंडी में लगे विभिन्न समितियों के सेंटर तो सूने ही पड़े हैं।
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भारी खरीद कर चुके हैं मंडी के कई आढ़ती
अधिकारी कह रहे हैं कि महंगाई के कारण मंडी में गेहूं कम आ रहा है, लेकिन मंडी समिति के आंकड़े बताते हैं कि मंडी परिसर में कई आढ़ती हजारों क्विंटल गेहूं खरीद कर चुके हैं। मंडी के चबूतरों पर उनका गेहूं भी लगा हुआ है। अधिकारी मुआयना करने आते हैं। आढ़तों पर भारी मात्रा में गेहूं लगा होने के बाद उनका मंडी में गेहूं कम आने की बात कहना केवल अपने को बचाना भर है।
लेखपालों को ड्यूटी पर लगाया गया है। एक-एक लेखपाल को 25-25 किसानों को गेहूं सेंटर पर लाने के लिए जागरूक करने को कहा गया है। गेहूं की सरकारी खरीद बढ़ाने का पूरा प्रयास किया जा रहा है।
- हिमांशु उपाध्याय, एसडीएम पुवायां

पुवायां मंडी में टिन शेड में लगा आढ़त स्वामियों का गेहूं