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Shahjahanpur News: बंदरों से जनता परेशान... टेंडर तक न करा सका नगर निगम

Sat, 04 Jan 2025 12:09 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर Updated Sat, 04 Jan 2025 12:09 AM IST
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Public troubled by monkeys... Municipal Corporation could not even get the tender done
शाहजहांपुर। शहर के लगभग हर मोहल्ले में बंदरों का आतंक है। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों में औसतन 15 लोगों को रोजाना बंदर काट रहे हैं। वहीं, बंदरों को पकड़वाने की व्यवस्था में नगर निगम नाकाम साबित हो रहा है। दो साल में नगर निगम न तो बंदर पकड़वाने का टेंडर करा सका और न ही कोई दूसरी व्यवस्था कर सका।
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शहर के अलावा पूरे जिले में बंदरों से लोग परेशान हैं। वर्ष 2022 में जून माह में नगर निगम ने बंदरों को पकड़ने के लिए टेंडर निकाला था। तब मथुरा के ठेकेदार शाहरुख ने 95 रुपये प्रति बंदर पकड़ने का ठेका लिया। पहले एक सप्ताह में करीब 250 बंदरों को पकड़ा गया। इसके बाद बंदरों को पकड़ने की प्रक्रिया धीमी हो गई।
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दो महीने में करीब 617 बंदर पकड़े गए। इसके बाद से अभियान बंद चल रहा है। नगर निगम की ओर से दोबारा बंदरों को पकड़ने के लिए टेंडर की प्रक्रिया को पूरा नहीं करवाया जा रहा। इसके अलावा कोई दूसरा इंतजाम भी नहीं हो रहा। अधिकारी लगातार टेंडर प्रक्रिया को पूरा करने का आश्वासन ही दे रहे।
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छावनी क्षेत्र के साथ ही शहर के बहादुरगंज, खिरनीबाग, इंदिरा नगर कॉलोनी, मोहम्मद जई, नूरी मस्जिद, चौक समेत तमाम वार्डों में इनका उत्पात है। ये बंदर लोगों की छतों से होकर घरों के अंदर घुसकर सामान उठा ले जाते हैं। भगाने का प्रयास करने पर यह हमला भी कर देते हैं जिससे कई लोग घायल हो चुके हैं।

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वन विभाग ने निगम पर लगा दिया था जुर्माना

बंदरों को पकड़वाने के लिए वर्ष 2022 में चले अभियान के दौरान पकड़े गए बंदरों को खीरी के जंगलों में छुड़वाया गया तो वन विभाग ने 50 हजार रुपये जुर्माना लगा दिया और अनुमति लेने की बात कही गई। अब बताया जा रहा है कि वन विभाग द्वारा बंदरों को जंगली पशु मानने से इन्कार किया जा रहा है।
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केस एक-
बंदर के झपटने पर पुस्तक व्यापारी की हुई थी मौत
-25 अक्तूबर को शहर के मोहल्ला बंगश निवासी मोहम्मद इमरान उर्फ जमाल के ऊपर बंदर ने हमला कर दिया। जीने से लड़खड़ाकर गिरने से घायल हो गए थे। घायल होने पर बरेली में उपचार के दौरान मौत हो गई थी।
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केस दो
बंदरों के झपटने पर सिर के बल गिरने पर हुई थी मौत
-निगोही क्षेत्र के डेलखेड़ा गांव निवासी अय्यूब खां को सोमवार शाम बंदरों के झुंड ने अचानक दौड़ा लिया। जान बचाकर भागने पर अयूब का पैर सीढि़यों पर फिसल गया। आंगन में सिर के बल गिरने से उनकी मौत हो गई थी। एक माह पहले ही बेटे अनीस की पत्नी असमां पर भी बंदरों के झुंड ने हमला कर कई जगह पर काटा था।
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रोज दस से 15 लोगों पर हमला कर रहे बंदर
-शहरी व आसपास के इलाके में रोजाना ही दस से 15 लोगों को बंदर निशाना बना रहे हैं। इसके चलते प्रतिदिन पुराना जिला अस्पताल स्थित शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर लोग एआरवी लगवाने पहुंचते हैं। शुक्रवार को 88 लोगों को एंटी रैबीज वैक्सीन लगाई गई। इनमें दस बंदरों के काटने से पीड़ित थे।

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इतने लोगों को लगी रैबीज
तिथि रैबीज टीका
30 दिसंबर 112
31 दिसंबर 57
एक जनवरी 40
दो जनवरी 68
तीन जनवरी 88
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बंदर के काटने पर ये बरतें सावधानी
-घाव को साबुन और पानी से 5-10 मिनट तक अच्छी तरह से धोएं।
-घाव पर डिटॉल या बीटाडीन जैसे एंटीसेप्टिक लगाएं।
-तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें और 24 घंटे में एआरवी लगवाएं।
-घाव में धूल-मिट्टी, बाल या दांत जैसी कोई वस्तु है, तो तुरंत उसे सावधानी से निकालें।
-घाव छोटा है, तो उसे आस-पास से दबाकर उसमें से खून निकालें।

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वर्जन::::
बंदरों को पकड़कर वन में छोड़े जाने पर वन विभाग द्वारा आपत्ति जताई जाती है। कोई दूसरा विकल्प भी नहीं है। लेकिन प्रयास किए जा रहे हैं। कुछ न कुछ रास्ता निकाला जाएगा। जिससे लोगों को राहत मिल सके।
- एसके सिंह, अपर नगर आयुक्त, नगर निगम शाहजहांपुर
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