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मुख्यमंत्री के आदेश के खिलाफ सड़क पर उतरे, धरना देकर किया प्रदर्शन
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पुवायां। मुख्यमंत्री के आदेश के खिलाफ मंगलवार को भाकियू टिकैत गुट के कार्यकर्ता सड़क पर उतर आए। दर्जनों की संख्या में किसान पुवायां की मंडी समिति परिसर में एकत्र हुए और मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन एसडीएम को सौंपा। उनकी मांग थी कि प्रदेश सरकार ने कंबाइन के साथ सटरा मैंनजमेंट सिस्टम (एसएमएस) लगाने का जो अनिवार्य आदेश किया है उसे वापस लिया जाए।
मंगलवार को तहसील भर से किसान मंडी परिसर पहुंचे। भाकियू के प्रदेश उपाध्यक्ष हरनाम वर्मा, प्रदेश महासचिव बिजेंद्र सिंह यादव, मंडल अध्यक्ष अजीत सिंह के नेतृत्व में किसानों ने धरना प्रदर्शन शुरू किया। हरनाम सिंह वर्मा ने कहा कि धान की फसल तैयार है। तमाम किसान कंबाइन से धान की फसल की कटाई कराते हैं। प्रदेश सरकार ने कंबाइन के साथ सुपर सटरा मैंनजमेंट सिस्टम (एसएमएस) अनिवार्य कर दिया है। यह यंत्र कंबाइन के साथ लगने पर पराली को छोटे-छोटे टुकड़ों में काटेगा। कोरोना के कारण किसान पहले से ही संकट में है। ऐसे में एसएमएस का भार वहन करना किसान की क्षमता से बाहर है। इससे पहले प्रयोग के अनुसार एसएमएस से 15 प्रतिशत धान खेत में ही गिर जाता है और किसान को भारी नुकसान होता है। इसकी अनिवार्यता समाप्त की जानी चाहिए। चेतावनी दी कि 23 सितंबर तक आदेश वापस नहीं लिया गया तो 25 को लखनऊ में आंदोलन किया जाएगा। मंडल अध्यक्ष अजीत सिंह ने कहा कि किसानों की समस्याओं पर गौर कर निस्तारण नहीं किया गया तो किसान बड़ा आंदोलन करने पर विवश होंगे।
इधर, जानकारी पर एसडीएम दशरथ कुमार, सीओ नवनीत कुमार नायक, जिला गन्ना अधिकारी डॉ. खुशीराम मौके पर पहुंचे। इसके बाद मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन एसडीएम को देकर एसएमएस की अनिवार्यता समाप्त करने, सरकारी धान खरीद केंद्रों की संख्या बढ़ाने, आवारा पशुओं की समस्या से निजात दिलाने, पराली जलाने पर किसानों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज नहीं करने, जंगल के किनारे रहने वाले किसानों को वन विभाग के शोषण से निजात दिलाने, किसानों का गन्ना बकाया दिलाने, सफाई व्यवस्था सही कराने की मांग की गई है। इस दौरान मंडल जिलाध्यक्ष मंजीत सिंह, स्वर्ण सिंह नामधारी, जबर सिंह यादव, हरविंदर सिंह, अनिल सिंह यादव, पर्वत सिंह यादव ने भी किसानों को संबोधित किया।
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मंगलवार को तहसील भर से किसान मंडी परिसर पहुंचे। भाकियू के प्रदेश उपाध्यक्ष हरनाम वर्मा, प्रदेश महासचिव बिजेंद्र सिंह यादव, मंडल अध्यक्ष अजीत सिंह के नेतृत्व में किसानों ने धरना प्रदर्शन शुरू किया। हरनाम सिंह वर्मा ने कहा कि धान की फसल तैयार है। तमाम किसान कंबाइन से धान की फसल की कटाई कराते हैं। प्रदेश सरकार ने कंबाइन के साथ सुपर सटरा मैंनजमेंट सिस्टम (एसएमएस) अनिवार्य कर दिया है। यह यंत्र कंबाइन के साथ लगने पर पराली को छोटे-छोटे टुकड़ों में काटेगा। कोरोना के कारण किसान पहले से ही संकट में है। ऐसे में एसएमएस का भार वहन करना किसान की क्षमता से बाहर है। इससे पहले प्रयोग के अनुसार एसएमएस से 15 प्रतिशत धान खेत में ही गिर जाता है और किसान को भारी नुकसान होता है। इसकी अनिवार्यता समाप्त की जानी चाहिए। चेतावनी दी कि 23 सितंबर तक आदेश वापस नहीं लिया गया तो 25 को लखनऊ में आंदोलन किया जाएगा। मंडल अध्यक्ष अजीत सिंह ने कहा कि किसानों की समस्याओं पर गौर कर निस्तारण नहीं किया गया तो किसान बड़ा आंदोलन करने पर विवश होंगे।
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इधर, जानकारी पर एसडीएम दशरथ कुमार, सीओ नवनीत कुमार नायक, जिला गन्ना अधिकारी डॉ. खुशीराम मौके पर पहुंचे। इसके बाद मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन एसडीएम को देकर एसएमएस की अनिवार्यता समाप्त करने, सरकारी धान खरीद केंद्रों की संख्या बढ़ाने, आवारा पशुओं की समस्या से निजात दिलाने, पराली जलाने पर किसानों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज नहीं करने, जंगल के किनारे रहने वाले किसानों को वन विभाग के शोषण से निजात दिलाने, किसानों का गन्ना बकाया दिलाने, सफाई व्यवस्था सही कराने की मांग की गई है। इस दौरान मंडल जिलाध्यक्ष मंजीत सिंह, स्वर्ण सिंह नामधारी, जबर सिंह यादव, हरविंदर सिंह, अनिल सिंह यादव, पर्वत सिंह यादव ने भी किसानों को संबोधित किया।
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