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बोर्ड परीक्षाएं ऑफलाइन कराए जाने के फैसले का प्रधानाचार्यों ने किया स्वागत
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शाहजहांपुर। पिछले वर्ष कोरोना संक्रमण के चलते सभी बोर्ड परीक्षाओं को निरस्त कर दिया था। परीक्षार्थियों को प्री-बोर्ड परीक्षाओं के नंबर को आधार बनाकर पास कर दिया गया, लेकिन इस बार परीक्षार्थियों को केंद्र पर जाकर परीक्षा देनी होगी। राज्य, सीबीएसई व आईसीएसई बोर्ड की परीक्षाओं को ऑफलाइन मोड में कराने का निर्णय लिया है। इसका स्कूलों के प्रधानाचार्यों ने स्वागत किया है। उनका कहना है कि ऑनलाइन माध्यम से मॉनिटरिंग करना भी मुश्किल है। कक्षाएं लगने में ही समस्या आती है, परीक्षाओं को ऑफलाइन कराना ही बेहतर होगा।
बहुत से बच्चों की ऑनलाइन पढ़ाई भी संभव नहीं हो पाती है। मोबाइल और इंटरनेट सभी के पास उपलब्ध नहीं हैं। ऐसे में ऑनलाइन परीक्षाओं को कराने में ज्यादा दिक्कत होगी। ऑफलाइन मोड से परीक्षा कराने पर सभी बच्चे प्रतिभाग कर पाएंगे। यूपी बोर्ड की हाईस्कूल व इंटरमीडिएट की परीक्षाओं को कराने के लिए तैयारियां चल रही है। - शौकीन सिंह यादव, डीआईओएस
बोर्ड परीक्षाओं को ऑफलाइन कराने का निर्णय बच्चों के हित में है। ऑफलाइन परीक्षाओं से बच्चों की क्षमताओं का सही आकलन होगा। नकलविहीन परीक्षा कराने के लिए व्यवस्थाएं की गई हैं। कक्षाओं में सीसीटीवी कैमरे लगवाए गए हैं, लाइव वेबकास्टिंग होगी। जबकि ऑनलाइन मोड में नकलविहीन परीक्षा कराना भी संभव नहीं है। - अनिल कुमार, प्रधानाचार्य, जीआईसी, यूपी बोर्ड
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ऑफलाइन मोड से परीक्षा कराना ही अच्छा होगा। सभी बोर्ड के हाईस्कूल व इंटरमीडिएट की परीक्षाएं ऑफलाइन कराए जाने का निर्णय एकदम सही और स्वागत योग्य है। कोरोना काल में परीक्षाएं नहीं हुई थीं, लेकिन अब सब कुछ नार्मल है। कोविड-19 गाइडलाइन का पालन कराते हुए ऑफलाइन परीक्षाएं कराना ही छात्र-छात्राओं के हित में है। -विपिन अग्रवाल, डायरेक्टर, कैम्ब्रिज कांवेंट, सीबीएसई
यह एक ऐसा निर्णय है, जिसका सभी को स्वागत करना चाहिए। यह बच्चों के हित में है। पिछले साल कोरोना महामारी की विशेष स्थिति के कारण ऑफलाइन मोड में परीक्षाएं करना संभव नहीं हो पाया था। वर्तमान में ऐसी कोई समस्या नहीं है और सामान्य रूप से सब चल रहा है। ऐसे में परीक्षाओं को भी नार्मल करवाना चाहिए। - राजीव पांडेय, प्रिंसिपल, रोजी पब्लिक स्कूल, आईसीएससी
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बहुत से बच्चों की ऑनलाइन पढ़ाई भी संभव नहीं हो पाती है। मोबाइल और इंटरनेट सभी के पास उपलब्ध नहीं हैं। ऐसे में ऑनलाइन परीक्षाओं को कराने में ज्यादा दिक्कत होगी। ऑफलाइन मोड से परीक्षा कराने पर सभी बच्चे प्रतिभाग कर पाएंगे। यूपी बोर्ड की हाईस्कूल व इंटरमीडिएट की परीक्षाओं को कराने के लिए तैयारियां चल रही है। - शौकीन सिंह यादव, डीआईओएस
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बोर्ड परीक्षाओं को ऑफलाइन कराने का निर्णय बच्चों के हित में है। ऑफलाइन परीक्षाओं से बच्चों की क्षमताओं का सही आकलन होगा। नकलविहीन परीक्षा कराने के लिए व्यवस्थाएं की गई हैं। कक्षाओं में सीसीटीवी कैमरे लगवाए गए हैं, लाइव वेबकास्टिंग होगी। जबकि ऑनलाइन मोड में नकलविहीन परीक्षा कराना भी संभव नहीं है। - अनिल कुमार, प्रधानाचार्य, जीआईसी, यूपी बोर्ड
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ऑफलाइन मोड से परीक्षा कराना ही अच्छा होगा। सभी बोर्ड के हाईस्कूल व इंटरमीडिएट की परीक्षाएं ऑफलाइन कराए जाने का निर्णय एकदम सही और स्वागत योग्य है। कोरोना काल में परीक्षाएं नहीं हुई थीं, लेकिन अब सब कुछ नार्मल है। कोविड-19 गाइडलाइन का पालन कराते हुए ऑफलाइन परीक्षाएं कराना ही छात्र-छात्राओं के हित में है। -विपिन अग्रवाल, डायरेक्टर, कैम्ब्रिज कांवेंट, सीबीएसई
यह एक ऐसा निर्णय है, जिसका सभी को स्वागत करना चाहिए। यह बच्चों के हित में है। पिछले साल कोरोना महामारी की विशेष स्थिति के कारण ऑफलाइन मोड में परीक्षाएं करना संभव नहीं हो पाया था। वर्तमान में ऐसी कोई समस्या नहीं है और सामान्य रूप से सब चल रहा है। ऐसे में परीक्षाओं को भी नार्मल करवाना चाहिए। - राजीव पांडेय, प्रिंसिपल, रोजी पब्लिक स्कूल, आईसीएससी

राजीव पांडेय, प्रिंसिपल, रोजी पब्लिक स्कूल, आईसीएससी- फोटो : SHAHJAHANPUR