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Shahjahanpur News: प्रधानमंत्री आवास तो मिला नहीं, झोंपड़ी भी जल गई
Tue, 23 May 2023 12:25 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
Updated Tue, 23 May 2023 12:25 AM IST
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गुटैया में इसी तरपाल के नीचे रह रहा बलवीर का परिवार। संवाद
पुवायां। मजदूरी कर परिवार की गुजर करने वाले बलवीर सक्सेना ग्राम पंचायत अधिकारी और अन्य जिम्मेदारों की नजर में सरकारी योजनाओं के पात्र नहीं हैं, इसी कारण उनको आवास, शौचालय आदि योजनाओं का लाभ नहीं मिला है। उनके छप्पर वाले घर में आग लगने के बाद अब प्रशासन जांच और रिपोर्ट का खेल खेल रहा हैं। घटना के 10 दिन बाद भी बलवीर को मदद नहीं दी गई है।
मूलरूप से गांव टाह खुर्द कलां निवासी बलवीर अपनी पत्नी गुड़िया और दो बच्चों दस वर्षीय पूजा व चार वर्षीय राज के साथ पुवायां के गांव दिदरिया गुटैया में किसान इंटर कॉलेज के सामने छप्पर डाल कर रहते हैं और मजदूरी कर परिवार की गुजर करते हैं। बलवीर के छप्परदार घर में 12 मई को आग लग गई थी। आग में 15 हजार रुपये, अनाज, बर्तन, कपड़े जल गए। आठ बकरी और एक गाय भी जलकर मर गई।
परिवार के पास केवल पहने हुए कपड़े बचे हैं। सूचना पर लेखपाल ने मौके पर जाकर जांच की, लेकिन दस दिन बाद भी उनको कोई मदद नहीं मिल सकी है। एक ओर जहां तमाम अपात्रों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिया गया है, वहीं दूसरी ओर बलवीर जैसे पात्र सरकारी योजनाओं का लाभ पाने के लिए भटक रहे हैं। इस संबंध में ग्राम पंचायत अधिकारी शिवकुमार ने बताया कि बलवीर का नाम आवास की सूची में नहीं है। अब आगे जो सूची बनेगी उसमें नाम शामिल कर आवास दिलाया जाएगा। कुछ समाजसेवियों ने बलवीर को जरूरी सामान उपलब्ध करा दिया है।
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भूख से बिलख रहे बच्चे, तिरपाल के नीचे कर रहे गुजर
आग लगने के बाद बलवीर ने किसी से मांग कर एक तिरपाल तान लिया है। भीषण गर्मी में बलवीर, उसकी पत्नी और दोनों बच्चे इसी तिरपाल के नीचे गुजर कर रहे हैं। बलवीर ने बताया कि कंबाइन पर काम कर बचाए 15 हजार रुपये भी आग की भेंट चढ़ जाने के बाद छप्पर डालने तक के लिए रुपये नहीं हैं। बलवीर के दोनों बच्चे भूख से परेशान हैं। घर पर बलवीर के सास-ससुर मिले। बताया कि घर में अन्न का दाना तक नहीं है। बलवीर कहीं से व्यवस्था करने गया है। उसके आने पर ही चूल्हा जल सकेगा।
वर्जन
आग लगने की सूचना पर लेखपाल से जांच कराई थी। रिपोर्ट मिल गई है। जल्द ही मदद दिलाई जाएगी। आवास का लाभ नहीं मिलने की जानकारी ब्लॉक कार्यालय से कर लाभ दिलाया जाएगा। - हिमांशु उपाध्याय, एसडीएम पुवायां
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मूलरूप से गांव टाह खुर्द कलां निवासी बलवीर अपनी पत्नी गुड़िया और दो बच्चों दस वर्षीय पूजा व चार वर्षीय राज के साथ पुवायां के गांव दिदरिया गुटैया में किसान इंटर कॉलेज के सामने छप्पर डाल कर रहते हैं और मजदूरी कर परिवार की गुजर करते हैं। बलवीर के छप्परदार घर में 12 मई को आग लग गई थी। आग में 15 हजार रुपये, अनाज, बर्तन, कपड़े जल गए। आठ बकरी और एक गाय भी जलकर मर गई।
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परिवार के पास केवल पहने हुए कपड़े बचे हैं। सूचना पर लेखपाल ने मौके पर जाकर जांच की, लेकिन दस दिन बाद भी उनको कोई मदद नहीं मिल सकी है। एक ओर जहां तमाम अपात्रों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिया गया है, वहीं दूसरी ओर बलवीर जैसे पात्र सरकारी योजनाओं का लाभ पाने के लिए भटक रहे हैं। इस संबंध में ग्राम पंचायत अधिकारी शिवकुमार ने बताया कि बलवीर का नाम आवास की सूची में नहीं है। अब आगे जो सूची बनेगी उसमें नाम शामिल कर आवास दिलाया जाएगा। कुछ समाजसेवियों ने बलवीर को जरूरी सामान उपलब्ध करा दिया है।
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भूख से बिलख रहे बच्चे, तिरपाल के नीचे कर रहे गुजर
आग लगने के बाद बलवीर ने किसी से मांग कर एक तिरपाल तान लिया है। भीषण गर्मी में बलवीर, उसकी पत्नी और दोनों बच्चे इसी तिरपाल के नीचे गुजर कर रहे हैं। बलवीर ने बताया कि कंबाइन पर काम कर बचाए 15 हजार रुपये भी आग की भेंट चढ़ जाने के बाद छप्पर डालने तक के लिए रुपये नहीं हैं। बलवीर के दोनों बच्चे भूख से परेशान हैं। घर पर बलवीर के सास-ससुर मिले। बताया कि घर में अन्न का दाना तक नहीं है। बलवीर कहीं से व्यवस्था करने गया है। उसके आने पर ही चूल्हा जल सकेगा।
वर्जन
आग लगने की सूचना पर लेखपाल से जांच कराई थी। रिपोर्ट मिल गई है। जल्द ही मदद दिलाई जाएगी। आवास का लाभ नहीं मिलने की जानकारी ब्लॉक कार्यालय से कर लाभ दिलाया जाएगा। - हिमांशु उपाध्याय, एसडीएम पुवायां

गुटैया में इसी तरपाल के नीचे रह रहा बलवीर का परिवार। संवाद