{"_id":"ebbb87c0c094bea5a767b188f5573ecf","slug":"prdani-73-56-percent-of-the-vote-in-the-second-phase-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"प्रधानी के लिए दूसरे चरण में 73.56 प्रतिशत मतदान ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
प्रधानी के लिए दूसरे चरण में 73.56 प्रतिशत मतदान
शाहजहांपुर।
Updated Wed, 02 Dec 2015 12:30 AM IST
विज्ञापन
सदर तहसील के विकास खंडों में ग्राम प्रधान और ग्राम पंचायत सदस्य के लिए मंगलवार को दूसरे चरण में 73.56 प्रतिशत मतदान हुआ। आंधी और बूंदाबांदी से मौसम खराब होने के बावजूद मतदाताओं के उत्साह पर कोई फर्क नहीं पड़ा। विकास खंड मदनापुर, ददरौल, कांट और भावलखेड़ा ब्लॉक के बूथों पर सुबह सात बजे से लेकर शाम साढ़े चार बजे के बाद तक जमकर वोट बरसे। इस बीच, चुनाव प्रेक्षक जेपी सगर, डीएम शुभ्रा सक्सेना और एसपी बबलू कुमार दिन भर सभी ब्लॉकों के भ्रमण पर रहे। इसी के साथ प्रधानी के 301 और ग्राम पंचायत सदस्य के 3685 पदों के प्रत्याशियों का भाग्य मत पेटिकाओं में बंद हो गया।
भावलखेड़ा और ददरौल ब्लॉक में शामिल सेहरामऊ दक्षिणी, चौढ़ेरा, जलालपुर, ऐंठापुर, नागरपाल आदि मतदान केंद्रों पर सुबह आठ बजे से वोटरों की कतारें लगने लगीं। मतदान का जायजा लेने के लिए डीएम और एसपी सुबह सात बजे से सुरक्षा बलों के साथ भ्रमण पर निकल पड़े। अफसरों की गाड़ियाें का काफिला सबसे पहले सेहरामऊ दक्षिणी पहुंचा। वहां के दोनों बूथों पर तब तक मतदाताओं की कतारें लग चुकी थीं। अफसरों ने पीठासीन अधिकारियों सहित मतदान कार्मिकों को निष्पक्ष और बेखौफ होकर मतदान कराने के निर्देश दिए। वहां से अफसरों की टीम चौढ़ेरा, कनेंग और जलालपुर की ओर रवाना हो गई। अफसरों के काफिले ने सीधे कुतुआपुर जाकर डेरा डाला क्योंकि वहां के तमाम ग्रामीण वोटर लिस्ट से नाम काट दिए जाने से खफा थे। वहां वोट काटे जाने के मामले की जांच में एसडीएम सदर दोषी सिद्ध हो चुके हैं। डीएम ने ने कुतुआपुर में मतदान से वंचित रहे ग्रामीणों का रोष यह आश्वासन देकर शांत किया कि इस बारे में निर्वाचन आयोग को अवगत कराया जा चुका है और दोषियों के विरुद्ध जल्द कार्रवाई की जाएगी।
रामखेड़ा में नाबालिग वोटरों को लेकर झड़प
कांट। विकास खंड की ग्राम पंचायत रामखेड़ा में मंगलवार को दोपहर मतदान के दौरान प्रत्याशियों और उनके एजेंटों में उस वक्त झड़प हो गई जब मतदाताओं की कतार में चार-पांच नाबालिग भी खड़े दिख गए। हालांकि, उनके नाम वोटर लिस्ट में दर्ज थे, लेकिन मतदाता पहचान पत्र नहीं होने के कारण नाबालिगों ने राशन कार्ड पर अपने नाम स्वत: बढ़ा लिए। इसका प्रत्याशी विमला देवी के बेटों ने विरोध किया तो दो अन्य प्रत्याशियों के एजेंट भी उनसे उलझ पड़े। जानकारी पाकर मौके पर पहुंचे सेक्टर मजिस्ट्रेट विनोद कुमार ने नाबालिगों को कतार से बाहर करके विवाद शांत करा दिया।
विज्ञापन
बूथों के पास खड़े ग्रामीणों को बलपूर्वक खदेड़ा
ददरौल। मतदान का जायजा लेने के लिए डीएम शुभ्रा सक्सेना और एसपी बबलू कुमार दिन में 11.30 बजे गांव ऐंठापुर होते हुए विकास खंड के गांव रौरा पहुंचे तो उन्हें तमाम ग्रामीण वोट डालने के बाद बूथ के पास खड़े दिख गए। एसपी के निर्देश पर जवानों ने उन्हें घर जाने की चेतावनी दी, लेकिन उन पर कोई असर नहीं देख उन्हें दौड़ा लिया। सीआईडब्ल्यू के जवानों ने हेकड़ी दिखाने वाले युवकों पर डंडेबाजी शुरू की तो बेवजह वहां जमावड़ा लगाए लोगों में भगदड़ मच गई।
नागरपाल गांव की महिलाओं में दिखा भारी उत्साह
भावलखेड़ा। विकास खंड की ग्राम पंचायत नागरपाल में मतदान को लेकर महिलाओं में भारी उत्साह देखने को मिला। घूंघट किए नव विवाहिताओं से लेकर वृद्धाओं तक में वोट डालने की ललक दिखी। दोपहर 12 बजे अफसरों की गाडिय़ां नागरपाल पहुंची तो रोड पर तमाम ग्रामीण मंडराते दिख गए। इस पर अधिकारियों ने वाहनों पर लगे लाउड हेलर से उन्हें घर चले जाने की चेतावनी दी। अफसरों के तेवर देख बूथों के आसपास खड़े लोग वहां से भाग खड़े हुए।
विज्ञापन
भावलखेड़ा और ददरौल ब्लॉक में शामिल सेहरामऊ दक्षिणी, चौढ़ेरा, जलालपुर, ऐंठापुर, नागरपाल आदि मतदान केंद्रों पर सुबह आठ बजे से वोटरों की कतारें लगने लगीं। मतदान का जायजा लेने के लिए डीएम और एसपी सुबह सात बजे से सुरक्षा बलों के साथ भ्रमण पर निकल पड़े। अफसरों की गाड़ियाें का काफिला सबसे पहले सेहरामऊ दक्षिणी पहुंचा। वहां के दोनों बूथों पर तब तक मतदाताओं की कतारें लग चुकी थीं। अफसरों ने पीठासीन अधिकारियों सहित मतदान कार्मिकों को निष्पक्ष और बेखौफ होकर मतदान कराने के निर्देश दिए। वहां से अफसरों की टीम चौढ़ेरा, कनेंग और जलालपुर की ओर रवाना हो गई। अफसरों के काफिले ने सीधे कुतुआपुर जाकर डेरा डाला क्योंकि वहां के तमाम ग्रामीण वोटर लिस्ट से नाम काट दिए जाने से खफा थे। वहां वोट काटे जाने के मामले की जांच में एसडीएम सदर दोषी सिद्ध हो चुके हैं। डीएम ने ने कुतुआपुर में मतदान से वंचित रहे ग्रामीणों का रोष यह आश्वासन देकर शांत किया कि इस बारे में निर्वाचन आयोग को अवगत कराया जा चुका है और दोषियों के विरुद्ध जल्द कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
रामखेड़ा में नाबालिग वोटरों को लेकर झड़प
कांट। विकास खंड की ग्राम पंचायत रामखेड़ा में मंगलवार को दोपहर मतदान के दौरान प्रत्याशियों और उनके एजेंटों में उस वक्त झड़प हो गई जब मतदाताओं की कतार में चार-पांच नाबालिग भी खड़े दिख गए। हालांकि, उनके नाम वोटर लिस्ट में दर्ज थे, लेकिन मतदाता पहचान पत्र नहीं होने के कारण नाबालिगों ने राशन कार्ड पर अपने नाम स्वत: बढ़ा लिए। इसका प्रत्याशी विमला देवी के बेटों ने विरोध किया तो दो अन्य प्रत्याशियों के एजेंट भी उनसे उलझ पड़े। जानकारी पाकर मौके पर पहुंचे सेक्टर मजिस्ट्रेट विनोद कुमार ने नाबालिगों को कतार से बाहर करके विवाद शांत करा दिया।
विज्ञापन
बूथों के पास खड़े ग्रामीणों को बलपूर्वक खदेड़ा
ददरौल। मतदान का जायजा लेने के लिए डीएम शुभ्रा सक्सेना और एसपी बबलू कुमार दिन में 11.30 बजे गांव ऐंठापुर होते हुए विकास खंड के गांव रौरा पहुंचे तो उन्हें तमाम ग्रामीण वोट डालने के बाद बूथ के पास खड़े दिख गए। एसपी के निर्देश पर जवानों ने उन्हें घर जाने की चेतावनी दी, लेकिन उन पर कोई असर नहीं देख उन्हें दौड़ा लिया। सीआईडब्ल्यू के जवानों ने हेकड़ी दिखाने वाले युवकों पर डंडेबाजी शुरू की तो बेवजह वहां जमावड़ा लगाए लोगों में भगदड़ मच गई।
नागरपाल गांव की महिलाओं में दिखा भारी उत्साह
भावलखेड़ा। विकास खंड की ग्राम पंचायत नागरपाल में मतदान को लेकर महिलाओं में भारी उत्साह देखने को मिला। घूंघट किए नव विवाहिताओं से लेकर वृद्धाओं तक में वोट डालने की ललक दिखी। दोपहर 12 बजे अफसरों की गाडिय़ां नागरपाल पहुंची तो रोड पर तमाम ग्रामीण मंडराते दिख गए। इस पर अधिकारियों ने वाहनों पर लगे लाउड हेलर से उन्हें घर चले जाने की चेतावनी दी। अफसरों के तेवर देख बूथों के आसपास खड़े लोग वहां से भाग खड़े हुए।