सराफा व्यापारी हत्याकांड: नफरत की आग में कातिल बन बैठा सौतेला भाई, बोला- उसे मारने का कोई पछतावा नहीं
आरोपी अमित ने पुलिस को बताया कि उसकी जीवन हताशा और निराशा से भरा था। कोई सामाजिक हैसियत भी नहीं रह गई थी। इस कारण उसने सौतेले भाई संकल्प की हत्या करने की ठान ली थी। 16 अगस्त को सुबह सरेबाजार उसने गोली मारकर संकल्प की हत्या कर दी।
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शाहजहांपुर के पुवायां में सराफा व्यापारी संकल्प गुप्ता की हत्या करने के आरोपी सौतेले भाई अमित गुप्ता उर्फ हप्पू को पुलिस ने बृहस्पतिवार को कोर्ट में पेश किया। कोर्ट से उसे जेल भेज दिया गया। आरोपी ने कहा कि उसे सौतेले भाई संकल्प को मारने का कोई पछतावा नहीं है।
पुवायां के मोहल्ला कसभरा आढ़त निवासी संकल्प गुप्ता की मेन रोड पर सराफा की दुकान है। 16 अगस्त को संकल्प के सौतेले भाई अमित ने दुकान पर ही उनकी गोली मारकर हत्या कर दी थी। संकल्प की मां प्रेमलता गुप्ता ने अमित के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने घटना के बाद आरोपी को गांव सतवां बुजुर्ग के पास से गिरफ्तार कर लिया था।
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आरोपी के पास से तमंचा भी बरामद हो गया था। बृहस्पतिवार को अमित का चालान कर दिया गया और कोर्ट से जेल भेजा गया। अमित को अपने किए का कोई पछतावा नहीं है। हत्या के बाद उसका प्लान शिमला भाग जाने का था। उधर, पोस्टमार्टम के बाद संकल्प का गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार कर दिया गया।
संकल्प से नफरत करता था अमित
सौतेले भाई संकल्प की हत्या करने वाला अमित अपनी सौतेली मां और उनके पुत्र से बेहद नफरत करता था। इसी कारण उसने योजना बनाकर सौतेले भाई की हत्या कर दी। पूछताछ में अमित ने पुलिस को तमाम जानकारियां दी हैं।
अमित ने पूछताछ में पुलिस को बताया कि जब वह चार- पांच वर्ष का था, तभी मां किरन देवी ने गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी। मां की मौत के कुछ समय बाद पिता बद्रीप्रसाद ने प्रेमलता से दूसरी शादी कर ली थी। सौतेली मां और उनके पुत्र संकल्प ने पूरी संपत्ति पर कब्जा कर लिया था।
उसके पिता सौतेले भाई संकल्प के साथ रहते हैं। वह चार साल से शिमला में मजदूरी कर गुजर कर रहा था। ढाई वर्ष पूर्व पुवायां आकर उसने संपत्ति में कुछ हिस्सा देने की मांग की थी, लेकिन सौतेली मां प्रेमलता और भाई संकल्प आदि ने साफ मना कर दिया था।
एक एक पैसे का मोहताज था आरोपी
वह एक एक पैसे को परेशान था। उसने कई बार पंच फैसले से संपत्ति में कुछ हिस्सा मांगा, जिससे वह ठीक से जीवन यापन कर सके और शादी कर सके। पिता बद्रीप्रसाद गुप्ता ने उसे कुछ हिस्सा देने की बात कही तो सौतेली मां और भाई ने उन्हें भी घर से निकाल दिया। पिता ढाई वर्ष तक किराए के कमरे में रहे थे।
अमित ने पुलिस को बताया कि उसकी जीवन हताशा और निराशा से भरा था। कोई सामाजिक हैसियत भी नहीं रह गई थी। इस कारण उसने संकल्प की हत्या कर अपनी सौतेली मां का वंश नाश करने की ठान ली थी।
झगड़ालू प्रवृत्ति का है अमित
संकल्प की हत्या का आरोपी अमित झगड़ालू प्रवृत्ति का है। लोगों ने बताया कि कई साल पहले उसने एक सिपाही को भी पीट दिया था। मां प्रेमलता ने उस पर और संकल्प पर लगाए आरोपों को गलत बताते हुए कहा कि अमित अपना पाप छिपाने के लिए झूठ बोल रहा है। लोगों की सहानुभूति हासिल करना चाहता है। संकल्प की पत्नी पल्लवी का कहना है कि अमित को ससुर की संपत्ति से दो लाख रुपये मिले थे, जो वह स्वेच्छा से लेकर संपत्ति से अलग हो गया था।