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Shahjahanpur News: अभिषेक को फोन कर बुलाने वाले की पुलिस को तलाश
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घटनास्थल पर पहुंच लोगों से पूछताछ करते आरसी मिशन थाना प्रभारी। स्रोत: जागरुक पाठक
शाहजहांपुर। पांच साल पूर्व रोजा में मोबाइल की दुकान में जली हालत में मिले मोहल्ला फत्तेपुर रेती निवासी अभिषेक यादव के शव के मामले में बृहस्पतिवार को भी हिरासत में लिए दोनों आरोपियों से पुलिस ने घंटों पूछताछ की। साथ ही कई अन्य लोगों से भी इस मामले में पूछताछ की गई। वहीं, पुलिस ने घटना के दिन के घटनास्थल के फोटो भी जुटाए हैं। पुलिस उस व्यक्ति के बारे में जानकारी कर रही है जिसने अंतिम बार अभिषेक को फोन कर मिलने के लिए बुलाया था।
आरसी मिशन थाना क्षेत्र के मोहल्ला फत्तेपुर रेती निवासी सुमन ने थाने में दर्ज कराई प्राथमिकी में बताया कि 19 दिसंबर 2020 को रोजा क्षेत्र में एक खोखे में जली हालत में एक शव मिला था। वहां मिले कड़े को देख शव पुत्र अभिषेक का बताया था। इसके बाद 15 फरवरी 2021 को आरसी मिशन थाने में पुत्र की गुमशुदगी दर्ज कराई।
आरोप लगाया कि शव मिलने के बाद पुलिस ने उसे जानवर का समझकर रेलवे कॉलोनी के मैदान में फेंक दिया। बाद में अधिकारियों के हस्तक्षेप पर जांच कराई गई तो शव मानव का निकला। तब पुलिस ने शव की पहचान के लिए सुमन व उनके पति रामौतार यादव की डीएनए जांच के लिए सैंपल लिया।
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वहीं पांच साल बाद आई रिपोर्ट में अभिषेक का शव होने की पुष्टि हुई। तब 13 जनवरी को पुलिस ने नईम और राजू के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की। बुधवार को दोनों नामजद आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। वहीं, मृतक के पिता रामौतार ने थाने पहुंच पुलिस से इंसाफ दिलाने की मांग की। उनका कहना है कि उनके बेटे के हत्यारोपियों को किसी भी कीमत में बख्शा न जाए। उन्हें कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जाए।
इंस्पेक्टर धर्मेंद्र कुमार गुप्ता ने बताया कि आरोपियों ने अभिषेक को पहचानने से इन्कार कर दिया है। हत्या की वजह भी स्पष्ट नहीं हो सकी। शानू को भी हिरासत में लेकर पूछताछ की गई है। वहीं मृतक के भाई अंकित ने बताया है कि घटना वाले दिन भाई खाना खा रहा था। अचानक फोन आया तो खाना छोड़कर चला गया था। फोन किसका आया था, इस संबंध में भी जानकारी जुटाई जा रही है।
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आरसी मिशन थाना क्षेत्र के मोहल्ला फत्तेपुर रेती निवासी सुमन ने थाने में दर्ज कराई प्राथमिकी में बताया कि 19 दिसंबर 2020 को रोजा क्षेत्र में एक खोखे में जली हालत में एक शव मिला था। वहां मिले कड़े को देख शव पुत्र अभिषेक का बताया था। इसके बाद 15 फरवरी 2021 को आरसी मिशन थाने में पुत्र की गुमशुदगी दर्ज कराई।
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आरोप लगाया कि शव मिलने के बाद पुलिस ने उसे जानवर का समझकर रेलवे कॉलोनी के मैदान में फेंक दिया। बाद में अधिकारियों के हस्तक्षेप पर जांच कराई गई तो शव मानव का निकला। तब पुलिस ने शव की पहचान के लिए सुमन व उनके पति रामौतार यादव की डीएनए जांच के लिए सैंपल लिया।
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वहीं पांच साल बाद आई रिपोर्ट में अभिषेक का शव होने की पुष्टि हुई। तब 13 जनवरी को पुलिस ने नईम और राजू के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की। बुधवार को दोनों नामजद आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। वहीं, मृतक के पिता रामौतार ने थाने पहुंच पुलिस से इंसाफ दिलाने की मांग की। उनका कहना है कि उनके बेटे के हत्यारोपियों को किसी भी कीमत में बख्शा न जाए। उन्हें कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जाए।
इंस्पेक्टर धर्मेंद्र कुमार गुप्ता ने बताया कि आरोपियों ने अभिषेक को पहचानने से इन्कार कर दिया है। हत्या की वजह भी स्पष्ट नहीं हो सकी। शानू को भी हिरासत में लेकर पूछताछ की गई है। वहीं मृतक के भाई अंकित ने बताया है कि घटना वाले दिन भाई खाना खा रहा था। अचानक फोन आया तो खाना छोड़कर चला गया था। फोन किसका आया था, इस संबंध में भी जानकारी जुटाई जा रही है।