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14 दिन में भुगतान का वायदा भूले प्रधानमंत्री : वीएम सिंह
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बंडा (शाहजहांपुर)। राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन के मुखिया वीएम सिंह बुधवार को संगठन की ओर से किसानों के बकाया गन्ना भुगतान की मांग को लेकर चलाए जा रहे धरना प्रदर्शन में पहुंचे और मिल अधिकारियों को जमकर लताड़ लगाई। इस दौरान केंद्र और सरकार को भी जमकर कोसा।
बकाया गन्ना भुगतान की मांग को लेकर राकिमसं के कार्यकर्ता छह दिन से बजाज चीनी मिल मकसूदापुर के गेट के पास धरने पर बैठे हैं। बुधवार दोपहर बाद किसान नेता वीएम सिंह धरना स्थल पर पहुंचे। उन्होंने बकाया गन्ना भुगतान को लेकर केंद्र और प्रदेश सरकार पर निशाना साधते हुए चीनी मिल अधिकारियों से पूछा कि किसानों के 146 करोड़ रुपये का भुगतान आखिर कब होगा? कहा - सरकार दीपावली पर कर्मचारियों को दस हजार रुपये का तोहफा दे रही है, वहीं किसानों को अपनी फसल का पैसा नहीं मिल पा रहा है। मौके पर मौजूद मिल के जीएम केन हितेंद्र सिंह से भी उन्होंने भुगतान नहीं होने पर नाराजगी जताई।
वीएम सिंह ने कहा कि सपा सरकार के समय उन्होंने कोर्ट से किसानों के बकाया भुगतान का ब्याज दिलाने का आदेश कराया था, लेकिन सरकार ने चीनी मिलों का ब्याज माफ कर दिया। इसके बाद मोदी सरकार ने वायदा किया था कि किसान को गन्ने का भुगतान 14 दिन में कराएंगे और भुगतान नहीं होने पर ब्याज दिलाया जाएगा, लेकिन सरकार बनने के बाद प्रधानमंत्री अपना वायदा भूल गए। किसानों को बच्चों की फीस, बीमारी, घर का खर्च चलाना मुश्किल है। उनकी ओर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। बजाज चीनी मिल के जीएम केन हेतेंद्र सिंह ने मौके पर बताया कि एक हफ्ते के अंदर किसानों को 42 करोड़ रुपये का भुगतान किया जाएगा। वीएम सिंह ने कहा कि पूरा भुगतान नहीं करने पर मिल प्रशासन को कोर्ट में ले जाएंगे। इसके बाद बाद धरना समाप्त कर दिया गया।
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पांच किसानों की टीम करेंगी धान खरीद की निगरानी
बंडा। किसान नेता वीएम सिंह ने कहा कि प्रत्येक सेंटर के लिए पांच किसानों की टीम बनाई जाएगी जो धान बिक्री में समस्या होने पर अधिकारियों को अवगत कराते हुए किसानों की मदद करेगी। जिन सेंटरों पर किसान का धान खरीदने में आनाकानी की जाएगी, उनकी जानकारी मिलने पर वह जिलाधिकारी से खुद बात करेंगे।
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बकाया गन्ना भुगतान की मांग को लेकर राकिमसं के कार्यकर्ता छह दिन से बजाज चीनी मिल मकसूदापुर के गेट के पास धरने पर बैठे हैं। बुधवार दोपहर बाद किसान नेता वीएम सिंह धरना स्थल पर पहुंचे। उन्होंने बकाया गन्ना भुगतान को लेकर केंद्र और प्रदेश सरकार पर निशाना साधते हुए चीनी मिल अधिकारियों से पूछा कि किसानों के 146 करोड़ रुपये का भुगतान आखिर कब होगा? कहा - सरकार दीपावली पर कर्मचारियों को दस हजार रुपये का तोहफा दे रही है, वहीं किसानों को अपनी फसल का पैसा नहीं मिल पा रहा है। मौके पर मौजूद मिल के जीएम केन हितेंद्र सिंह से भी उन्होंने भुगतान नहीं होने पर नाराजगी जताई।
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वीएम सिंह ने कहा कि सपा सरकार के समय उन्होंने कोर्ट से किसानों के बकाया भुगतान का ब्याज दिलाने का आदेश कराया था, लेकिन सरकार ने चीनी मिलों का ब्याज माफ कर दिया। इसके बाद मोदी सरकार ने वायदा किया था कि किसान को गन्ने का भुगतान 14 दिन में कराएंगे और भुगतान नहीं होने पर ब्याज दिलाया जाएगा, लेकिन सरकार बनने के बाद प्रधानमंत्री अपना वायदा भूल गए। किसानों को बच्चों की फीस, बीमारी, घर का खर्च चलाना मुश्किल है। उनकी ओर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। बजाज चीनी मिल के जीएम केन हेतेंद्र सिंह ने मौके पर बताया कि एक हफ्ते के अंदर किसानों को 42 करोड़ रुपये का भुगतान किया जाएगा। वीएम सिंह ने कहा कि पूरा भुगतान नहीं करने पर मिल प्रशासन को कोर्ट में ले जाएंगे। इसके बाद बाद धरना समाप्त कर दिया गया।
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पांच किसानों की टीम करेंगी धान खरीद की निगरानी
बंडा। किसान नेता वीएम सिंह ने कहा कि प्रत्येक सेंटर के लिए पांच किसानों की टीम बनाई जाएगी जो धान बिक्री में समस्या होने पर अधिकारियों को अवगत कराते हुए किसानों की मदद करेगी। जिन सेंटरों पर किसान का धान खरीदने में आनाकानी की जाएगी, उनकी जानकारी मिलने पर वह जिलाधिकारी से खुद बात करेंगे।