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Shahjahanpur News: सीतापुर नेत्र चिकित्सालय में लगेगी फेको मशीन
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शाहजहांपुर। सीतापुर नेत्र चिकित्सालय में आंखों के ऑपरेशन के लिए भारतीय रेडक्रॉस सोसाइटी की ओर से आधुनिक फेको मशीन लगाई जाएगी। इससे मोतियाबिंद के मरीजों को खासी सहूलियत होगी।
भारतीय रेडक्रॉस सोसाइटी शाहजहांपुर शाखा के अध्यक्ष और डीएम धर्मेंद्र प्रताप सिंह की अध्यक्षता में सीतापुर नेत्र अस्पताल में मरीजों के उपचार के लिए फेको मशीन को जेम पोर्टल से क्रय किए जाने के संबंध में सोसाइटी की प्रबंध समिति की बैठक कलक्ट्रेट के वीसी कक्ष में हुई। डीएम ने फेको मशीन के संबंध में जानकारी ली।
वरिष्ठ नेत्र चिकित्सक ने बताया कि इस मशीन से ऑपरेशन करने में बहुत हल्का चीरा लगता है। उन्होंने यह भी बताया कि फेको एक आधुनिक तकनीक पर आधारित उपकरण है। इसका उपयोग मुख्य तौर पर मोतियाबिंद की सर्जरी में किया जाता है। यह अल्ट्रासोनिक वाइब्रेशन के माध्यम से आंख के लेंस को तोड़कर बाहर निकालती है।
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इससे सर्जरी कम दर्दनाक, कम समय वाली और अधिक सुरक्षित होती है। मरीज को टांकों की आवश्यकता नहीं होती और वह जल्द ही सामान्य जीवन में लौट सकता है। डीएम ने मशीन को जेम पोर्टल से खरीदने के लिए टेंडर प्रक्रिया पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने यह भी कहा कि फेको मशीन की खरीद के पश्चात भुगतान सरकारी नियमानुसार रेडक्रॉस सोसाइटी से किया जाए।
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भारतीय रेडक्रॉस सोसाइटी शाहजहांपुर शाखा के अध्यक्ष और डीएम धर्मेंद्र प्रताप सिंह की अध्यक्षता में सीतापुर नेत्र अस्पताल में मरीजों के उपचार के लिए फेको मशीन को जेम पोर्टल से क्रय किए जाने के संबंध में सोसाइटी की प्रबंध समिति की बैठक कलक्ट्रेट के वीसी कक्ष में हुई। डीएम ने फेको मशीन के संबंध में जानकारी ली।
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वरिष्ठ नेत्र चिकित्सक ने बताया कि इस मशीन से ऑपरेशन करने में बहुत हल्का चीरा लगता है। उन्होंने यह भी बताया कि फेको एक आधुनिक तकनीक पर आधारित उपकरण है। इसका उपयोग मुख्य तौर पर मोतियाबिंद की सर्जरी में किया जाता है। यह अल्ट्रासोनिक वाइब्रेशन के माध्यम से आंख के लेंस को तोड़कर बाहर निकालती है।
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इससे सर्जरी कम दर्दनाक, कम समय वाली और अधिक सुरक्षित होती है। मरीज को टांकों की आवश्यकता नहीं होती और वह जल्द ही सामान्य जीवन में लौट सकता है। डीएम ने मशीन को जेम पोर्टल से खरीदने के लिए टेंडर प्रक्रिया पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने यह भी कहा कि फेको मशीन की खरीद के पश्चात भुगतान सरकारी नियमानुसार रेडक्रॉस सोसाइटी से किया जाए।