{"_id":"688d0d6941dc2fbbd7084bb9","slug":"passengers-are-having-trouble-breathing-while-climbing-and-descending-from-the-overbridge-shahjahanpur-news-c-122-1-sbly1042-149485-2025-08-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"Shahjahanpur News: ओवरब्रिज से चढ़ने-उतरने में फूल रहीं यात्रियाें की सांसें","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Shahjahanpur News: ओवरब्रिज से चढ़ने-उतरने में फूल रहीं यात्रियाें की सांसें
विज्ञापन
शाहजहांपुर में रेलवे स्टेशन पर पुल से उतरते बुजुर्ग। कई जगह रुककर इतनी सीढि़याें से उतर पाए। सं
शाहजहांपुर। रेलवे स्टेशन के पुल पर चढ़ने और उतरने में यात्रियों की सांस फूलने लगती है। बुजुर्ग, दिव्यांग और बीमार यात्रियों के लिए तो सीढ़ी चढ़ना काफी दुश्वारी भरा है। यात्रियों को राहत देने के लिए स्वचलित सीढि़यां और लिफ्ट लगाने का कार्य साढ़े पांच साल के बाद भी अधर में लटका है। अमृत भारत स्टेशन योजना में स्वीकृत होने के बावजूद दोनों ही कार्य में काफी समय लगने की संभावना है।
फरवरी 2019 में केंद्रीय मंत्री रहीं कृष्णाराज ने रेलवे स्टेशन पर स्वचलित सीढि़यां (एस्केलेटर) और लिफ्ट का शिलान्यास करते हुए ओवरब्रिज के पास भूमि पूजन किया था। प्रारंभ में अधिकारियों ने रुचि दिखाई। उसी समय कृष्णाराज का टिकट कटने पर मामला अधर में लटक गया।
इस बीच काेरोना आने पर सारे काम ठप पड़ गए। स्थिति सामान्य होने पर लोगों को स्वचलित सीढि़यां और लिफ्ट की सुविधा नहीं मिल सकी। प्लेटफॉर्म एक से दो अथवा चार-पांच पर जाने के लिए यात्रियों को सीढि़या चढ़नी पड़ती हैं। ट्रेन खड़ी होने पर दौड़कर सीढि़यां चढ़ने से लोग हांफ जाते हैं।
विज्ञापन
बुजुर्गों, दिव्यांग और बीमारों को ओवरब्रिज पर चढ़ना मुश्किल हो जाता है। अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत तीन लिफ्ट व दो एस्केलेटर लगने हैं, लेकिन डेढ़ वर्ष में मात्र दो प्लेटफॉर्म ही बनकर तैयार हो पाए हैं। अब पुल बन रहे हैं। उनकी गति भी काफी धीमी है। ऐसे में योजना के तहत स्वचलित सीढि़यां लगाने के कार्य को लंबा इंतजार करना पड़ सकता है।
--
धूल फांक रहीं व्हीलचेयर
रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर एक पर आउटडोर स्टेशन मास्टर के कक्ष में दो व्हीलचेयर रखीं गईं हैं। जानकारी के अभाव में नाममात्र के यात्री ही उनका प्रयोग कर पाते हैं। आधार कार्ड जमा करने पर ही व्हीलचेयर उपलब्ध कराई जाती है।
--
रेलवे स्टेशन का निर्माण कार्य तेज गति से कराया जा रहा। प्लेटफॉर्म बनकर तैयार हो गए हैं। स्वचलित सीढि़यां लगाने के लिए पहले ढांचा तैयार होगा। कार्य को लेकर अधिकारियों से बराबर बातचीत होती रहती है।
- अरुण सागर, सांसद
विज्ञापन
फरवरी 2019 में केंद्रीय मंत्री रहीं कृष्णाराज ने रेलवे स्टेशन पर स्वचलित सीढि़यां (एस्केलेटर) और लिफ्ट का शिलान्यास करते हुए ओवरब्रिज के पास भूमि पूजन किया था। प्रारंभ में अधिकारियों ने रुचि दिखाई। उसी समय कृष्णाराज का टिकट कटने पर मामला अधर में लटक गया।
विज्ञापन
इस बीच काेरोना आने पर सारे काम ठप पड़ गए। स्थिति सामान्य होने पर लोगों को स्वचलित सीढि़यां और लिफ्ट की सुविधा नहीं मिल सकी। प्लेटफॉर्म एक से दो अथवा चार-पांच पर जाने के लिए यात्रियों को सीढि़या चढ़नी पड़ती हैं। ट्रेन खड़ी होने पर दौड़कर सीढि़यां चढ़ने से लोग हांफ जाते हैं।
विज्ञापन
बुजुर्गों, दिव्यांग और बीमारों को ओवरब्रिज पर चढ़ना मुश्किल हो जाता है। अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत तीन लिफ्ट व दो एस्केलेटर लगने हैं, लेकिन डेढ़ वर्ष में मात्र दो प्लेटफॉर्म ही बनकर तैयार हो पाए हैं। अब पुल बन रहे हैं। उनकी गति भी काफी धीमी है। ऐसे में योजना के तहत स्वचलित सीढि़यां लगाने के कार्य को लंबा इंतजार करना पड़ सकता है।
धूल फांक रहीं व्हीलचेयर
रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर एक पर आउटडोर स्टेशन मास्टर के कक्ष में दो व्हीलचेयर रखीं गईं हैं। जानकारी के अभाव में नाममात्र के यात्री ही उनका प्रयोग कर पाते हैं। आधार कार्ड जमा करने पर ही व्हीलचेयर उपलब्ध कराई जाती है।
रेलवे स्टेशन का निर्माण कार्य तेज गति से कराया जा रहा। प्लेटफॉर्म बनकर तैयार हो गए हैं। स्वचलित सीढि़यां लगाने के लिए पहले ढांचा तैयार होगा। कार्य को लेकर अधिकारियों से बराबर बातचीत होती रहती है।
- अरुण सागर, सांसद

शाहजहांपुर में रेलवे स्टेशन पर पुल से उतरते बुजुर्ग। कई जगह रुककर इतनी सीढि़याें से उतर पाए। सं