{"_id":"69c17fac02cb7327f705c8ab","slug":"palia-shahjahanpur-highway-in-shambles-constant-fear-of-accidents-shahjahanpur-news-c-122-1-spn1002-168741-2026-03-23","type":"story","status":"publish","title_hn":"Shahjahanpur News: पलिया-शाहजहांपुर हाईवे का बुरा हाल...हर वक्त हादसे का डर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Shahjahanpur News: पलिया-शाहजहांपुर हाईवे का बुरा हाल...हर वक्त हादसे का डर
विज्ञापन
लखनऊ-पलिया हाईवे पर चिनौर तिराहा से नियामतपुर के बीच सड़क पर हुए गड्ढे। संवाद
- फोटो : संवाद
शाहजहांपुर। शहर के महिला थाने से नियामतपुर मोड़ तक पलिया-लखनऊ राष्ट्रीय राजमार्ग सड़क पर गड्ढों की वजह से राहगीरों का चलना मुश्किल हो गया है। खासकर दोपहिया वाहन चालकों के लिए सफर खतरे से भरा है। पिछले माह एनएचएआई की ओर से नियामतपुर से हरदोई बाइपास तक 15 किमी सड़क पीडब्ल्यूडी को हस्तांतरित करने की बात हुई थी, लेकिन अब तक इस पर आगे की कार्रवाई नहीं हो पाई है।
हस्तांतरण में नगर निगम के अधीन क्षेत्र शामिल नहीं होगा। हालांकि पीडब्ल्यूडी ने सड़क को वापस लेने से पहले इसे गड्ढामुक्त करने की शर्त रखी है। इसकी मरम्मत पर आने वाली 24 करोड़ रुपये की लागत का प्रस्ताव भेजा गया है। सड़क जर्जर होने के बावजूद इसके निर्माण में देरी होने का खामियाजा राहगीरों को भुगतना पड़ रहा है।
पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों का कहना है कि प्रस्ताव पास होने की अब तक कोई सूचना नहीं आई है। एनएचएआई 24 करोड़ की धनराशि पीडब्ल्यूडी को भेजेगा। इसके बाद सड़क की मरम्मत और निर्माण कार्य शुरू हो पाएगा।
विज्ञापन
--
नियामतपुर से चिनौर तिराहा तक हालत ज्यादा खराब
लखनऊ-पलिया हाईवे से रोजाना हजारों लोग गुजरते हैं। चिनौर तिराहा से लेकर नियामतपुर तिराहा तक सड़क पर अनगिनत गड्ढे हैं। इसकी वजह से इस पर चलना मुश्किल है। गड्ढे इतने बड़े हैं कि वाहन अनियंत्रित होकर पलट जाते हैं। खासतौर पर ई-रिक्शे अक्सर पलटते रहते हैं। दो पहिया वाहन चालक आए दिन गड्ढों की वजह से गिरकर चोटिल होते रहते हैं। बारिश होने पर गड्ढों में पानी भर जाता है। इससे राहगीरों गड्ढे दिखाई नहीं देते हैं और वे चोटिल हो जाते हैं।
-- --
दो विभागों के बीच फंसा मार्ग
एनएचएआई और पीडब्ल्यूडी विभाग के बीच अब तक सड़क निर्माण हस्तांतरित होने की प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाई है। हस्तांतरित होने के बाद टेंडर प्रक्रिया होगी। इसके बाद निर्माण कार्य शुरू होगा। ऐसे में राहगीरों को काफी दिनों तक मुसीबत का सामना करना पड़ेगा।
-- -- -
एनएचएआई को भेजे गए प्रस्ताव में हस्तांतरण प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही सड़क का निर्माण शुरू कराया जाएगा। विभाग की ओर से प्रस्ताव बनाकर दे दिया गया है।
- महेंद्र पाल, एक्सईएन, प्रांतीय खंड, लोक निर्माण विभाग
विज्ञापन
हस्तांतरण में नगर निगम के अधीन क्षेत्र शामिल नहीं होगा। हालांकि पीडब्ल्यूडी ने सड़क को वापस लेने से पहले इसे गड्ढामुक्त करने की शर्त रखी है। इसकी मरम्मत पर आने वाली 24 करोड़ रुपये की लागत का प्रस्ताव भेजा गया है। सड़क जर्जर होने के बावजूद इसके निर्माण में देरी होने का खामियाजा राहगीरों को भुगतना पड़ रहा है।
विज्ञापन
पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों का कहना है कि प्रस्ताव पास होने की अब तक कोई सूचना नहीं आई है। एनएचएआई 24 करोड़ की धनराशि पीडब्ल्यूडी को भेजेगा। इसके बाद सड़क की मरम्मत और निर्माण कार्य शुरू हो पाएगा।
विज्ञापन
नियामतपुर से चिनौर तिराहा तक हालत ज्यादा खराब
लखनऊ-पलिया हाईवे से रोजाना हजारों लोग गुजरते हैं। चिनौर तिराहा से लेकर नियामतपुर तिराहा तक सड़क पर अनगिनत गड्ढे हैं। इसकी वजह से इस पर चलना मुश्किल है। गड्ढे इतने बड़े हैं कि वाहन अनियंत्रित होकर पलट जाते हैं। खासतौर पर ई-रिक्शे अक्सर पलटते रहते हैं। दो पहिया वाहन चालक आए दिन गड्ढों की वजह से गिरकर चोटिल होते रहते हैं। बारिश होने पर गड्ढों में पानी भर जाता है। इससे राहगीरों गड्ढे दिखाई नहीं देते हैं और वे चोटिल हो जाते हैं।
दो विभागों के बीच फंसा मार्ग
एनएचएआई और पीडब्ल्यूडी विभाग के बीच अब तक सड़क निर्माण हस्तांतरित होने की प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाई है। हस्तांतरित होने के बाद टेंडर प्रक्रिया होगी। इसके बाद निर्माण कार्य शुरू होगा। ऐसे में राहगीरों को काफी दिनों तक मुसीबत का सामना करना पड़ेगा।
एनएचएआई को भेजे गए प्रस्ताव में हस्तांतरण प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही सड़क का निर्माण शुरू कराया जाएगा। विभाग की ओर से प्रस्ताव बनाकर दे दिया गया है।
- महेंद्र पाल, एक्सईएन, प्रांतीय खंड, लोक निर्माण विभाग