{"_id":"65babfa84bf80a1b830ccb17","slug":"paddy-procurement-lagged-behind-last-year-this-time-too-20-percent-less-shahjahanpur-news-c-122-1-spn1002-112611-2024-02-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"Shahjahanpur News: पिछले वर्ष से भी पिछड़े, इस बार भी 20 फीसदी कम रही धान खरीद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Shahjahanpur News: पिछले वर्ष से भी पिछड़े, इस बार भी 20 फीसदी कम रही धान खरीद
Thu, 01 Feb 2024 03:16 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
Updated Thu, 01 Feb 2024 03:16 AM IST
विज्ञापन
सुनसान पड़ी जलालाबाद मंडी। संवाद
शाहजहांपुर। पिछले वर्ष की तुलना में इस बार धान खरीद काफी कम हुई। लक्ष्य के सापेक्ष 20 प्रतिशत धान की खरीद कम रही। धान की रफ्तार शुरुआत में काफी धीमी रही। अधिकतर धान किसान ने निजी हाथों में बेच दिया। प्रशासन किसानों को क्रय केंद्रों तक लाने में सफल नहीं हो पाया। इसके फायदा बिचौलियों ने उठा लिया। धान खरीद एक अक्तूबर से शुरू हुई थी। इसके लिए 212 सेंटर बनाए गए थे। पिछले वर्ष 199 क्रय केंद्रों पर खरीद हुई थी। 3,65,000 मीट्रिक टन धान खरीद का लक्ष्य रखा गया था। लक्ष्य के सापेक्ष धान खरीद 2,91,960.551 मीट्रिक टन खरीद हो पाई। सरकार की ओर से इस वर्ष ग्रेड ए के धान का मूल्य 2203 रुपये प्रति क्विंटल और कॉमन धान का मूल्य 2123 रुपये प्रति क्विंटल रखा गया था। अब तक किसानों को लगभग छह सौ 15 करोड़ 26 लाख रुपये का भुगतान किया जा चुका है। यह 96.54 प्रतिशत है। किसानों का करीब 22 करोड़ रुपये बकाया है।
-- -- -- --
पिछले वर्ष सरकारी केंद्रों पर अधिक किसानों ने बेचा था धान
पिछले वर्ष 47,284 किसानों से 37,0776.879 मीट्रिक टन धान खरीदा गया था। इस वर्ष 32,996 किसानों से 29,1960.551 मीट्रिक टन धान की खरीद हुई। इस बार किसान केंद्रों पर कम पहुंचे। इसका कारण बताया जाता है कि समर्थन मूल्य और बाजार के मूल्य में अंतर काफी कम रहा। किसान का धान मिलों ने घर से ही खरीद लिया। इसकी वजह से किसान क्रय केंद्रों तक पहुंच नहीं पाया।
-- -- -- -- -
प्रशासन के प्रयासों में कोई कमी नहीं रही है। बावजूद पिछले वर्ष के सापेक्ष वर्ष धान खरीद कम रही। किसानों ने अधिकतर अपनी फसल निजी लोगों को बेच दी। इसकी वजह से धान खरीद का लक्ष्य पूरा नहीं हो पाया।
विज्ञापन
- संजय कुमार पांडेय, एडीएम प्रशासन
विज्ञापन
पिछले वर्ष सरकारी केंद्रों पर अधिक किसानों ने बेचा था धान
पिछले वर्ष 47,284 किसानों से 37,0776.879 मीट्रिक टन धान खरीदा गया था। इस वर्ष 32,996 किसानों से 29,1960.551 मीट्रिक टन धान की खरीद हुई। इस बार किसान केंद्रों पर कम पहुंचे। इसका कारण बताया जाता है कि समर्थन मूल्य और बाजार के मूल्य में अंतर काफी कम रहा। किसान का धान मिलों ने घर से ही खरीद लिया। इसकी वजह से किसान क्रय केंद्रों तक पहुंच नहीं पाया।
विज्ञापन
प्रशासन के प्रयासों में कोई कमी नहीं रही है। बावजूद पिछले वर्ष के सापेक्ष वर्ष धान खरीद कम रही। किसानों ने अधिकतर अपनी फसल निजी लोगों को बेच दी। इसकी वजह से धान खरीद का लक्ष्य पूरा नहीं हो पाया।
विज्ञापन
- संजय कुमार पांडेय, एडीएम प्रशासन