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धान खरीद : आवक नहीं होने से मंडियों में सूने क्रय केंद्र
Wed, 02 Oct 2024 04:10 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
Updated Wed, 02 Oct 2024 04:10 AM IST
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रोजा मंडी में सूना पड़ा धान खरीद केंद्र। संवाद
शाहजहांपुर। खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 में समर्थन मूल्य पर धान की सरकारी खरीद का पहला दिन निराशाजनक रहा। क्रय केंद्रों पर मंगलवार को धान की आवक नहीं आई। इससे खरीद नहीं हो सकी। जिले की कई मंडियों में अभी क्रय केंद्र पूरी तरह से खुल नहीं सके, जो क्रय केंद्र खुले हैं, उन पर किसान नहीं पहुंचे।
प्रभारी जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी राकेश मोहन पांडेय ने रोजा मंडी के क्रय केंद्रों का निरीक्षण कर वहां की व्यवस्थाएं जांचीं। इस बार शासन से जनपद को 3.01 लाख मीट्रिक टन धान खरीद का लक्ष्य दिया गया है। लक्ष्य के अनुरूप खरीद सुनिश्चित करने के लिए डीएम धर्मेंद्र प्रताप सिंह ने विभिन्न एजेंसियों को 171 क्रय केंद्र आवंटित किए हैं। हमेशा की तरह इस बार भी पीसीएफ के हिस्से में सर्वाधिक 46 क्रय केंद्र आए हैं। जबकि खरीद की नोडल एजेंसी नामित एफसीआई को सबसे कम केवल सात केंद्र मिले हैं। अधिकांश केंद्र प्रभारी सुबह से केंद्रों पर सतर्क रहे, लेकिन शाम तक किसान धान लेकर नहीं पहुंचे।
इस बीच आढ़तों पर कुछ किसान धान लेकर पहुंचे, लेकिन उसमें नमी 25 से 30 प्रतिशत तक पाई गई। जबकि, शासन ने समर्थन मूल्य पर अधिकतम 17 प्रतिशत नमी वाला धान खरीदने की सीमा तय की है। खरीद से जुड़े अधिकारी भी मानते हैं कि नमी ज्यादा होने से केंद्रों पर धान की आवक में एक से दो सप्ताह का समय लग सकता है।
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रोजा मंडी में नहीं हुई सरकारी खरीद, कई केंद्र प्रभारी नदारद
रोजा। मंडी में किसी भी केंद्र पर पहले दिन धान की आवक नहीं आने से सरकारी खरीद नहीं हो सकी। कई केंद्रों के प्रभारी दोपहर बाद ही चले गए। कई केंद्रों पर बैनर भी नहीं टांगे गए हैं और कुछ केंद्रों पर अभी प्रभारियों की नियुक्ति नहीं हुई है। मौजूद रहे प्रभारियों ने शाम तक किसानों के आने का इंतजार किया, लेकिन उन्हें मायूसी हाथ लगी। इस बीच, जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी केंद्रों का निरीक्षण कर आढ़तों पर धान बेचने आए किसानों से बात की। मंडी के कुछ आढ़तियों ने किसानों से 22-23 प्रतिशत नमी वाला धान 1800 से 1900 रुपये और महीन धान 2200 से 2300 रुपये प्रति क्विंटल भाव देकर खरीदा।
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तिलहर मंडी में खुले अधूरे सेंटर, नहीं हुई खरीद
तिलहर। मंडी परिसर में लगे धान खरीद केंद्रों पर पहले दिन धान की सरकारी खरीद नहीं हो सकी। वहां के 16 में से 13 सेंटरों के बैनर टंग सके। तीन सेंटरों के बैनर ओर उनके केंद्र प्रभारी नदारद रहे। कुछ केंद्र प्रभारी एक साथ खाली बैठे गपशप करते दिखे। मंडी सचिव रामनिवास ने बताया कि तीन केंद्रों के प्रभारी अभी तक सामान लेने नहीं आए। उन्होंने बताया कि 23 सितंबर से आज दोपहर तक मंडी की आढ़तों पर 12 हजार 152 क्विंटल धान की आवक हुई, लेकिन उसमें नमी ज्यादा है। आरएफसी के केंद्र प्रभारी ने बताया कि अभी धान में 30 प्रतिशत तक नमी है। आढ़तों पर मोटा धान 1700 से 1800 रुपये और महीन धान 2000 से 2400 रुपये प्रति क्विंटल बिका। संवाद
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जलालाबाद मंडी में पहले दिन बंद रहे सात क्रय केंद्र
जलालाबाद। मंगलवार से शुरू हुई धान की सरकारी खरीद के लिए मंडी में पहले दिन विभिन्न क्रय एजेंसियों के सात क्रय केंद्र बंद रहे। हालांकि, पांच अन्य क्रय केंद्र दिन भर खुले रहे, लेकिन किसानों के नहीं पहुंचने से उन पर खरीद नहीं हो सकी। बता दें कि मंडी परिसर में आरएफसी व यूपीएसएस के पांच-पांच और पीसीएफ व पीसीयू के एक-एक क्रय केंद्र स्वीकृत हुए हैं। यह सभी क्रय केंद्र आज खुलने थे, लेकिन पहले दिन यूपीएसएस के दो व आरएफसी के एक केंद्र सहित कुल पांच केंद्र ही चालू हो सके। इन सेंटरों पर पहले दिन काश्तकारों के नहीं पहुंचने से खरीद भी ठप रही। क्षेत्र में धान की फसल पिछैती होने के कारण अभी आवक शुरू नहीं हुई है। गल्ला आढ़तों पर भी दिन भर सन्नाटा रहा। बता दें कि स्थानीय मंडी समिति क्षेत्र में कुल 19 धान खरीद सेंटर खुलने हैं। इनमें 12 सेंटर मंडी परिसर के अलावा एक क्षेत्र के गांव गुलड़िया, एक मदनापुर, दो मिर्जापुर और तीन क्रय केंद्र कलान में खोले जाने हैं। संवाद
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अभी धान में नमी 26 प्रतिशत और इससे अधिक है। कुछ किसान रोजा मंडी धान लेकर गए, लेकिन उसमें नमी ज्यादा होने की वजह से उसे क्रय केंद्र पर खरीदा नहीं नहीं जा सका। मौसम सामान्य रहा और धूप निकलती रही तो एक सप्ताह बाद सरकारी खरीद रफ्तार पकड़ लेगी।
-राकेश मोहन पांडेय, प्रभारी जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी
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प्रभारी जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी राकेश मोहन पांडेय ने रोजा मंडी के क्रय केंद्रों का निरीक्षण कर वहां की व्यवस्थाएं जांचीं। इस बार शासन से जनपद को 3.01 लाख मीट्रिक टन धान खरीद का लक्ष्य दिया गया है। लक्ष्य के अनुरूप खरीद सुनिश्चित करने के लिए डीएम धर्मेंद्र प्रताप सिंह ने विभिन्न एजेंसियों को 171 क्रय केंद्र आवंटित किए हैं। हमेशा की तरह इस बार भी पीसीएफ के हिस्से में सर्वाधिक 46 क्रय केंद्र आए हैं। जबकि खरीद की नोडल एजेंसी नामित एफसीआई को सबसे कम केवल सात केंद्र मिले हैं। अधिकांश केंद्र प्रभारी सुबह से केंद्रों पर सतर्क रहे, लेकिन शाम तक किसान धान लेकर नहीं पहुंचे।
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इस बीच आढ़तों पर कुछ किसान धान लेकर पहुंचे, लेकिन उसमें नमी 25 से 30 प्रतिशत तक पाई गई। जबकि, शासन ने समर्थन मूल्य पर अधिकतम 17 प्रतिशत नमी वाला धान खरीदने की सीमा तय की है। खरीद से जुड़े अधिकारी भी मानते हैं कि नमी ज्यादा होने से केंद्रों पर धान की आवक में एक से दो सप्ताह का समय लग सकता है।
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रोजा मंडी में नहीं हुई सरकारी खरीद, कई केंद्र प्रभारी नदारद
रोजा। मंडी में किसी भी केंद्र पर पहले दिन धान की आवक नहीं आने से सरकारी खरीद नहीं हो सकी। कई केंद्रों के प्रभारी दोपहर बाद ही चले गए। कई केंद्रों पर बैनर भी नहीं टांगे गए हैं और कुछ केंद्रों पर अभी प्रभारियों की नियुक्ति नहीं हुई है। मौजूद रहे प्रभारियों ने शाम तक किसानों के आने का इंतजार किया, लेकिन उन्हें मायूसी हाथ लगी। इस बीच, जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी केंद्रों का निरीक्षण कर आढ़तों पर धान बेचने आए किसानों से बात की। मंडी के कुछ आढ़तियों ने किसानों से 22-23 प्रतिशत नमी वाला धान 1800 से 1900 रुपये और महीन धान 2200 से 2300 रुपये प्रति क्विंटल भाव देकर खरीदा।
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तिलहर मंडी में खुले अधूरे सेंटर, नहीं हुई खरीद
तिलहर। मंडी परिसर में लगे धान खरीद केंद्रों पर पहले दिन धान की सरकारी खरीद नहीं हो सकी। वहां के 16 में से 13 सेंटरों के बैनर टंग सके। तीन सेंटरों के बैनर ओर उनके केंद्र प्रभारी नदारद रहे। कुछ केंद्र प्रभारी एक साथ खाली बैठे गपशप करते दिखे। मंडी सचिव रामनिवास ने बताया कि तीन केंद्रों के प्रभारी अभी तक सामान लेने नहीं आए। उन्होंने बताया कि 23 सितंबर से आज दोपहर तक मंडी की आढ़तों पर 12 हजार 152 क्विंटल धान की आवक हुई, लेकिन उसमें नमी ज्यादा है। आरएफसी के केंद्र प्रभारी ने बताया कि अभी धान में 30 प्रतिशत तक नमी है। आढ़तों पर मोटा धान 1700 से 1800 रुपये और महीन धान 2000 से 2400 रुपये प्रति क्विंटल बिका। संवाद
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जलालाबाद मंडी में पहले दिन बंद रहे सात क्रय केंद्र
जलालाबाद। मंगलवार से शुरू हुई धान की सरकारी खरीद के लिए मंडी में पहले दिन विभिन्न क्रय एजेंसियों के सात क्रय केंद्र बंद रहे। हालांकि, पांच अन्य क्रय केंद्र दिन भर खुले रहे, लेकिन किसानों के नहीं पहुंचने से उन पर खरीद नहीं हो सकी। बता दें कि मंडी परिसर में आरएफसी व यूपीएसएस के पांच-पांच और पीसीएफ व पीसीयू के एक-एक क्रय केंद्र स्वीकृत हुए हैं। यह सभी क्रय केंद्र आज खुलने थे, लेकिन पहले दिन यूपीएसएस के दो व आरएफसी के एक केंद्र सहित कुल पांच केंद्र ही चालू हो सके। इन सेंटरों पर पहले दिन काश्तकारों के नहीं पहुंचने से खरीद भी ठप रही। क्षेत्र में धान की फसल पिछैती होने के कारण अभी आवक शुरू नहीं हुई है। गल्ला आढ़तों पर भी दिन भर सन्नाटा रहा। बता दें कि स्थानीय मंडी समिति क्षेत्र में कुल 19 धान खरीद सेंटर खुलने हैं। इनमें 12 सेंटर मंडी परिसर के अलावा एक क्षेत्र के गांव गुलड़िया, एक मदनापुर, दो मिर्जापुर और तीन क्रय केंद्र कलान में खोले जाने हैं। संवाद
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अभी धान में नमी 26 प्रतिशत और इससे अधिक है। कुछ किसान रोजा मंडी धान लेकर गए, लेकिन उसमें नमी ज्यादा होने की वजह से उसे क्रय केंद्र पर खरीदा नहीं नहीं जा सका। मौसम सामान्य रहा और धूप निकलती रही तो एक सप्ताह बाद सरकारी खरीद रफ्तार पकड़ लेगी।
-राकेश मोहन पांडेय, प्रभारी जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी

रोजा मंडी में सूना पड़ा धान खरीद केंद्र। संवाद