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Shahjahanpur News: दो साधुओं की हत्या से संत समाज में आक्रोश, जल्द ही अधिकारियों से मिलेंगे
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खुदागंज के गांव सूथा में एकत्र संत समाज के लोग। संवाद
खुदागंज (शाहजहांपुर)। थाना क्षेत्र के सूधा गांव में मंदिर परिसर में दो साधुओं गोपालदास और बिहारीदास की हत्या के बाद शनिवार को कई साधु-संत गांव पहुंचे। उन्होंने घटनास्थल का जायजा लिया और ग्रामीणों से जानकारी की। उन्होंने कहा कि घटना की निष्पक्ष जांच और इसमें शामिल सभी लोगों पर कार्रवाई की मांग को लेकर शांतिपूर्ण आंदोलन किया जाएगा। नौ अक्तूबर को डीएम और एसपी से मुलाकात कर कार्रवाई की मांग की जाएगी।
गांव से करीब एक किलोमीटर पश्चिम में स्थित मंदिर में सो रहे दोनों साधुओं की लोहे के पाइप से पीट-पीटकर हत्या कर शवों को तख्त पर ही जला दिया गया था। पुलिस ने गांव निवासी सुमित को मुख्य आरोपी मानते हुए उसे उसके घर से गिरफ्तार किया था। पुलिस सुमित को कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज चुकी है।
शनिवार को मंदिर पहुंचे कछियानी खेड़ा के महंत रामलाल गिरि ने कहा कि प्रथमदृष्टया यह घटना किसी एक व्यक्ति के किए जाने की बात आसानी से स्वीकार नहीं की जा सकती। उन्होंने कहा कि यदि साधुओं को लगातार परेशान किया जा रहा था तो व्यवस्थापक ने इसकी शिकायत या रोकथाम के लिए प्रभावी कदम क्यों नहीं उठाए।
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उन्होंने कहा कि यदि आरोपी को मानसिक रूप से अस्वस्थ बताया जा रहा है तो उसे खुले में छोड़ने के बजाय परिवार या संबंधित लोगों को उसका उपचार कराना चाहिए था।
महंत ने कहा कि संत समाज घटना में शामिल लोगों के खिलाफ कानूनी लड़ाई लड़ेगा। नौ अक्तूबर को डीएम और एसपी से मिलकर सभी आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की जाएगी। 11 अक्तूबर को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की भी योजना है। देशभर के संतों के सामने घटना को रखा जाएगा।
उन्होंने कहा कि संत समाज शांतिपूर्ण तरीके से न्याय की मांग करेगा। आरोप लगाया कि संतों के साथ हुई घटना को लेकर राजनीतिक स्तर पर अपेक्षित गंभीरता नहीं दिखाई जा रही है।
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मंदिर में कम हो गई आवाजाही
दो साधुओं की हत्या के बाद गांव में भय का माहौल है। ग्रामीण खेतों पर जाने में भी डर महसूस कर रहे हैं। पहले सुबह गांव के लोग मंदिर पहुंचकर साफ-सफाई और पूजा-अर्चना करते थे, लेकिन घटना के बाद वहां लोगों की आवाजाही कम हो गई है। बाबा बिहारी दास के भतीजे प्रमोद ने बताया कि वह शनिवार को एसपी से मिलने जाने वाले थे, लेकिन बाबा गोपाल दास के परिवार में एक व्यक्ति के बीमार होने की सूचना मिलने पर कार्यक्रम स्थगित करना पड़ा। अब वह नौ अक्तूबर को संत समाज के लोगों के साथ पुलिस अधीक्षक से मिलेंगे। उन्होंने सुमित के साथ घटना में शामिल अन्य लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ भी कार्रवाई की मांग करने की बात कही।
इस दौरान कछियानी खेड़ा के महंत रामलाल गिरि, बाबा प्रमोद नाथ, महंत मोहन गिरि, बाबा रघुनाथ गिरि, श्याम सुंदर दास त्यागी, बाबा हरिओम समेत कई साधु-संत मौजूद रहे।
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आरोपी को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेजा जा चुका है। मामले में सभी पहलुओं पर जांच की जा रही है।
-सौरभ दीक्षित, एसपी
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गांव से करीब एक किलोमीटर पश्चिम में स्थित मंदिर में सो रहे दोनों साधुओं की लोहे के पाइप से पीट-पीटकर हत्या कर शवों को तख्त पर ही जला दिया गया था। पुलिस ने गांव निवासी सुमित को मुख्य आरोपी मानते हुए उसे उसके घर से गिरफ्तार किया था। पुलिस सुमित को कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज चुकी है।
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शनिवार को मंदिर पहुंचे कछियानी खेड़ा के महंत रामलाल गिरि ने कहा कि प्रथमदृष्टया यह घटना किसी एक व्यक्ति के किए जाने की बात आसानी से स्वीकार नहीं की जा सकती। उन्होंने कहा कि यदि साधुओं को लगातार परेशान किया जा रहा था तो व्यवस्थापक ने इसकी शिकायत या रोकथाम के लिए प्रभावी कदम क्यों नहीं उठाए।
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उन्होंने कहा कि यदि आरोपी को मानसिक रूप से अस्वस्थ बताया जा रहा है तो उसे खुले में छोड़ने के बजाय परिवार या संबंधित लोगों को उसका उपचार कराना चाहिए था।
महंत ने कहा कि संत समाज घटना में शामिल लोगों के खिलाफ कानूनी लड़ाई लड़ेगा। नौ अक्तूबर को डीएम और एसपी से मिलकर सभी आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की जाएगी। 11 अक्तूबर को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की भी योजना है। देशभर के संतों के सामने घटना को रखा जाएगा।
उन्होंने कहा कि संत समाज शांतिपूर्ण तरीके से न्याय की मांग करेगा। आरोप लगाया कि संतों के साथ हुई घटना को लेकर राजनीतिक स्तर पर अपेक्षित गंभीरता नहीं दिखाई जा रही है।
मंदिर में कम हो गई आवाजाही
दो साधुओं की हत्या के बाद गांव में भय का माहौल है। ग्रामीण खेतों पर जाने में भी डर महसूस कर रहे हैं। पहले सुबह गांव के लोग मंदिर पहुंचकर साफ-सफाई और पूजा-अर्चना करते थे, लेकिन घटना के बाद वहां लोगों की आवाजाही कम हो गई है। बाबा बिहारी दास के भतीजे प्रमोद ने बताया कि वह शनिवार को एसपी से मिलने जाने वाले थे, लेकिन बाबा गोपाल दास के परिवार में एक व्यक्ति के बीमार होने की सूचना मिलने पर कार्यक्रम स्थगित करना पड़ा। अब वह नौ अक्तूबर को संत समाज के लोगों के साथ पुलिस अधीक्षक से मिलेंगे। उन्होंने सुमित के साथ घटना में शामिल अन्य लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ भी कार्रवाई की मांग करने की बात कही।
इस दौरान कछियानी खेड़ा के महंत रामलाल गिरि, बाबा प्रमोद नाथ, महंत मोहन गिरि, बाबा रघुनाथ गिरि, श्याम सुंदर दास त्यागी, बाबा हरिओम समेत कई साधु-संत मौजूद रहे।
आरोपी को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेजा जा चुका है। मामले में सभी पहलुओं पर जांच की जा रही है।
-सौरभ दीक्षित, एसपी