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सहकारी चीनी मिल से चीनी गायब होने की जांच शुरू
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तिलहर। किसान सहकारी चीनी मिल से तीन सौ बोरी चीनी गायब होने की जांच शुरू हो गई है। प्रदेश सहकारी चीनी मिल संघ के प्रबंध निदेशक विमल कुमार दुबे ने यहां पहुंचकर मिल के अधिकारियों से पूछताछ की और संबंधित अभिलेख अपने कब्जे में ले लिए।
पिपरौला स्थित गोदाम किराए पर लिए जाने के दौरान वहां से रेलवे ट्रैक पर लोडिंग के दौरान तीन सौ बोरी चीनी गायब होने की बात चर्चा में है, लेकिन आधिकारिक तौर पर अभी तक इसकी पुष्टि नहीं हो सकी है। चीनी मिल के प्रधान प्रबंधक शेर बहादुर ने बताया कि संघ के अधिकारी यहां जांच के लिए आए थे। उन्होंने अधिकारियों से पूछताछ भी की है और कुछ अभिलेख अपने कब्जे में लिए हैं। उन्होंने बताया कि चीनी गायब होने का मामला उनके कार्यकाल का नहीं है और न ही उनके संज्ञान में कोई बात है। अभिलेखों में किसी भी प्रकार की चीनी की कोई हेराफेरी नहीं है। फिलहाल शिकायत के आधार पर मामले की जांच अधिकारियों द्वारा की जा रही है।
शिकायत के मुताबिक पिपरोला में चीनी रखने के लिए गोदाम किराए पर लिया गया था। इस दौरान निवर्तमान मिल प्रबंधक ने रेलवे ट्रैक में चीनी को लोड कराया था। इस दौरान एक ट्रक चीनी गायब होने का मामला प्रकाश में आया था, लेकिन बाद में अधिकारियों ने जांच में आरोप झूठा पाया था। स्टाक के मिलान में भी सब कुछ ठीक-ठाक पाया गया था।
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जांच टीम में गन्ना उपायुक्त डॉ. आरबी राम और संघ के जीएम पीएन सिंह शामिल रहे। निरीक्षण के दौरान मिल प्रबंधक सहित डिप्टी चीफ केमिस्ट एके श्रीवास्तव, गोदाम प्रभारी रिजवान, पिपरौला गोदाम प्रभारी रामदेव आदि से पूछताछ की गई है।
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पिपरौला स्थित गोदाम किराए पर लिए जाने के दौरान वहां से रेलवे ट्रैक पर लोडिंग के दौरान तीन सौ बोरी चीनी गायब होने की बात चर्चा में है, लेकिन आधिकारिक तौर पर अभी तक इसकी पुष्टि नहीं हो सकी है। चीनी मिल के प्रधान प्रबंधक शेर बहादुर ने बताया कि संघ के अधिकारी यहां जांच के लिए आए थे। उन्होंने अधिकारियों से पूछताछ भी की है और कुछ अभिलेख अपने कब्जे में लिए हैं। उन्होंने बताया कि चीनी गायब होने का मामला उनके कार्यकाल का नहीं है और न ही उनके संज्ञान में कोई बात है। अभिलेखों में किसी भी प्रकार की चीनी की कोई हेराफेरी नहीं है। फिलहाल शिकायत के आधार पर मामले की जांच अधिकारियों द्वारा की जा रही है।
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शिकायत के मुताबिक पिपरोला में चीनी रखने के लिए गोदाम किराए पर लिया गया था। इस दौरान निवर्तमान मिल प्रबंधक ने रेलवे ट्रैक में चीनी को लोड कराया था। इस दौरान एक ट्रक चीनी गायब होने का मामला प्रकाश में आया था, लेकिन बाद में अधिकारियों ने जांच में आरोप झूठा पाया था। स्टाक के मिलान में भी सब कुछ ठीक-ठाक पाया गया था।
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जांच टीम में गन्ना उपायुक्त डॉ. आरबी राम और संघ के जीएम पीएन सिंह शामिल रहे। निरीक्षण के दौरान मिल प्रबंधक सहित डिप्टी चीफ केमिस्ट एके श्रीवास्तव, गोदाम प्रभारी रिजवान, पिपरौला गोदाम प्रभारी रामदेव आदि से पूछताछ की गई है।