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पहले दिन एक भी कापी नहीं जंची
शाहजहांपुर
Updated Mon, 30 Mar 2015 11:29 PM IST
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जैसी उम्मीद थी, वैसा हुआ भी। माध्यमिक शिक्षा परिषद (यूपी बोर्ड) की हाई स्कूल और इंटर की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन पहले दिन शिक्षक संगठनों के बहिष्कार की भेंट चढ़ गया। मूल्यांकन केंद्र राजकीय इंटर कॉलेज, इस्लामिया इंटर कॉलेज और एबी रिच इंटर कॉलेज में पूरे दिन सन्नाटा पसरा रहा। उप नियंत्रक और मूल्यांकन कार्य के सहयोगी शिक्षक एवं शिक्षणेत्तर कर्मी परीक्षकों की प्रतीक्षा में हाथ पर हाथ धरे बैठे रहे।
गौरतलब है कि वित्तविहीन शिक्षक महासभा और वित्तविहीन प्रधानाचार्य परिषद मानदेय भुगतान की मांग को लेकर मूल्यांकन का बहिष्कार कर रही है, वहीं माध्यमिक शिक्षक संघ पांडेय गुट तदर्थ शिक्षकों के विनियमितीकरण, परीक्षा पारिश्रमिक के बकाया का भुगतान करने और उसमें बढ़ोत्तरी करने, सीटी ग्रेड को एलटी ग्रेड में परिवर्तित करने तथा शिक्षक संघ शर्मा गुट ने लंबित मांगों को पूरा करने की मांग को लेकर मूल्यांकन बहिष्कार करने की चेतावनी दी थी। बहिष्कार को सफल बनाने के लिए शिक्षक संघों ने बाकायदा स्कूल-कॉलेजों में साथियों से संपर्क भी किया था।
वित्तविहीन शिक्षकों ने सुबह नौ बजे के लगभग ही टोलियों के रूप में तीनों मूल्यांकन केंद्रों की ओर रुख कर लिया था, केंद्राें पर पहुंचकर शिक्षकों ने गेट बंद कर दिया और जो शिक्षक मूल्यांकन करने आए उन्हेें अंदर नहीं जाने दिया गया। नारेबाजी करते हुए शिक्षकों ने गेट पर ताला डालने के बाद उन्होंने वहीं धरना शुरू कर दिया। केंद्र के अंदर उपनियंत्रक परीक्षकों की प्रतीक्षा करते रहे, लेकिन कहीं चार-छह तो कही इससे कुछ अधिक परीक्षक ही अंदर पहुंच सके, जिससे मूल्यांकन शुरू नहीं हो सका। वित्तविहीन शिक्षकों के आंदोलन में कार्यवाहक जिलाध्यक्ष नरेंद्र सिंह यादव, सुरेंद्र पाल सिंह, देवशरण मिश्र, धनपाल गुप्ता, अभिषेक पांडेय, सत्यपाल सिंह, केपी सिंह, रामकिशोर दुबे, राजेश आनंद, राम कुमार यादव, शिवओम पाठक, डॉ. राम प्रकाश पांडेय, वाजिद अली आदि शिक्षक शामिल रहे।
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पांडेय गुट ने भी किया बहिष्कार
मूल्यांकन कार्य के पहले दिन माशिसं पांडेय गुट के शिक्षकों ने प्रांतीय उपाध्यक्ष संतोष पांडेय एवं जिलाध्यक्ष राजेश शर्मा के नेतृत्व में तीनों केंद्रों पर पहुंचकर बहिष्कार कर प्रदर्शन किया। इस संगठन की मुख्य मांग तदर्थ शिक्षकों का विनियमितीकरण करने की है। प्रदर्शन करने वालों में जिला मंत्री गौरव पांडेय, बाबूराम भारती, अनिल मालवीय, सर्वेश श्रीवास्तव, शेषमणि त्रिपाठी, कमलेश द्विवेदी, राम दयाल वर्मा आदि शामिल रहे।
शर्मा गुट ने भी नहीं किया मूल्यांकन
बोर्ड परीक्षा मूल्यांकन के पहले दिन शर्मा गुट के शिक्षकों ने जिलाध्यक्ष महिपाल सिंह चौहान और जिला मंत्री रमेश बाबू तिवारी के नेतृत्व में तीनों केंद्रों पर जाकर नारेबाजी की और मूल्यांकन का बहिष्कार किया। प्रदर्शन करने वालों में अश्वनी कुमार मिश्र, इंद्रपाल यादव, हृदयेश सक्सेना, बैजनाथ सिंह, ललित मोहन, चंद्रवीर सिंह, सूरज पाल, आरएन महंत, विनय मिश्र, डॉ. रामचंद्र मिश्र आदि शामिल रहे।
कड़ी कार्रवाई की जाएगी: डीआईओएस
मूल्यांकन बहिष्कार से छात्र-छात्राओं के भविष्य से खिलवाड़ किया जा रहा है। जो शिक्षक होगा, वह विद्यार्थियों के भविष्य से खिलवाड़ नहीं करेगा। जो भी मांगें हैं, उनको पूरा कराने के लिए और भी तरीके हो सकते हैं, लेकिन बच्चों ने क्या बिगाड़ा है। यदि शिक्षक मूल्यांकन को नहीं आते हैं तो उनके प्रबंधकों को कार्रवाई के लिए लिखा जाएगा। जरूरत पड़ी तो मान्यता खत्म करने की कार्रवाई भी अमल में लाई जाएगी।
- राकेश कुमार, डीआईओएस
लगभग छह लाख कापियों का होना है मूल्यांकन
जीआईसी में इंटर का मूल्यांकन केंद्र बनाया गया है। उप नियंत्रक ने बताया उनके यहां लगभग साढे़ तीन लाख कापियां आ चुकी हैं। मूल्यांकन के लिए 89 डिप्टी हेड बनाए गए हैं, जिनके निर्देशन में साढ़े आठ सौ परीक्षक काम करेंगे। हाई स्कूल के केंद्र इस्लामिया इंटर कॉलेज में 1.36 लाख उत्तरपुस्तिकाएं भेजी गई हैं। इनके लिए 38 टोलियां बनाई गई हैं, जिनमें करीब सवा तीन सौ परीक्षक मूल्यांकन करेंगे। इसी तरह हाई स्कूल के ही एक और केंद्र एबी रिच इंटर कॉलेज में अब तक 96581 कापियां भेजी जा चुकी हैं। उप नियंत्रक ने बताया कि लगभग 35 डिप्टी हेड और 330 परीक्षक मूल्यांकन करेंगे। पहले दिन बमुश्किल 42 परीक्षकों ने ही उपस्थिति दर्ज कराई है।
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गौरतलब है कि वित्तविहीन शिक्षक महासभा और वित्तविहीन प्रधानाचार्य परिषद मानदेय भुगतान की मांग को लेकर मूल्यांकन का बहिष्कार कर रही है, वहीं माध्यमिक शिक्षक संघ पांडेय गुट तदर्थ शिक्षकों के विनियमितीकरण, परीक्षा पारिश्रमिक के बकाया का भुगतान करने और उसमें बढ़ोत्तरी करने, सीटी ग्रेड को एलटी ग्रेड में परिवर्तित करने तथा शिक्षक संघ शर्मा गुट ने लंबित मांगों को पूरा करने की मांग को लेकर मूल्यांकन बहिष्कार करने की चेतावनी दी थी। बहिष्कार को सफल बनाने के लिए शिक्षक संघों ने बाकायदा स्कूल-कॉलेजों में साथियों से संपर्क भी किया था।
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वित्तविहीन शिक्षकों ने सुबह नौ बजे के लगभग ही टोलियों के रूप में तीनों मूल्यांकन केंद्रों की ओर रुख कर लिया था, केंद्राें पर पहुंचकर शिक्षकों ने गेट बंद कर दिया और जो शिक्षक मूल्यांकन करने आए उन्हेें अंदर नहीं जाने दिया गया। नारेबाजी करते हुए शिक्षकों ने गेट पर ताला डालने के बाद उन्होंने वहीं धरना शुरू कर दिया। केंद्र के अंदर उपनियंत्रक परीक्षकों की प्रतीक्षा करते रहे, लेकिन कहीं चार-छह तो कही इससे कुछ अधिक परीक्षक ही अंदर पहुंच सके, जिससे मूल्यांकन शुरू नहीं हो सका। वित्तविहीन शिक्षकों के आंदोलन में कार्यवाहक जिलाध्यक्ष नरेंद्र सिंह यादव, सुरेंद्र पाल सिंह, देवशरण मिश्र, धनपाल गुप्ता, अभिषेक पांडेय, सत्यपाल सिंह, केपी सिंह, रामकिशोर दुबे, राजेश आनंद, राम कुमार यादव, शिवओम पाठक, डॉ. राम प्रकाश पांडेय, वाजिद अली आदि शिक्षक शामिल रहे।
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पांडेय गुट ने भी किया बहिष्कार
मूल्यांकन कार्य के पहले दिन माशिसं पांडेय गुट के शिक्षकों ने प्रांतीय उपाध्यक्ष संतोष पांडेय एवं जिलाध्यक्ष राजेश शर्मा के नेतृत्व में तीनों केंद्रों पर पहुंचकर बहिष्कार कर प्रदर्शन किया। इस संगठन की मुख्य मांग तदर्थ शिक्षकों का विनियमितीकरण करने की है। प्रदर्शन करने वालों में जिला मंत्री गौरव पांडेय, बाबूराम भारती, अनिल मालवीय, सर्वेश श्रीवास्तव, शेषमणि त्रिपाठी, कमलेश द्विवेदी, राम दयाल वर्मा आदि शामिल रहे।
शर्मा गुट ने भी नहीं किया मूल्यांकन
बोर्ड परीक्षा मूल्यांकन के पहले दिन शर्मा गुट के शिक्षकों ने जिलाध्यक्ष महिपाल सिंह चौहान और जिला मंत्री रमेश बाबू तिवारी के नेतृत्व में तीनों केंद्रों पर जाकर नारेबाजी की और मूल्यांकन का बहिष्कार किया। प्रदर्शन करने वालों में अश्वनी कुमार मिश्र, इंद्रपाल यादव, हृदयेश सक्सेना, बैजनाथ सिंह, ललित मोहन, चंद्रवीर सिंह, सूरज पाल, आरएन महंत, विनय मिश्र, डॉ. रामचंद्र मिश्र आदि शामिल रहे।
कड़ी कार्रवाई की जाएगी: डीआईओएस
मूल्यांकन बहिष्कार से छात्र-छात्राओं के भविष्य से खिलवाड़ किया जा रहा है। जो शिक्षक होगा, वह विद्यार्थियों के भविष्य से खिलवाड़ नहीं करेगा। जो भी मांगें हैं, उनको पूरा कराने के लिए और भी तरीके हो सकते हैं, लेकिन बच्चों ने क्या बिगाड़ा है। यदि शिक्षक मूल्यांकन को नहीं आते हैं तो उनके प्रबंधकों को कार्रवाई के लिए लिखा जाएगा। जरूरत पड़ी तो मान्यता खत्म करने की कार्रवाई भी अमल में लाई जाएगी।
- राकेश कुमार, डीआईओएस
लगभग छह लाख कापियों का होना है मूल्यांकन
जीआईसी में इंटर का मूल्यांकन केंद्र बनाया गया है। उप नियंत्रक ने बताया उनके यहां लगभग साढे़ तीन लाख कापियां आ चुकी हैं। मूल्यांकन के लिए 89 डिप्टी हेड बनाए गए हैं, जिनके निर्देशन में साढ़े आठ सौ परीक्षक काम करेंगे। हाई स्कूल के केंद्र इस्लामिया इंटर कॉलेज में 1.36 लाख उत्तरपुस्तिकाएं भेजी गई हैं। इनके लिए 38 टोलियां बनाई गई हैं, जिनमें करीब सवा तीन सौ परीक्षक मूल्यांकन करेंगे। इसी तरह हाई स्कूल के ही एक और केंद्र एबी रिच इंटर कॉलेज में अब तक 96581 कापियां भेजी जा चुकी हैं। उप नियंत्रक ने बताया कि लगभग 35 डिप्टी हेड और 330 परीक्षक मूल्यांकन करेंगे। पहले दिन बमुश्किल 42 परीक्षकों ने ही उपस्थिति दर्ज कराई है।