UP News: कभी रहती थी पानी की किल्लत, शाहजहांपुर आज है देश में सबसे ज्यादा नल कनेक्शन वाला जिला
प्रशासन के प्रयासों और स्थानीय लोगों के सहयोग से जिले में जल जीवन मिशन के तहत पाइप के माध्यम से अक्तूबर तक 88,823 घरों में स्वच्छ पेजयल पहुंच रहा है। सिर्फ अक्तूबर में ही 28,653 नल कनेक्शन करते हुए जिल ने केंद्र सरकार की योजना के तहत पानी के पाइपलाइन कनेक्शन के मामले में देश में पहला स्थान हासिल किया।
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यूपी के शाहजहांपुर जिले में पहले जहां ग्रामीण इलाकों के निवासियों को पानी लाने के लिए प्रतिदिन मीलों का सफर करना पड़ता था वहीं आज यह जिला नल कनेक्शन के मामले में देश में सबसे आगे है। यहां तक आने के लिए जिले ने काफी लंबा सफर तय किया है।
प्रशासन के प्रयासों और स्थानीय लोगों के सहयोग से जिले में जल जीवन मिशन के तहत पाइप के माध्यम से अक्तूबर तक 88,823 घरों में स्वच्छ पेजयल पहुंच रहा है। सिर्फ अक्तूबर में ही 28,653 नल कनेक्शन करते हुए जिल ने केंद्र सरकार की योजना के तहत पानी के पाइपलाइन कनेक्शन के मामले में देश में पहला स्थान हासिल किया। इससे पहले ग्रामीण अक्सर शिकायत करते थे कि हैंडपंप उनके घर से दूर लगे हैं और ज्यादातर हैंडपंप काम नहीं करते हैं। लगभग 150 लोग एक पंप पर निर्भर हैं। जिले के पांच नदियों- गंगा, राम गंगा, बाहुबल, खन्नौट और गारा से घिरे होने के बावजूद जिलावासी पीने योग्य पानी से वंचित थे।
जिला अधिकारी उमेश प्रताप सिंह ने पीटीआई को बताया कि उन्होंने पाया कि ग्रामीण हैंडपंपों पर लंबी कतारें लगाकर खड़े रहते हैं, जिसके बाद उन्होंने जल जीव मिशन के अधिकारियों के साथ बैठक कर यह समस्या रखी। इस योजना का लाभ ले रहीं सुजातपुर गांव की नेहा शुक्ला ने बताया कि पहले घर के काम तभी शुरू हो पाते थे जब पिता जी काफी दूर से पानी लेकर आते थे। उन्होंने बताया कि अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की योजना के कारण हमारे घर पर ही नल कनेक्शन हो गया है और हमें शुद्ध पानी मिल रहा है।
उसी गांव के भोलू त्रिपाठी ने कहा कि उन्हें पहले गंदा पानी मिल रहा था। जल जीवन की जल सखी ने पानी की जांच की, जिसमें उसे प्रदूषित पाया। बाद में जब डीएम दौरे पर आए तो हमने इसकी शिकायत की और कुछ दिनों के बाद गांव के हर घर में नल का कनेक्शन हो गया। रुधौली गांव की सुनहरी देवी ने कहा कि उनकी चाची बीमार हैं और दूर से पानी नहीं ला सकतीं। लेकिन अब घर में एक नल लगा दिया गया है और अब वे अपने काम आसानी से कर सकती हैं। हथोड़ा गांव के विकास गुप्ता ने कहा कि पानी की टंकी लगाए जाने के कारण लोग अब स्वच्छ पानी पी रहे हैं। मेरे गांव में पानी की समस्या खत्म हो गई है।
जिला प्रशासन के अधिकारियों ने कहा कि 2019 में ग्रामीण क्षेत्रों में पानी की 25 टंकियों का निर्माण किया गया था और अब यह संख्या 103 पर पहुंच गई है, जिससे ग्रामीणों के घरों पर कनेक्शन हो सका।
जिला अधिकारी ने कहा, ''हमारा लक्ष्य जिले में 1,033 स्थानों पर पानी की टंकियां लगाने का है। 1,026 स्थानों पर जमीन उपलब्ध है। 650 स्थानों पर टंकियां बनाने का काम जल्द शुरू किया जाएगा जबकि 350 टंकियों का निर्माण कार्य पूरा होने वाला है। हम पानी में क्लोरीन मिलाकर लोगों को शुद्ध पानी दे रहे हैं। इससे वैक्टीरिया और वायरस खत्म हो जाते हैं। इसके अलावा, हर गांव में दो महिलाओं को प्रशिक्षण दिया जा रहा है और पानी की शुद्धता कायम रखने के लिए उन्हें नियमित रूप से पानी की जांच करने का काम दिया जा रहा है। वे जांच रिपोर्ट सरकार को भी भेजते हैं।''