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अधिकारी और नेता खामोश...अकेले ही गोमती की सफाई में जुटे आशुतोष
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गोमती नदी में सफाई करते आशुतोष
- फोटो : POWAYAN
पुवायां (शाहजहांपुर)। पुवायां के गांव जुझारपुर निवासी 36 वर्षीय आशुतोष मिश्रा अकेले ही गोमती की सफाई के काम में लगे हुए हैं। उनका कहना है कि आने वाले समय में पानी के लिए मारामारी होगी। सभी का कर्तव्य है कि अभी से जल संरक्षण के लिए काम करे। यह तभी होगा जब नदियां सदानीरा हो जाएंगी।
आशुतोष मिश्रा गांव महमूदपुर सैंजनियां में मेडिकल स्टोर चलाकर परिवार का भरण पोषण करते हैं। देश और प्रदेश की सरकारें और तमाम संगठन नदियों को साफ करने की बात करते हैं, लेकिन उनका सफाई अभियान सिर्फ फोटो खिंचवाने तक ही रहता है। पीलीभीत में गोमती के सद्दम स्थल फुलहर झील से शाहजहांपुर जिले की सीमा तक पीलीभीत के डीएम ने 47 दिन में गोमती नदी को 47 किमी तक साफ करवाकर जलधार बहा दी है, लेकिन शाहजहांपुर जिले में गोमती की सफाई और अविरल जलधार के लिए कोई काम नहीं किया जा रहा है। इस को देखकर आशुतोष ने अकेले ही यथासंभव गोमती नदी की सफाई करने का मन बनाया। उन्होंने प्रण लिया कि शाहजहांपुर जनपद में गोमती नदी की जो लंबाई है, वहां तक सफाई करेंगे।
दो वर्ष पहले शुरू हुआ आशुतोष का गोमती नदी का सफाई अभियान अभी चल रहा है। आशुतोष अब तक गोमती नदी के गदाई सांडा, गुटैया पुल, चकलुआ घाट, पन्नघाट आदि स्थानों पर सफाई कर चुके हैं। जब वह सफाई करते हैं तो कभी-कभी नदी के आसपास गांवों में रहने वाले कुछ लोग उनके साथ हाथ बांटते हैं। आशुतोष को उम्मीद है कि एक दिन अधिकारी, जनप्रतिनिधि और क्षेत्र के लोग गोमती की सुध जरूर लेंगे।
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अमावस पर गोमती तट पर कराते हैं पाठ
आशुतोष मिश्रा गोमती नदी के सफाई अभियान में तो जुटे ही है, वह लोगों को गोमती के प्रति जागरूक करने के लिए हर अमावस्या को पन्नघाट पर अखंड पाठ या सुंदर कांड का पाठ कराकर भंडारे का भी आयोजन करते हैं। इस दौरान वह लोगों को जल संरक्षण के लिए जागरूक करते हैं। उनका कहना है कि शाहजहांपुर जनपद में गोमती को गंदा नहीं रहने देंगे। सफाई करने से नदी के जल स्रोत खुलते हैं तो जल प्रवाह भी बढ़ेगा। इसके अलावा वह लोगों से अपील भी करते हैं कि नदियों में गंदगी न डालें।
दृढ़ संकल्प से ही होगा गोमती का कायाकल्प
आशुतोष बताते हैं कि पीलीभीत में डीएम पुलकित खरे ने गोमती को सदानीरा बनाने का दृढ़ संकल्प किया और वह सफल भी हुए। शाहजहांपुर जिले में भी अधिकारियों और नेताओं को इसके लिए आगे आना होगा। गोमती की जलधार बहे, इसके लिए पहले कुछ प्रयास हुए थे, लेकिन बाद में इस ओर ध्यान देना बंद कर दिया गया। ऐसे गोमती सदानीरा नहीं बन सकती है।
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आशुतोष मिश्रा गांव महमूदपुर सैंजनियां में मेडिकल स्टोर चलाकर परिवार का भरण पोषण करते हैं। देश और प्रदेश की सरकारें और तमाम संगठन नदियों को साफ करने की बात करते हैं, लेकिन उनका सफाई अभियान सिर्फ फोटो खिंचवाने तक ही रहता है। पीलीभीत में गोमती के सद्दम स्थल फुलहर झील से शाहजहांपुर जिले की सीमा तक पीलीभीत के डीएम ने 47 दिन में गोमती नदी को 47 किमी तक साफ करवाकर जलधार बहा दी है, लेकिन शाहजहांपुर जिले में गोमती की सफाई और अविरल जलधार के लिए कोई काम नहीं किया जा रहा है। इस को देखकर आशुतोष ने अकेले ही यथासंभव गोमती नदी की सफाई करने का मन बनाया। उन्होंने प्रण लिया कि शाहजहांपुर जनपद में गोमती नदी की जो लंबाई है, वहां तक सफाई करेंगे।
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दो वर्ष पहले शुरू हुआ आशुतोष का गोमती नदी का सफाई अभियान अभी चल रहा है। आशुतोष अब तक गोमती नदी के गदाई सांडा, गुटैया पुल, चकलुआ घाट, पन्नघाट आदि स्थानों पर सफाई कर चुके हैं। जब वह सफाई करते हैं तो कभी-कभी नदी के आसपास गांवों में रहने वाले कुछ लोग उनके साथ हाथ बांटते हैं। आशुतोष को उम्मीद है कि एक दिन अधिकारी, जनप्रतिनिधि और क्षेत्र के लोग गोमती की सुध जरूर लेंगे।
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अमावस पर गोमती तट पर कराते हैं पाठ
आशुतोष मिश्रा गोमती नदी के सफाई अभियान में तो जुटे ही है, वह लोगों को गोमती के प्रति जागरूक करने के लिए हर अमावस्या को पन्नघाट पर अखंड पाठ या सुंदर कांड का पाठ कराकर भंडारे का भी आयोजन करते हैं। इस दौरान वह लोगों को जल संरक्षण के लिए जागरूक करते हैं। उनका कहना है कि शाहजहांपुर जनपद में गोमती को गंदा नहीं रहने देंगे। सफाई करने से नदी के जल स्रोत खुलते हैं तो जल प्रवाह भी बढ़ेगा। इसके अलावा वह लोगों से अपील भी करते हैं कि नदियों में गंदगी न डालें।
दृढ़ संकल्प से ही होगा गोमती का कायाकल्प
आशुतोष बताते हैं कि पीलीभीत में डीएम पुलकित खरे ने गोमती को सदानीरा बनाने का दृढ़ संकल्प किया और वह सफल भी हुए। शाहजहांपुर जिले में भी अधिकारियों और नेताओं को इसके लिए आगे आना होगा। गोमती की जलधार बहे, इसके लिए पहले कुछ प्रयास हुए थे, लेकिन बाद में इस ओर ध्यान देना बंद कर दिया गया। ऐसे गोमती सदानीरा नहीं बन सकती है।