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Shahjahanpur News: अब सांप-बिच्छू और जहरीले कीड़ों से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में दहशत
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मनोज कुमार, लोधीपुर। संवाद
शाहजहांपुर। खन्नौत और गर्रा नदी का जलस्तर घटने से कुछ क्षेत्रों में राहत जरूर मिली है, लेकिन रामगंगा के उफान ने जलालाबाद और कलान तहसील क्षेत्र के लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। शहर में जलभराव वाले घरों में सांप, बिच्छू और अन्य जहरीले कीड़े घुसने से लोगों में दहशत है। लोग दिन-रात रखवाली कर रहे हैं।
सिंचाई विभाग की बृहस्पतिवार को जारी रिपोर्ट के अनुसार खन्नौत नदी खतरे के निशान से 15 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। गर्रा का जलस्तर खतरे के निशान से 90 सेंटीमीटर नीचे पहुंच गया है। वहीं रामगंगा डबरी घाट पर खतरे के निशान से 56 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। गंगा भी भैंसार-ढाई घाट बांध पर खतरे के निशान से 15 सेंटीमीटर ऊपर है। गंगा और रामगंगा का जलस्तर बढ़ने से तटवर्ती गांवों में पानी घुस रहा है। कई हाईवे और संपर्क मार्ग भी प्रभावित हैं।
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लोधीपुर व सुभाषनगर में दिक्कतें बरकरार
लोधीपुर में खन्नौत नदी का जलस्तर थोड़ा कम हुआ है, लेकिन अब भी खतरे के निशान से 15 सेंटीमीटर ऊपर है। तटवर्ती इलाकों के अधिकतर घरों पर ताले लगे हैं। लोग घर छोड़कर रिश्तेदारियों या आश्रय स्थलों में चले गए हैं। जो लोग जलभराव के बावजूद घरों में रह रहे हैं, उनके सामने सांप और जहरीले कीड़ों से बचाव की चुनौती है। वहीं, गर्रा नदी का जलस्तर घटने से सुभाषनगर कॉलोनी में जलभराव कम होने लगा है। बरुआ नाला के आसपास के मकानों और कॉलोनी की गलियों में पानी कम हुआ है, हालांकि खाली प्लॉट और तराई वाले हिस्सों में अभी जलभराव है। जहरीले कीड़े और मगरमच्छ दिखाई देने से लोगों में भय बना हुआ है।
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लालपुल के पास डेयरी है। पानी भर जाने के बाद मवेशियों को रेलवे लाइन पार सुरक्षित स्थान पर ले जाना पड़ा। अब बाढ़ के पानी के साथ सांप और जहरीले कीड़े आने का डर बना हुआ है। मवेशियों की सुरक्षा के लिए लगातार निगरानी करनी पड़ रही है।
-मनोज कुमार, लोधीपुर
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घर में पानी भर गया है। कच्ची सड़क होने के कारण बाहर निकलना मुश्किल है। जरूरत का सामान लेने के लिए पड़ोसी की छत से दूसरी गली में उतरना पड़ रहा है। गली का निर्माण हो जाए तो लोगों को काफी राहत मिलेगी।
-उमा मिश्रा, लोधीपुर
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तीन दिन तक पूरे मोहल्ले में पानी भरा रहा। ज्यादातर लोग घर छोड़कर चले गए हैं। बृहस्पतिवार को गर्रा नदी का जलस्तर घटने के बाद पानी कुछ कम हुआ है, लेकिन अभी पूरी तरह राहत नहीं मिली है।
-जीतू, सुभाषनगर
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बाढ़ का पानी घर के अंदर तक पहुंच गया था। पानी के साथ सांप और बिच्छू भी घर में घुसने लगे हैं। इनसे बचाव के लिए दरवाजे पर पहरा देना पड़ रहा है। रात में बच्चों को लेकर ज्यादा डर लगता है।
-आराधना मिश्रा, सुभाषनगर
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रामगंगा के उफान से गांवों में घुसा पानी
जलालाबाद। अल्हागंज के डबरी घाट पर रामगंगा का जलस्तर बृहस्पतिवार सुबह छह सेंटीमीटर बढ़कर खतरे के निशान से 56 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गया। करीब 15 दिन पहले आई बाढ़ के दौरान नदी का अधिकतम जलस्तर खतरे के निशान से 53 सेंटीमीटर ऊपर पहुंचा था। कसारी खुर्द, कसारी कलां, तिकोला क्षेत्र के थाथरमई, उइला, चितरऊ और पंखिया नगला आदि गांवों में बस्ती क्षेत्र में पानी पहुंचने लगा है। घरों और खेत-खलिहानों तक जाने वाले कच्चे-पक्के रास्ते भी पानी में डूब गए हैं। संवाद
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हाईवे पर एक फुट पानी, आवागमन प्रभावित
मिर्जापुर। चौरा गांव के पास जलालाबाद-शमसाबाद स्टेट हाईवे पर करीब 100 मीटर हिस्से में एक फुट तक गंगा का पानी बह रहा है। कई संपर्क मार्ग भी जलमग्न हैं। इससे आवागमन प्रभावित हो रहा है। कस्बे और ग्रामीण क्षेत्रों के कई घरों में पानी घुस गया है। किसानों की धान, बाजरा, तिल, उड़द, अरबी और तुलसी की फसलें जलमग्न हो गई हैं। कई गांवों का ब्लॉक मुख्यालय से संपर्क प्रभावित हुआ है। गंगा का पानी भी तटवर्ती क्षेत्रों में परेशानी बढ़ा रहा है। जनपद की सीमा पर चौरा गांव के पास विधूना-सौरिख स्टेट हाईवे पर पानी बहने से यातायात प्रभावित है। संवाद
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तटवर्ती क्षेत्रों के लोगों से सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील
एडीएम वित्त एवं राजस्व अरविंद कुमार ने बताया कि खन्नौत और गर्रा का जलस्तर घटने लगा है, जबकि रामगंगा का जलस्तर बढ़ रहा है। इसे देखते हुए तटवर्ती क्षेत्रों के लोगों से सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की जा रही है। राजस्व और पुलिस टीम के साथ नाविक लगातार निगरानी कर रहे हैं। जिला स्तर से लेकर तहसील स्तर तक अधिकारी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
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सिंचाई विभाग की बृहस्पतिवार को जारी रिपोर्ट के अनुसार खन्नौत नदी खतरे के निशान से 15 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। गर्रा का जलस्तर खतरे के निशान से 90 सेंटीमीटर नीचे पहुंच गया है। वहीं रामगंगा डबरी घाट पर खतरे के निशान से 56 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। गंगा भी भैंसार-ढाई घाट बांध पर खतरे के निशान से 15 सेंटीमीटर ऊपर है। गंगा और रामगंगा का जलस्तर बढ़ने से तटवर्ती गांवों में पानी घुस रहा है। कई हाईवे और संपर्क मार्ग भी प्रभावित हैं।
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लोधीपुर व सुभाषनगर में दिक्कतें बरकरार
लोधीपुर में खन्नौत नदी का जलस्तर थोड़ा कम हुआ है, लेकिन अब भी खतरे के निशान से 15 सेंटीमीटर ऊपर है। तटवर्ती इलाकों के अधिकतर घरों पर ताले लगे हैं। लोग घर छोड़कर रिश्तेदारियों या आश्रय स्थलों में चले गए हैं। जो लोग जलभराव के बावजूद घरों में रह रहे हैं, उनके सामने सांप और जहरीले कीड़ों से बचाव की चुनौती है। वहीं, गर्रा नदी का जलस्तर घटने से सुभाषनगर कॉलोनी में जलभराव कम होने लगा है। बरुआ नाला के आसपास के मकानों और कॉलोनी की गलियों में पानी कम हुआ है, हालांकि खाली प्लॉट और तराई वाले हिस्सों में अभी जलभराव है। जहरीले कीड़े और मगरमच्छ दिखाई देने से लोगों में भय बना हुआ है।
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लालपुल के पास डेयरी है। पानी भर जाने के बाद मवेशियों को रेलवे लाइन पार सुरक्षित स्थान पर ले जाना पड़ा। अब बाढ़ के पानी के साथ सांप और जहरीले कीड़े आने का डर बना हुआ है। मवेशियों की सुरक्षा के लिए लगातार निगरानी करनी पड़ रही है।
-मनोज कुमार, लोधीपुर
घर में पानी भर गया है। कच्ची सड़क होने के कारण बाहर निकलना मुश्किल है। जरूरत का सामान लेने के लिए पड़ोसी की छत से दूसरी गली में उतरना पड़ रहा है। गली का निर्माण हो जाए तो लोगों को काफी राहत मिलेगी।
-उमा मिश्रा, लोधीपुर
तीन दिन तक पूरे मोहल्ले में पानी भरा रहा। ज्यादातर लोग घर छोड़कर चले गए हैं। बृहस्पतिवार को गर्रा नदी का जलस्तर घटने के बाद पानी कुछ कम हुआ है, लेकिन अभी पूरी तरह राहत नहीं मिली है।
-जीतू, सुभाषनगर
बाढ़ का पानी घर के अंदर तक पहुंच गया था। पानी के साथ सांप और बिच्छू भी घर में घुसने लगे हैं। इनसे बचाव के लिए दरवाजे पर पहरा देना पड़ रहा है। रात में बच्चों को लेकर ज्यादा डर लगता है।
-आराधना मिश्रा, सुभाषनगर
रामगंगा के उफान से गांवों में घुसा पानी
जलालाबाद। अल्हागंज के डबरी घाट पर रामगंगा का जलस्तर बृहस्पतिवार सुबह छह सेंटीमीटर बढ़कर खतरे के निशान से 56 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गया। करीब 15 दिन पहले आई बाढ़ के दौरान नदी का अधिकतम जलस्तर खतरे के निशान से 53 सेंटीमीटर ऊपर पहुंचा था। कसारी खुर्द, कसारी कलां, तिकोला क्षेत्र के थाथरमई, उइला, चितरऊ और पंखिया नगला आदि गांवों में बस्ती क्षेत्र में पानी पहुंचने लगा है। घरों और खेत-खलिहानों तक जाने वाले कच्चे-पक्के रास्ते भी पानी में डूब गए हैं। संवाद
हाईवे पर एक फुट पानी, आवागमन प्रभावित
मिर्जापुर। चौरा गांव के पास जलालाबाद-शमसाबाद स्टेट हाईवे पर करीब 100 मीटर हिस्से में एक फुट तक गंगा का पानी बह रहा है। कई संपर्क मार्ग भी जलमग्न हैं। इससे आवागमन प्रभावित हो रहा है। कस्बे और ग्रामीण क्षेत्रों के कई घरों में पानी घुस गया है। किसानों की धान, बाजरा, तिल, उड़द, अरबी और तुलसी की फसलें जलमग्न हो गई हैं। कई गांवों का ब्लॉक मुख्यालय से संपर्क प्रभावित हुआ है। गंगा का पानी भी तटवर्ती क्षेत्रों में परेशानी बढ़ा रहा है। जनपद की सीमा पर चौरा गांव के पास विधूना-सौरिख स्टेट हाईवे पर पानी बहने से यातायात प्रभावित है। संवाद
तटवर्ती क्षेत्रों के लोगों से सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील
एडीएम वित्त एवं राजस्व अरविंद कुमार ने बताया कि खन्नौत और गर्रा का जलस्तर घटने लगा है, जबकि रामगंगा का जलस्तर बढ़ रहा है। इसे देखते हुए तटवर्ती क्षेत्रों के लोगों से सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की जा रही है। राजस्व और पुलिस टीम के साथ नाविक लगातार निगरानी कर रहे हैं। जिला स्तर से लेकर तहसील स्तर तक अधिकारी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।

मनोज कुमार, लोधीपुर। संवाद

मनोज कुमार, लोधीपुर। संवाद

मनोज कुमार, लोधीपुर। संवाद

मनोज कुमार, लोधीपुर। संवाद

मनोज कुमार, लोधीपुर। संवाद

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