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सहालग खत्म, अब अबूझ मुहूर्त में बजेगा बैंड बाजा
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शाहजहांपुर। शादी-ब्याह के लिए शुभ मुहूर्त निकालने की परंपरा है। कुछ अबूझ मुहूर्त ऐसे भी होते हैं जिनमें शादी-ब्याह जैसे शुभ कार्य किए जा सकते हैं। इसीलिए रविवार को सहालग खत्म होने के बावजूद आने वाले दिनों में अबूझ मुहूर्त में बैंड बाजे बजते रहेंगे।
चौक मंडी स्थित दुर्गा माता मंदिर के पुजारी पं. अरुण कुमार शुक्ला ने बताया कि शादी-ब्याह के लिए 20 जनवरी से सहालग चल रहे थे, जिनका रविवार को समापन हो गया है। मगर 24 फरवरी तक जिले में शादी समारोह का आयोजन होता रहेगा। बताया कि लोग लड़की के गुरू और लड़के के सूर्य -चंद्रमा के ज्योतिषीय गणना के आधार पर निकले समय में शादी का आयोजन कर रहे हैं। इसमें खास ध्यान यह रखना पड़ता है कि विवाह वाले दिन चंद्रमा शुभ होना चाहिए। चंद्रमा नेष्ट ( खराब ) होने वाले दिन विवाह नहीं निकालते हैं।
फुलैरा दौज पर रहेगा अबूझ मुहूर्त
- पं. अरुण ने बताया कि चार मार्च को फुलैरा दौज पर अबूझ मुहूर्त रहेगा। जिसमें शादी-विवाह जैसे कार्य संपन्न हो सकते हैं। इसके बाद 17 अप्रैल से सहालग शुरू हो जाएगी जो कि नौ जुलाई तक चलेगी। 10 जुलाई को देवशयनी एकादशी के साथ चतुर्मास शुरू हो जाएगा और नवंबर तक शादियों के मुहूर्त नहीं होंगे। 21 नवंबर से 14 दिसंबर तक फिर शुभकार्य हो सकेंगे।
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14 मार्च से 14 अप्रैल तक खरमास
- सूर्य 14 मार्च को मीन राशि में गोचर कर रहे हैं। साथ की खरमास की शुरुआत हो जाएगी। सूर्य एक माह तक इसी राशि में रहेंगे। 14 अप्रैल को सूर्य मेष राशि में प्रवेश करने के साथ खरमास का समापन होगा।
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चौक मंडी स्थित दुर्गा माता मंदिर के पुजारी पं. अरुण कुमार शुक्ला ने बताया कि शादी-ब्याह के लिए 20 जनवरी से सहालग चल रहे थे, जिनका रविवार को समापन हो गया है। मगर 24 फरवरी तक जिले में शादी समारोह का आयोजन होता रहेगा। बताया कि लोग लड़की के गुरू और लड़के के सूर्य -चंद्रमा के ज्योतिषीय गणना के आधार पर निकले समय में शादी का आयोजन कर रहे हैं। इसमें खास ध्यान यह रखना पड़ता है कि विवाह वाले दिन चंद्रमा शुभ होना चाहिए। चंद्रमा नेष्ट ( खराब ) होने वाले दिन विवाह नहीं निकालते हैं।
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फुलैरा दौज पर रहेगा अबूझ मुहूर्त
- पं. अरुण ने बताया कि चार मार्च को फुलैरा दौज पर अबूझ मुहूर्त रहेगा। जिसमें शादी-विवाह जैसे कार्य संपन्न हो सकते हैं। इसके बाद 17 अप्रैल से सहालग शुरू हो जाएगी जो कि नौ जुलाई तक चलेगी। 10 जुलाई को देवशयनी एकादशी के साथ चतुर्मास शुरू हो जाएगा और नवंबर तक शादियों के मुहूर्त नहीं होंगे। 21 नवंबर से 14 दिसंबर तक फिर शुभकार्य हो सकेंगे।
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14 मार्च से 14 अप्रैल तक खरमास
- सूर्य 14 मार्च को मीन राशि में गोचर कर रहे हैं। साथ की खरमास की शुरुआत हो जाएगी। सूर्य एक माह तक इसी राशि में रहेंगे। 14 अप्रैल को सूर्य मेष राशि में प्रवेश करने के साथ खरमास का समापन होगा।