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पुवायां में नौ आशा बहुओं की सेवा समाप्त
ब्यूरो/शाहजहांपुर
Updated Sat, 30 Apr 2016 12:07 AM IST
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स्वास्थ्य सेवा
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महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी कार्यों में रूचि नहीं लेने, जननी सुरक्षा योजना में लापरवाही बरतने पर पुवायां में नौ आशा बहुओं की सेवा समाप्त कर दी गई है। दो महिला बीएचडब्लू का वेतन रोक दिया गया है और दो से स्पष्टीकरण मांगा गया है।
पुवायां के सरकारी अस्पताल के प्रभारी डॉ. रामकुमार वर्मा ने बताया कि सरकार ने देहात क्षेत्र की महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के निस्तारण के लिए, संस्थागत प्रसव, गर्भवती महिलाओं और बच्चों के टीकाकरण आदि के लिए गांवों में आशा बहुओं की तैनाती की थी। इसके लिए आशा बहुओं को कार्य के हिसाब से मानदेय दिए जाने की व्यवस्था है।
डीएम विजय किरन आनंद ने जिले की कमान संभालने के बाद से ही स्वास्थ्य संबंधी मामलों पर विशेष ध्यान देते हुए लापरवाह कर्मचारियों पर कार्रवाई के निर्देश दिए थे। इसी क्रम में पुवायां के गांव औरंगाबाद की आशा बहू शहनाज और फहीमन, बितौनी की सबाना और वीरा देवी, गंगसरा की कल्पना, इटौली की सुशीला देवी, जुझारपुर की पुष्पा शुक्ला, कनपारा की अनीता देवी, नाहिल की पदमा देवी की सेवा समाप्त कर दी गई है। इन क्षेत्रों में पिछले वित्तीय वर्ष में जननी सुरक्षा योजना के लाभार्थियों की संख्या शून्य रही। संबंधित गांवों के प्रधानों से भी जवाब मांगा गया है।
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इसके अलावा गांव जुझारपुर में तैनात एएनएम शशि पांडे, सुनारा बुजुर्ग की गीता दिनकर और हरदुआ की रीता मिश्रा को नोटिस देकर कार्य में लापरवाही बरतने के आरोप में स्पष्टीकरण तलब किया गया है। शशि पांडे, और गांव अगौना बुजुर्ग की बीएचडब्लू सरोज गुप्ता का एक माह का वेतन रोक दिया गया है। इन एएनएम का कार्य सही नहीं पाया गया। डॉ. रामकुमार वर्मा ने आशा बहुओं की सेवा समाप्त किए जाने और एएनएम का वेतन रोके जाने की पुष्टि की है।
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पुवायां के सरकारी अस्पताल के प्रभारी डॉ. रामकुमार वर्मा ने बताया कि सरकार ने देहात क्षेत्र की महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के निस्तारण के लिए, संस्थागत प्रसव, गर्भवती महिलाओं और बच्चों के टीकाकरण आदि के लिए गांवों में आशा बहुओं की तैनाती की थी। इसके लिए आशा बहुओं को कार्य के हिसाब से मानदेय दिए जाने की व्यवस्था है।
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डीएम विजय किरन आनंद ने जिले की कमान संभालने के बाद से ही स्वास्थ्य संबंधी मामलों पर विशेष ध्यान देते हुए लापरवाह कर्मचारियों पर कार्रवाई के निर्देश दिए थे। इसी क्रम में पुवायां के गांव औरंगाबाद की आशा बहू शहनाज और फहीमन, बितौनी की सबाना और वीरा देवी, गंगसरा की कल्पना, इटौली की सुशीला देवी, जुझारपुर की पुष्पा शुक्ला, कनपारा की अनीता देवी, नाहिल की पदमा देवी की सेवा समाप्त कर दी गई है। इन क्षेत्रों में पिछले वित्तीय वर्ष में जननी सुरक्षा योजना के लाभार्थियों की संख्या शून्य रही। संबंधित गांवों के प्रधानों से भी जवाब मांगा गया है।
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इसके अलावा गांव जुझारपुर में तैनात एएनएम शशि पांडे, सुनारा बुजुर्ग की गीता दिनकर और हरदुआ की रीता मिश्रा को नोटिस देकर कार्य में लापरवाही बरतने के आरोप में स्पष्टीकरण तलब किया गया है। शशि पांडे, और गांव अगौना बुजुर्ग की बीएचडब्लू सरोज गुप्ता का एक माह का वेतन रोक दिया गया है। इन एएनएम का कार्य सही नहीं पाया गया। डॉ. रामकुमार वर्मा ने आशा बहुओं की सेवा समाप्त किए जाने और एएनएम का वेतन रोके जाने की पुष्टि की है।