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नाइट कर्फ्यू का नहीं दिखा असर, बगैर मास्क के ड्यूटी करते मिले पुलिसकर्मी
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शाहजहांपुर में शनिवार को रात 11 बजे से लगा कोरोना कफ्र्यू के दौरान बहादुरगंज में पसरा सन्नाटा । सं?
- फोटो : SHAHJAHANPUR
शाहजहांपुर। अब कोरोना संक्रमण के नए स्वरूप ओमिक्रॉन का खतरा मंडरा रहा है। प्रदेश सरकार ने सभी जिलों में 25 दिसंबर की रात 11 बजे से सुबह पांच बजे तक रात्रिकालीन कर्फ्यू लगाने का निर्देश दिया है। साथ ही पुलिस प्रशासन को दिशा निर्देशों का सख्ती से पालन कराने के आदेश दिए हैं। लेकिन इसका कहीं को कोई असर दिखाई नहीं दे रहा है। यहां तक कि पुलिसकर्मी भी बिना मास्क के ड्यूटी कर रहे हैं।
रात्रिकालीन कर्फ्यू की पहली रात 11 बजे के बाद शहर के एक छोर से दूसरे छोर तक रोड पर पुलिस की गश्त नहीं दिखी। यहां तक राजघाट चौकी के अंदर और न बाहर पुलिसकर्मी तैनात थे। रोड पर लोग निकल रहे थे, लेकिन उनसे नाइट कर्फ्यू में निकलने का कारण पूछने वाला कोई नहीं था। चौक कोतवाली के पास भी दो पुलिसकर्मी ठंड से बचने के लिए आग के पास हाथ सेंक रहे थे। यहां भी रोड पर घूमने वालों वालों से किसी तरह की पूछताछ नहीं की जा रही थी। कुछ दूर पर कच्चा कटरा और मालखाना मोड़ पर भी पुलिस नदारद थी।
थाना सदर बाजार क्षेत्र के घंटाघर के पास लोग नाइट कर्फ्यू में छोटे-बड़े वाहनों से निकल रहे थे। चार-पांच पुलिसकर्मी साइड में बैठे हुए हाथ सेंक रहे थे। उनके ठीक सामने साढ़े 11 बजे दो ठेले लगे थे और उसके पास लोग खड़े थे। पूछने पर पुलिसकर्मियों ने बताया कि सुना है कि नाइट कर्फ्यू लगा है, लेकिन लोगों की चेकिंग और घरों से बाहर घूम रहे लोगों से पूछताछ करने के उनके पास कोई आदेश नहीं है। खास बात ये है कि जितने पुलिसकर्मी बैठे थे, उनके चेहरों पर भी मास्क नहीं लगे थे।
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इसी तरह इसी तरह बहादुरगंज पुलिस चौकी पर तीन पुलिसकर्मी तैनात थे, लेकिन वे भी बगैर मास्क के ड्यूटी कर रहे थे। थाना सदर बाजार के ठीक सामने पुलिसकर्मी वहां से गुजरने वाले लोगों को रोककर उनसे नाइट कर्फ्यू के बारे में बताकर उनको घर रहने की नसीहत दे रहे था। एक खोखे पर आए कुछ युवकों को भी फटकार लगाते हुए घर भेजा और चाय की दुकान बंद कराई।
नाइट कर्फ्यू के बाद साढ़े 11 बजे घंटाघर के पास चार-पांच पुलिसकर्मी ठंड से बचने के लिए हाथ ताप रहे थे। उनके ठीक सामने कुछ ठेले वाले नाइट कर्फ्यू शुरू होने के बाद खड़े थे। नाइट कर्फ्यू में बेवजह घरों के बाहर पर निकलने वालों से पूछताछ करने के बजाए पुलिसकर्मी बगैर मास्क लगाए ड्यूटी कर रहे हैं। जब पुलिसकर्मियों से वहां से निकलने वाले लोगों से पूछताछ करने के बारे में पूछा, इस पर पुलिसकर्मियों का कहना था कि उनके पास इस तरह का कोई आदेश नहीं हैं।
इसी थाना क्षेत्र की बहादुरगंज पुलिस चौकी पर भी कुछ पुलिसकर्मी तैनात थे। जिनके चेहरों पर मास्क नहीं लगे थे। यहां भी पूछने पर पुलिसकर्मियों ने बताया कि उनके पास भी उच्चधिकारियों का कोई आदेश नहीं है। वहां से भी लोग चारों ओर बाइक और कारों से निकल रहे थे। वहां पर तैनात पुलिसकर्मी उनसे नाइट कर्फ्यू में बाहर घूमने का कारण महज इसलिए नहीं पूछ रहे थे। क्योंकि उनके पास आदेश नहीं था।
चौक कोतवाली कोतवाली के ठीक सामने लोग की आवाजाही हो रही थी, लेकिन कोतवाली होने के बावजूद वहां पर कोई भी पुलिसकर्मी तैनात नहीं था। इसी क्षेत्र की राजघाट चौकी के अंदर से लेकर बाहर तक पुलिसकर्मी नदारद दिखी। यहां लोग रोड आ जा रहे थे। इसी तरह कच्चा कटरा और मालखाना मोड़ के पास भी पुलिस तैनात नहीं थी। इसकी वजह से लोग नाईट कर्फ्यू में भी रोज की तरह आवाजाही करते रहे।
थाना सदर बाजार के पास एक चाय का होटल खुला था। वहां पर कुछ युवक खड़े थे। यहां पर एक पुलिसकर्मी उनको घर जाने की नसीहत दे रहा था। इसी जगह पर रात में एक युवक खाना खाने के बाद टहलते दिखा। पुलिसकर्मी ने उसको रोककर नाईट कर्फ्यू के बारे में समझाते हुए घर जाने के लिए कहा। खास बात ये है कि युवक को नाइट कर्फ्यू के बारे में पता ही नहीं था। माफी मांगने के बाद युवक घर चला गया।
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रात्रिकालीन कर्फ्यू की पहली रात 11 बजे के बाद शहर के एक छोर से दूसरे छोर तक रोड पर पुलिस की गश्त नहीं दिखी। यहां तक राजघाट चौकी के अंदर और न बाहर पुलिसकर्मी तैनात थे। रोड पर लोग निकल रहे थे, लेकिन उनसे नाइट कर्फ्यू में निकलने का कारण पूछने वाला कोई नहीं था। चौक कोतवाली के पास भी दो पुलिसकर्मी ठंड से बचने के लिए आग के पास हाथ सेंक रहे थे। यहां भी रोड पर घूमने वालों वालों से किसी तरह की पूछताछ नहीं की जा रही थी। कुछ दूर पर कच्चा कटरा और मालखाना मोड़ पर भी पुलिस नदारद थी।
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थाना सदर बाजार क्षेत्र के घंटाघर के पास लोग नाइट कर्फ्यू में छोटे-बड़े वाहनों से निकल रहे थे। चार-पांच पुलिसकर्मी साइड में बैठे हुए हाथ सेंक रहे थे। उनके ठीक सामने साढ़े 11 बजे दो ठेले लगे थे और उसके पास लोग खड़े थे। पूछने पर पुलिसकर्मियों ने बताया कि सुना है कि नाइट कर्फ्यू लगा है, लेकिन लोगों की चेकिंग और घरों से बाहर घूम रहे लोगों से पूछताछ करने के उनके पास कोई आदेश नहीं है। खास बात ये है कि जितने पुलिसकर्मी बैठे थे, उनके चेहरों पर भी मास्क नहीं लगे थे।
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इसी तरह इसी तरह बहादुरगंज पुलिस चौकी पर तीन पुलिसकर्मी तैनात थे, लेकिन वे भी बगैर मास्क के ड्यूटी कर रहे थे। थाना सदर बाजार के ठीक सामने पुलिसकर्मी वहां से गुजरने वाले लोगों को रोककर उनसे नाइट कर्फ्यू के बारे में बताकर उनको घर रहने की नसीहत दे रहे था। एक खोखे पर आए कुछ युवकों को भी फटकार लगाते हुए घर भेजा और चाय की दुकान बंद कराई।
नाइट कर्फ्यू के बाद साढ़े 11 बजे घंटाघर के पास चार-पांच पुलिसकर्मी ठंड से बचने के लिए हाथ ताप रहे थे। उनके ठीक सामने कुछ ठेले वाले नाइट कर्फ्यू शुरू होने के बाद खड़े थे। नाइट कर्फ्यू में बेवजह घरों के बाहर पर निकलने वालों से पूछताछ करने के बजाए पुलिसकर्मी बगैर मास्क लगाए ड्यूटी कर रहे हैं। जब पुलिसकर्मियों से वहां से निकलने वाले लोगों से पूछताछ करने के बारे में पूछा, इस पर पुलिसकर्मियों का कहना था कि उनके पास इस तरह का कोई आदेश नहीं हैं।
इसी थाना क्षेत्र की बहादुरगंज पुलिस चौकी पर भी कुछ पुलिसकर्मी तैनात थे। जिनके चेहरों पर मास्क नहीं लगे थे। यहां भी पूछने पर पुलिसकर्मियों ने बताया कि उनके पास भी उच्चधिकारियों का कोई आदेश नहीं है। वहां से भी लोग चारों ओर बाइक और कारों से निकल रहे थे। वहां पर तैनात पुलिसकर्मी उनसे नाइट कर्फ्यू में बाहर घूमने का कारण महज इसलिए नहीं पूछ रहे थे। क्योंकि उनके पास आदेश नहीं था।
चौक कोतवाली कोतवाली के ठीक सामने लोग की आवाजाही हो रही थी, लेकिन कोतवाली होने के बावजूद वहां पर कोई भी पुलिसकर्मी तैनात नहीं था। इसी क्षेत्र की राजघाट चौकी के अंदर से लेकर बाहर तक पुलिसकर्मी नदारद दिखी। यहां लोग रोड आ जा रहे थे। इसी तरह कच्चा कटरा और मालखाना मोड़ के पास भी पुलिस तैनात नहीं थी। इसकी वजह से लोग नाईट कर्फ्यू में भी रोज की तरह आवाजाही करते रहे।
थाना सदर बाजार के पास एक चाय का होटल खुला था। वहां पर कुछ युवक खड़े थे। यहां पर एक पुलिसकर्मी उनको घर जाने की नसीहत दे रहा था। इसी जगह पर रात में एक युवक खाना खाने के बाद टहलते दिखा। पुलिसकर्मी ने उसको रोककर नाईट कर्फ्यू के बारे में समझाते हुए घर जाने के लिए कहा। खास बात ये है कि युवक को नाइट कर्फ्यू के बारे में पता ही नहीं था। माफी मांगने के बाद युवक घर चला गया।