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नवरात्र: अष्टमी पर मां महागौरी की हुई स्तुति
शाहजहांपुर
Updated Fri, 27 Mar 2015 11:31 PM IST
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चैत्र नवरात्र की अष्टमी पर मां दुर्गा के भक्तों ने उपवास रखकर मइया के आठवें स्वरूप महागौरी का आवाहन कर उनकी विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। इस बीच घरों में हवन भी हुए और कन्याओं को भोज कराया गया।
नवरात्र पर मंदिरों में महिलाओं ने छंदोें और गीतों के माध्यम से देवी मइया का गुणणन किया। सुबह घरों से सजे मंडपों में भक्तों ने माता महागौरी का आवाहन कर उनकी स्तुति की और प्रसाद अर्पित कर आरती की। मंदिरों में अष्टमी पर खासी भीड़ रही। खासतौर पर मां दुर्गा के मंदिरों में श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। मंदिर के आसपास दुकानें लगने से मेला जैसा माहौल पूरे दिन रहा। घरों में भक्तों ने हवन कर मां भगवती से मनौती मांगी।
इधर, चौक मंडी स्थित श्री दुर्गा मंदिर में चल रही श्रीराम कथा का समापन हो गया। कथा व्यास प्रणव महाराज ने अंतिम दिन रामभक्त हनुमान जी के चरित्र का वर्णन सुनाकर श्रोताओं को धन्य किया। आयोजन में पुजारी अरुण शुक्ल शास्त्री, समिति के सुरेंद्र सिंह सेठ, अभय पांडेय, देवकी नंदन मिश्र, दृगपाल शर्मा, नीरज शर्मा आदि का योगदान रहा।
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नवरात्र पर मंदिरों में महिलाओं ने छंदोें और गीतों के माध्यम से देवी मइया का गुणणन किया। सुबह घरों से सजे मंडपों में भक्तों ने माता महागौरी का आवाहन कर उनकी स्तुति की और प्रसाद अर्पित कर आरती की। मंदिरों में अष्टमी पर खासी भीड़ रही। खासतौर पर मां दुर्गा के मंदिरों में श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। मंदिर के आसपास दुकानें लगने से मेला जैसा माहौल पूरे दिन रहा। घरों में भक्तों ने हवन कर मां भगवती से मनौती मांगी।
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इधर, चौक मंडी स्थित श्री दुर्गा मंदिर में चल रही श्रीराम कथा का समापन हो गया। कथा व्यास प्रणव महाराज ने अंतिम दिन रामभक्त हनुमान जी के चरित्र का वर्णन सुनाकर श्रोताओं को धन्य किया। आयोजन में पुजारी अरुण शुक्ल शास्त्री, समिति के सुरेंद्र सिंह सेठ, अभय पांडेय, देवकी नंदन मिश्र, दृगपाल शर्मा, नीरज शर्मा आदि का योगदान रहा।
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