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सूचना नहीं देने पर अधिकारियों ने जताई नाराजगी
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शाहजहांपुर। लोक निर्माण विभाग के कार्यालय में सोमवार को दिनदहाड़े हुई ठेकेदार की हत्या से वहां मौजूद ठेकेदार और कर्मचारी सन्न रह गए। कर्मचारी भयभीत रहे कि उन्होंने किसी भी अधिकारी को घटना की सूचना देना की भी जरूरी नहीं समझी।
कार्यालय परिसर में अंदर पीडब्ल्यूडी नियमित वर्कचार्ज कर्मचारी संघ के कार्यालय के सामने बड़ी संख्या में कर्मचारी नेता अपने साथियों के साथ जमावड़ा लगाए बातचीत करते रहे। वहीं, मुख्य भवन के सामने निर्माण खंड परिसर में कर्मचारी कामधाम छोड़कर वहां मौजूद डीएम, एसपी, सिटी मजिस्ट्रेट की गतिविधियों को टकटकी लगाए देख रहे थे। कोई भी कुछ भी बोलने को तैयार नहीं था। बड़ी संख्या में कार्यालय में मौजूद कर्मचारी और ठेकेदार मुंह पर अंगुली लगाए सिर्फ तमाशबीन बने रहे।
दिनदहाड़े हुई दुस्साहसिक घटना की सूचना मिलते ही सबसे पहले एसपी डॉ. एस चन्नप्पा, सीओ सदर परमानंद पांडेय, पीआरओ नीरज सिंह समेत बड़ी संख्या में पुलिसबल के साथ मौके पर पहुंच गए। थोड़ी देर बाद सिटी मजिस्ट्रेट विनीता सिंह भी मौके पर पहुंच गईं। इसके बाद निजी अस्पताल में घायल गनर का हालचाल लेकर डीएम इंद्र विक्रम सिंह भी पीडब्ल्यूडी कार्यालय जा पहुंचे। इस बीच एसपी और सिटी मजिस्ट्रेट ने कार्यालय के असिस्टेंट इंजीनियर केपी मिश्रा और जूनियर इंजीनियर विवेक कुमार मौर्य समेत स्टाफ के अन्य सदस्यों से घटना के बारे में जानकारी लेनी शुरू की, लेकिन सभी ने एक ही जवाब दिया कि उन्हें किसी बात की जानकारी नहीं है, वह तो अंदर अपना काम निपटा रहे थे।
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असिस्टेंट इंजीनियर मिश्रा और जूनियर इंजीनियर मौर्य ने अधिकारियों को बताया कि अचानक गोलियों की आवाज सुनकर पहले तो कुछ उनकी समझ में ही नहीं आया, लेकिन जब बाहर निकलकर देखा तो राकेश यादव और उनका गनर लहूलुहान हालत में पड़े थे। राकेश का ड्राइवर ही अपनी गाड़ी से दोनों को वहां से लेकर अस्पताल निकला। इससे अधिक उन्हें कोई जानकारी नहीं है। इंजीनियर्स का कहना है कि इससे पहले कभी कार्यालय में झगड़ा तक नहीं हुआ।
सिटी मजिस्ट्रेट ने इंजीनियर मिश्रा और मौर्य पर इस बात पर खासी नाराजगी जाहिर की कि उन्होंने घटना की जानकारी अधिकारियों तक को देना जरूरी नहीं समझा। बाद में डीएम ने भी असिस्टेंट इंजीनियर मिश्रा से काफी देर पूछताछ की, लेकिन कोई हल नहीं निकल सका। इधर, एसपी ने कोतवाली सदर बाजार के इंस्पेक्टर किरन पाल सिंह से लंबी बातचीत कर दिशा निर्देश दिए।
गोलियों की तड़तड़ाहट से फैली दहशत
शाहजहांपुर। पीडब्ल्यूडी कार्यालय यूं तो जीएफ कॉलेज के समीप स्थित है, लेकिन मुख्य मार्ग के किनारे होने से वहां अच्छी खासी भीड़भाड़ रहती है। सोमवार को दोपहर करीब डेढ़ बजे अचानक गोलियों की तड़तड़हाट से पूरा इलाका दहल गया और चारों ओर सन्नाटा पसर गया। कार्यालय के अंदर बड़ी संख्या में पुलिस बल और आला अधिकारियों की मौजूदगी होने के बावजूद वहां भी अजीब सा सन्नाटा पसरा रहा। आसपास चाय की दुकानों पर हरेक एक ही बात जानना चाहता था, कि क्या हो गया, कौन मारा गया। संवाद
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कार्यालय परिसर में अंदर पीडब्ल्यूडी नियमित वर्कचार्ज कर्मचारी संघ के कार्यालय के सामने बड़ी संख्या में कर्मचारी नेता अपने साथियों के साथ जमावड़ा लगाए बातचीत करते रहे। वहीं, मुख्य भवन के सामने निर्माण खंड परिसर में कर्मचारी कामधाम छोड़कर वहां मौजूद डीएम, एसपी, सिटी मजिस्ट्रेट की गतिविधियों को टकटकी लगाए देख रहे थे। कोई भी कुछ भी बोलने को तैयार नहीं था। बड़ी संख्या में कार्यालय में मौजूद कर्मचारी और ठेकेदार मुंह पर अंगुली लगाए सिर्फ तमाशबीन बने रहे।
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दिनदहाड़े हुई दुस्साहसिक घटना की सूचना मिलते ही सबसे पहले एसपी डॉ. एस चन्नप्पा, सीओ सदर परमानंद पांडेय, पीआरओ नीरज सिंह समेत बड़ी संख्या में पुलिसबल के साथ मौके पर पहुंच गए। थोड़ी देर बाद सिटी मजिस्ट्रेट विनीता सिंह भी मौके पर पहुंच गईं। इसके बाद निजी अस्पताल में घायल गनर का हालचाल लेकर डीएम इंद्र विक्रम सिंह भी पीडब्ल्यूडी कार्यालय जा पहुंचे। इस बीच एसपी और सिटी मजिस्ट्रेट ने कार्यालय के असिस्टेंट इंजीनियर केपी मिश्रा और जूनियर इंजीनियर विवेक कुमार मौर्य समेत स्टाफ के अन्य सदस्यों से घटना के बारे में जानकारी लेनी शुरू की, लेकिन सभी ने एक ही जवाब दिया कि उन्हें किसी बात की जानकारी नहीं है, वह तो अंदर अपना काम निपटा रहे थे।
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असिस्टेंट इंजीनियर मिश्रा और जूनियर इंजीनियर मौर्य ने अधिकारियों को बताया कि अचानक गोलियों की आवाज सुनकर पहले तो कुछ उनकी समझ में ही नहीं आया, लेकिन जब बाहर निकलकर देखा तो राकेश यादव और उनका गनर लहूलुहान हालत में पड़े थे। राकेश का ड्राइवर ही अपनी गाड़ी से दोनों को वहां से लेकर अस्पताल निकला। इससे अधिक उन्हें कोई जानकारी नहीं है। इंजीनियर्स का कहना है कि इससे पहले कभी कार्यालय में झगड़ा तक नहीं हुआ।
सिटी मजिस्ट्रेट ने इंजीनियर मिश्रा और मौर्य पर इस बात पर खासी नाराजगी जाहिर की कि उन्होंने घटना की जानकारी अधिकारियों तक को देना जरूरी नहीं समझा। बाद में डीएम ने भी असिस्टेंट इंजीनियर मिश्रा से काफी देर पूछताछ की, लेकिन कोई हल नहीं निकल सका। इधर, एसपी ने कोतवाली सदर बाजार के इंस्पेक्टर किरन पाल सिंह से लंबी बातचीत कर दिशा निर्देश दिए।
गोलियों की तड़तड़ाहट से फैली दहशत
शाहजहांपुर। पीडब्ल्यूडी कार्यालय यूं तो जीएफ कॉलेज के समीप स्थित है, लेकिन मुख्य मार्ग के किनारे होने से वहां अच्छी खासी भीड़भाड़ रहती है। सोमवार को दोपहर करीब डेढ़ बजे अचानक गोलियों की तड़तड़हाट से पूरा इलाका दहल गया और चारों ओर सन्नाटा पसर गया। कार्यालय के अंदर बड़ी संख्या में पुलिस बल और आला अधिकारियों की मौजूदगी होने के बावजूद वहां भी अजीब सा सन्नाटा पसरा रहा। आसपास चाय की दुकानों पर हरेक एक ही बात जानना चाहता था, कि क्या हो गया, कौन मारा गया। संवाद