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नगर निगम के चक्कर लगाने के बाद भी नहीं होता समस्या का निस्तारण
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नगर निगम कार्यालय शाहजहांपुर
- फोटो : SHAHJAHANPUR
शाहजहांपुर। नगर निगम कार्यालय के स्टाफ की कार्यशैली और भ्रष्ट आचरण की बात किसी से छिपी नहीं है। शासन की नीतियों और नगर आयुक्त संतोष कुमार शर्मा के प्रयासों से काफी बदलाव आया है, लेकिन अभी लोगों को नगर निगम से संबंधित कार्यों के लिए परेशानी का सामना ही करना पड़ता है। शहर में स्थित संपत्ति को दाखिल-खारिज कराना हो या जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाना, ऑनलाइन व्यवस्था होने के बावजूद आपको नगर निगम कार्यालय के चक्कर लगाने ही पड़ेंगे।
नहीं बनाई जा रही पुलिया की दीवार
शहर के मोहल्ला रंगीन चौपाल में नाला की दीवार को टूटे हुए महीनाभर होने जा रहा है। इसके निर्माण की मांग को लेकर मोहल्ले के ही निवासी आसिफ खान ने नगर आयुक्त को ज्ञापन भी दिया। उसके बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। आज भी नाला की दीवार टूटी पड़ी है, जोकि कभी भी हादसे का कारण बन सकती है। आसिफ ने बताया कि वह तीन हफ्तों में करीब सात बार नगर निगम गए पर अधिकारी मौजूद नहीं मिले।
दाखिल-खारिज के लिए लगाने पड़े कई चक्कर
इस्लामियां इंटर कॉलेज के शिक्षक फैसल रियाज ने बताया कि दाखिल-खारिज का काम कराने के लिए उनके अब्बा को कई बार नगर निगम कार्यालय के चक्कर लगाने पड़े। अप्रैल माह में दाखिल-खारिज के लिए आवेदन किया था। कार्यालय जाने पर बताया गया जांच आदि में समय लगता है। अभी भी उनका कार्य हो नहीं पाया है, हालांकि संबंधित कर्मचारी से संपर्क हो गया है। जल्द काम पूरा करा देने का आश्वासन दिया है।
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हाउस टैक्स जमा करने में आई समस्या
सैफ असलम ने बताया कि उनको हाउस टैक्स जमा करने का नोटिस मिला था। वह जब हाउस टैक्स जमा करने नगर निगम कार्यालय गए तो बताया गया कि संबंधित कर्मचारी आए नहीं है। दोबारा जाने पर बताया गया कि कर्मचारी दवाई लेने गए हुए हैं। तीन-चार बार चक्कर लगाने के बाद उनका हाउस टैक्स जमा हो पाया। कभी-कभी तो वहां जाकर ऐसा लगता है जैसे यहां काम करने वालों से ठेकेदारों की संख्या ज्यादा है।
जांच के बाद जमा होना चाहिए नामांतरण शुल्क, कराया जा रहा पहले
- अधिवक्ता कृष्ण कुमार सक्सेना का कहना है कि नामांतरण आवेदन पत्र ऑनलाइन या ऑफलाइन जमा हो जाने चाहिए। नगर निगम बरेली की तरह यहां भी सुविधा मिले। नामांतरण का शुल्क जांच के बाद जमा होना चाहिए, लेकिन यहां आवेदन करते समय ही जमा करा लिया जाता है। टैक्स आदि की मांग आवेदन करते समय होना गलत और गैरकानूनी व्यवस्था है। इसको लेकर आपत्ति जताए जाने के बाद भी कोई सुधार नहीं किया गया। नगर निगम में सिर्फ मनमानी हो रही है।
दाखिल-खारिज के आवेदन, टैक्स जमा करने तथा जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने के लिए ऑनलाइन आवेदन करने की व्यवस्था है। नगर निगम की वेबसाइट पर जाकर संबंधित कार्य के लिए आवेदन किया जा सकता है। इसके साथ ही शिकायत भी दर्ज करा सकते हैं। नगर निगम कार्यालय से संबंधित कार्यों के लिए एकल विंडो बनी है। जो शिकायतों प्राप्त होती है उनके निस्तारण के लिए संबंधित को निर्देशित किया जाता है। इसके बाद भी कोई समस्या है, तो उसका समाधान कराया जाएगा। - संतोष कुमार शर्मा, नगर आयुक्त, नगर निगम शाहजहांपुर।
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नहीं बनाई जा रही पुलिया की दीवार
शहर के मोहल्ला रंगीन चौपाल में नाला की दीवार को टूटे हुए महीनाभर होने जा रहा है। इसके निर्माण की मांग को लेकर मोहल्ले के ही निवासी आसिफ खान ने नगर आयुक्त को ज्ञापन भी दिया। उसके बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। आज भी नाला की दीवार टूटी पड़ी है, जोकि कभी भी हादसे का कारण बन सकती है। आसिफ ने बताया कि वह तीन हफ्तों में करीब सात बार नगर निगम गए पर अधिकारी मौजूद नहीं मिले।
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दाखिल-खारिज के लिए लगाने पड़े कई चक्कर
इस्लामियां इंटर कॉलेज के शिक्षक फैसल रियाज ने बताया कि दाखिल-खारिज का काम कराने के लिए उनके अब्बा को कई बार नगर निगम कार्यालय के चक्कर लगाने पड़े। अप्रैल माह में दाखिल-खारिज के लिए आवेदन किया था। कार्यालय जाने पर बताया गया जांच आदि में समय लगता है। अभी भी उनका कार्य हो नहीं पाया है, हालांकि संबंधित कर्मचारी से संपर्क हो गया है। जल्द काम पूरा करा देने का आश्वासन दिया है।
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हाउस टैक्स जमा करने में आई समस्या
सैफ असलम ने बताया कि उनको हाउस टैक्स जमा करने का नोटिस मिला था। वह जब हाउस टैक्स जमा करने नगर निगम कार्यालय गए तो बताया गया कि संबंधित कर्मचारी आए नहीं है। दोबारा जाने पर बताया गया कि कर्मचारी दवाई लेने गए हुए हैं। तीन-चार बार चक्कर लगाने के बाद उनका हाउस टैक्स जमा हो पाया। कभी-कभी तो वहां जाकर ऐसा लगता है जैसे यहां काम करने वालों से ठेकेदारों की संख्या ज्यादा है।
जांच के बाद जमा होना चाहिए नामांतरण शुल्क, कराया जा रहा पहले
- अधिवक्ता कृष्ण कुमार सक्सेना का कहना है कि नामांतरण आवेदन पत्र ऑनलाइन या ऑफलाइन जमा हो जाने चाहिए। नगर निगम बरेली की तरह यहां भी सुविधा मिले। नामांतरण का शुल्क जांच के बाद जमा होना चाहिए, लेकिन यहां आवेदन करते समय ही जमा करा लिया जाता है। टैक्स आदि की मांग आवेदन करते समय होना गलत और गैरकानूनी व्यवस्था है। इसको लेकर आपत्ति जताए जाने के बाद भी कोई सुधार नहीं किया गया। नगर निगम में सिर्फ मनमानी हो रही है।
दाखिल-खारिज के आवेदन, टैक्स जमा करने तथा जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने के लिए ऑनलाइन आवेदन करने की व्यवस्था है। नगर निगम की वेबसाइट पर जाकर संबंधित कार्य के लिए आवेदन किया जा सकता है। इसके साथ ही शिकायत भी दर्ज करा सकते हैं। नगर निगम कार्यालय से संबंधित कार्यों के लिए एकल विंडो बनी है। जो शिकायतों प्राप्त होती है उनके निस्तारण के लिए संबंधित को निर्देशित किया जाता है। इसके बाद भी कोई समस्या है, तो उसका समाधान कराया जाएगा। - संतोष कुमार शर्मा, नगर आयुक्त, नगर निगम शाहजहांपुर।