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Shahjahanpur News: मुनव्वर बोले थे - मोदी की मोहब्बत का कर्जदार था, तभी गया था मिलने

Tue, 16 Jan 2024 03:29 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर Updated Tue, 16 Jan 2024 03:29 AM IST
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Munavvar had said - I was indebted to Modi for his love, that's why I went to meet him.
पुवायां में 27 मई 2017 को शायर मुनव्वर राना को सम्मानित करते विधायक चेतराम और डॉ. सुधीर गुप्ता।
शाहजहांपुर/ पुवायां। अंतरराष्ट्रीय शायर मुनव्वर राना का रविवार रात इंतकाल हो गया। उनकी शाहजहांपुर से भी काफी यादें जुड़ी हुई हैं। अपनी बेबाक टिप्पणी को लेकर विवादों में रहने वाले मुनव्वर ओसीएफ रामलीला मैदान और पुवायां में कवि सम्मेलन में शिरकत करने आए थे।
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उस समय केंद्र सरकार से नाराजगी के चलते पुरस्कार वापसी का दौर चल रहा था। पुरस्कार वापस करने वालाें में मुनव्वर राना भी शामिल थे। 27 मई 2017 को पुवायां में मुशायरे में शिरकत करने मुनव्वर राणा आए थे। इस मुद्दे पर उन्होंने कहा था कि पुरस्कार वापसी करना मेरे गुस्से का इजहार था लेकिन मेरी मां के इंतकाल पर पीएम मोदी ने अपने हाथ से लिखकर सांत्वना खत भेजा था। उनकी इस मोहब्बत का कर्जदार बन गया तभी उनसे मिलने गया था। पुवायां में वर्तमान एमएलसी डॉ. सुधीर गुप्ता के आवास पर आयोजित कवि सम्मेलन में शरीक होने पर उन्होंने अमर उजाला से तमाम मुद्दों पर बातचीत भी की थी। उन्होंने देश के हालात को पहले की अपेक्षा खराब बताते हुए कहा था कि साहित्य तक दलित और हिंदू-मुस्लिम में बंट गया है। अपना साहित्य अकादमी सम्मान लौटाने पर उन्होंने कहा कि था कि देश आजाद है, लेकिन कानून अंग्रेजों के जमाने के हैं और देश के हालात से क्षुब्ध होकर ही उन्होंने सम्मान लौटाया है। डॉ. सर्वेश अस्थाना के संचालन में पपलू लखनवी, कुंवर जावेद, इकबाल अशहर, विजय तिवारी, निकहत अमरोही आदि के साथ कविता पाठ के दौरान मुनव्वर राना ने सुनाया था कि -मैं इसके नाम उठाता हूं ये ऐसा नहीं करती, ये मिट्टी मेरा हाथ को मैला नहीं करती। ये शहीदों की जमीं है जिसे हिंदुस्तान कहते हैं, ये बंजर होके भी बुजदिल कभी नहीं पैदा करती। इसके अलावा उन्होंने किसी को घर मिला हिस्से में या कोई दुकां आई, मैं घर में सबसे छोटा था मेरे हिस्से में मां आई। मैंने रोते हुए पोंछे थे किसी दिन आंसू, मुद्दतों मां ने नहीं धोया दुपट्टा अपना। इस तरह मेरे गुनाहों को वो धो देती है, मां गुस्से में होती है तो रो देती है। उन्होंने मां पर कई कविताएं सुनाकर श्रोताओं की वाहवाही पाई थी।
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बोले थे राना-मर्दों के साथ भी होता है मीटू
-ओसीएफ के कवि सम्मेलन में जब मुनव्वर राना शिरकत करने आए थे तब राजनीति से लेकर बाॅलीवुड में मीटू काे लेकर हंगामा मचा हुआ था। उस समय मुनव्वर ने बेबाक अंदाज में कहा था कि महिलाओं के साथ ही मीटू नहीं होता, बल्कि मर्दाें के साथ भी होता है। वे बोलते नहीं हैं।
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